रेशम की डोर से टूटी मजहब की दीवार: मुस्लिम बहनों ने भी मनाया रक्षाबंधन, भाइयों को राखी बांधने पहुंची कारागार
बिजनौर जनपद में जेल की सलाखों के बीच रेशम की डोर से मजहब की दीवार टूटती नजर आई। यहां मुस्लिम बहनों ने भी जेल में बंद भाइयों से मुलाकात कर उनकी कलाई पर राखी बांधी।
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बिजनौर जनपद में जेल की सलाखों के बीच रेशम की डोर से मजहब की दीवार टूटती नजर आई। दरअसल तमाम मुस्लिम बहनों ने भी जेल में बंद भाइयों से मुलाकात कर उनकी कलाई पर राखी बांधी।
रक्षाबंधन पर जिला कारागार में विशेष इंतजाम किए गए। मुलाकात का समय बढ़ाते हुए सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक किया गया। जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को उनके भाईयों से मिलने और रक्षाबंधन मनाने का मौका मिल सके।
सोमवार को जेल में बंद 488 बंदियों से मुलाकात करने के लिए 866 बहनें पहुंची। जिन्होंने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मंगल तिलक किया। उधर जेल में बंद 13 महिलाओं से मिलने के लिए उनके भाई पहुंचे। जिन्होंने जेल में ही अपनी बहनों से राखी बंधवाई। इसके अलावा जेल में एक अलग नजारा भी नजर आया।
जहां कई मुस्लिम महिलाएं और युवतियां अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधते हुए नजर आईं। जिन्होंने यह साबित कर दिया कि भाई और बहन के प्रेम के बीच धर्म बाधा नहीं बन सकता। जेलर रविंद्र नाथ ने बताया कि रक्षाबंधन पर जलपान की व्यवस्था भी की गई।
मुलाकात का समय भी बढ़ाया गया था। कई मुस्लिम बंदियों से भी उनकी बहनों ने मुलाकात करते हुए राखी बांधी है।