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मुस्लिमों ने बंद रखे प्रतिष्ठान
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शेरकोट में पुलिस अधिकारी को ज्ञापन देते मुस्लिम समाज के लोग।
- फोटो : DHAMPUR
मुस्लिमों ने बंद रखे प्रतिष्ठान
नूरपुर/राजा का ताजपुर। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मुसलमानों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमीयतुल उलमा-ए-हिन्द के आह्वान पर नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में बुध बाजार स्थित मदरसा मेराजुल उलूम सय्यदों वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए। वक्ताओं ने नागरिकता संशोधन बिल को संविधान विरोधी बताते हुए इस बिल की निंदा की। बिल को सरकार से वापस लेने की मांग की। बिल को धर्म के आधार पर देश को बांटने वाला बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 में हर व्यक्ति को समानता दी गई है। कहा कि संसद के दोनों सदनों में पारित यह विधेयक संविधान की भावना और उसकी मूल संरचना का उल्लंघन करता है। बिल का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को चांदपुर घनश्याम वर्मा को सौंपा गया। इस अवसर पर जमीयतुल उलमा-ए- हिन्द के नगर अध्यक्ष मौलाना अबरार कासमी, हाफिज मुकीम फरीदी, कारी सईदुर्रहमान, कारी रईसुद्दीन, कारी अब्दुल वाहिद, काजी इदरीश अहमद, राशिद मंसूरी, तसलीम अहमद, असलम मलिक, शाहनवाज मलिक, इलियास मिकरानी, हाजी अजीमुद्दीन, हाजी सुलेमान, हाजी जमील अहमद, शकील चौधरी, महबूब इदरीसी, अकरम जमील आदि मौजूद रहे।
राजा का ताजपुर में भी नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मुसलमानों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध किया। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर, काले झंडे लेकर चौक बाजार पहुंचकर विरोध जताया। सदर मौलाना आकिल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप निरीक्षक विनोद कुमार को सौंपा। मुफ्ती मौलाना नसीम अहमद, इसरार अहमद, मुजाहिद अहमद, निसार अहमद, अनीस अहमद, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।
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नूरपुर/राजा का ताजपुर। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मुसलमानों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमीयतुल उलमा-ए-हिन्द के आह्वान पर नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में बुध बाजार स्थित मदरसा मेराजुल उलूम सय्यदों वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए। वक्ताओं ने नागरिकता संशोधन बिल को संविधान विरोधी बताते हुए इस बिल की निंदा की। बिल को सरकार से वापस लेने की मांग की। बिल को धर्म के आधार पर देश को बांटने वाला बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 में हर व्यक्ति को समानता दी गई है। कहा कि संसद के दोनों सदनों में पारित यह विधेयक संविधान की भावना और उसकी मूल संरचना का उल्लंघन करता है। बिल का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को चांदपुर घनश्याम वर्मा को सौंपा गया। इस अवसर पर जमीयतुल उलमा-ए- हिन्द के नगर अध्यक्ष मौलाना अबरार कासमी, हाफिज मुकीम फरीदी, कारी सईदुर्रहमान, कारी रईसुद्दीन, कारी अब्दुल वाहिद, काजी इदरीश अहमद, राशिद मंसूरी, तसलीम अहमद, असलम मलिक, शाहनवाज मलिक, इलियास मिकरानी, हाजी अजीमुद्दीन, हाजी सुलेमान, हाजी जमील अहमद, शकील चौधरी, महबूब इदरीसी, अकरम जमील आदि मौजूद रहे।
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राजा का ताजपुर में भी नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मुसलमानों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध किया। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर, काले झंडे लेकर चौक बाजार पहुंचकर विरोध जताया। सदर मौलाना आकिल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप निरीक्षक विनोद कुमार को सौंपा। मुफ्ती मौलाना नसीम अहमद, इसरार अहमद, मुजाहिद अहमद, निसार अहमद, अनीस अहमद, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।
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