{"_id":"58ed22ed4f1c1bc342cf4ee5","slug":"muslims-love-the-soil-of-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश की मिट्टी से प्यार करता है मुसलमान’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की मिट्टी से प्यार करता है मुसलमान’
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर मेंऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डा. कल्बे सादिक ने हजरत अली के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जब तक हम एक-दूसरे के मजहब को नहीं समझेंगे, तब तक एक-दूसरे के करीब नहीं आ सकते हैं।
इसके लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे अनिवार्य रूप से हिंदी सीखें, हिंदुओं के धर्मग्रंथों गीता, रामायण, वेद का गहराई से अध्यन कर उनको समझें।
उर्दू लिट्रेरी एंड कल्चर सोसाइटी द्वारा टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने तकरीर करते हुए कहा कि जब तक हिंदू-मुस्लिमों के बीच दूरियां नहीं मिटेंगी और दोनों संप्रदाय के लोग एक-दूसरे के मजहब को अच्छी तरह नहीं समझेंगे, तब तक न तो सौहार्द कायम होगा और न देश मजबूत होगा। जब सभी दोनों मजहबों की सच्चाई, न्याय और प्रेम के पाठ को समझ जाएंगे तो दोनों के बीच मतभेद खुद खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, सच्चाई, इंसाफ और मोहब्बत का पैगाम देता है। दूसरे मजहब भी इंसान से मोहब्बत की सीख देते हैं, फिर झगड़ा क्यों। दुनिया में हिंदुस्तान से बढ़िया मुल्क नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन फरीद अहमद व संचालन डा.सूर्यमणि रघुवंशी ने किया। संयोजक हसनैन नकवी व उरूज जैदी रहे।
विज्ञापन
इसके लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे अनिवार्य रूप से हिंदी सीखें, हिंदुओं के धर्मग्रंथों गीता, रामायण, वेद का गहराई से अध्यन कर उनको समझें।
उर्दू लिट्रेरी एंड कल्चर सोसाइटी द्वारा टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने तकरीर करते हुए कहा कि जब तक हिंदू-मुस्लिमों के बीच दूरियां नहीं मिटेंगी और दोनों संप्रदाय के लोग एक-दूसरे के मजहब को अच्छी तरह नहीं समझेंगे, तब तक न तो सौहार्द कायम होगा और न देश मजबूत होगा। जब सभी दोनों मजहबों की सच्चाई, न्याय और प्रेम के पाठ को समझ जाएंगे तो दोनों के बीच मतभेद खुद खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, सच्चाई, इंसाफ और मोहब्बत का पैगाम देता है। दूसरे मजहब भी इंसान से मोहब्बत की सीख देते हैं, फिर झगड़ा क्यों। दुनिया में हिंदुस्तान से बढ़िया मुल्क नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन फरीद अहमद व संचालन डा.सूर्यमणि रघुवंशी ने किया। संयोजक हसनैन नकवी व उरूज जैदी रहे।
विज्ञापन