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मुस्लिमों ने दिखाई दरियादिली
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:45 PM IST
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ग्राम बुआपुर नत्थू में आयोजित हवन में आहुति देते दोनों संप्रदाय के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नींदडू़ में धर्मस्थल के निर्माण को लेकर दो संप्रदाय के बीच करीब 50 वर्ष से चला आ रहा विवाद आपसी सहमति से भूमि दान के साथ निपट गया है। मुस्लिमों ने दरियादिली दिखाई। नींव भराई व हवन कार्यक्रम में दोनों संप्रदाय के लोगों ने भाग लेकर सांप्रदायिक सौहार्द व एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
बुआपुर नत्थू में दो समुदायों के बीच कब्रिस्तान की भूमि में चामुंडा देवी के निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। इस प्रकरण को लेकर कई बार बैठकें हुईं, किंतु कोई हल नहीं निकल सका था। यह मामला खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के मूलचंद तक पहुंचा। उन्होंने हल करने का सुझाव दिया। दोनों पक्ष तनाव नहीं चाहते थे।
मुस्लिमों ने समझदारी से काम लिया। कब्रिस्तान की जमीन में से करीब 500 वर्ग गज भूमि चामुंडा के लिए दान कर दी। इस बाबत एक लिखित समझौता हुआ, जिस पर नवनीत प्रधान, यामीन, हाजी बुंदू, मकसूद, शमीम, उदयपाल, विजयपाल, फारूक, आसिफ, शकूर व रफीक समेत काफी लोगों ने हस्ताक्षर किए। बृहस्पतिवार को सहमति के साथ 50 साल से चला आ रहा विवाद निपट गया।
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बुआपुर नत्थू में दो समुदायों के बीच कब्रिस्तान की भूमि में चामुंडा देवी के निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। इस प्रकरण को लेकर कई बार बैठकें हुईं, किंतु कोई हल नहीं निकल सका था। यह मामला खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के मूलचंद तक पहुंचा। उन्होंने हल करने का सुझाव दिया। दोनों पक्ष तनाव नहीं चाहते थे।
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मुस्लिमों ने समझदारी से काम लिया। कब्रिस्तान की जमीन में से करीब 500 वर्ग गज भूमि चामुंडा के लिए दान कर दी। इस बाबत एक लिखित समझौता हुआ, जिस पर नवनीत प्रधान, यामीन, हाजी बुंदू, मकसूद, शमीम, उदयपाल, विजयपाल, फारूक, आसिफ, शकूर व रफीक समेत काफी लोगों ने हस्ताक्षर किए। बृहस्पतिवार को सहमति के साथ 50 साल से चला आ रहा विवाद निपट गया।
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