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ब्याज सहित मांगा गन्ना भुगतान, कलक्ट्रेट में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:35 AM IST
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प्रदर्शनी मैदान में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में ब्याज सहित गन्ना भुगतान कराने सहित अनेक मांगों को लेकर भाकियू के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट में आंदोलन किया। किसान थाली व गिलास लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और समस्याओं के निस्तारण की मांग की। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
सोमवार को किसान गन्ना समिति कार्यालय पर एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कलक्ट्रेट में ट्रैक्टर पर लाउड स्पीकर लगाकर सभा शुरू कर दी और ट्राली को मंच बना दिया। सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों ने जमकर हमला बोला। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को किसानों और जवानों से कोई सरोकार नहीं है। जिले के गांव फतेहपुर कलां का लाल असम में शहीद हुआ तो अधिकारी उसका अंतिम संस्कार होने के बाद गांव पहुंचे।
किसानों के साथ भी यही किया जा रहा है। जब तक किसान आंदोलन न करे उसकी कोई सुनता नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार भी किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चकबंदी और तहसीलों में किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। कुलदीप सिंह ने कहा कि किसानों को गन्ना भुगतान ब्याज सहित मिलना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि नजीबाबाद में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
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ये हैं किसानों की मांग
- बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित मिले।
- बिजनौर, चांदपुर मिल का मरम्मत कार्य जल्दी शुरू हो।
- जर्जर विद्युत लाइन व ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदले जाएं।
- तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म हो।
- सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की व्यवस्था हो।
- एनएच 74 में अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा मिले।
- नहरों की टेल तक पानी पहुंचाएं।
- कोऑपरेटिव समितियों के लाभांश से किसानों को जोड़ा जाए।
- चकबंदी प्रक्रियाओं को अविलंब निपटाया जाए।
- नजीबाबाद शुगर मिल की क्षमता वृद्धि हो।
पॉलीथिन का प्रयोग न करने का आह्वान
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने किसानों से पॉलीथिन का प्रयोग न करने का आह्वान किया था। आंदोलन में आने वाले किसानों से खाना खाने के लिए प्लेट, गिलास लेकर आने को कहा गया था। किसानों के कलक्ट्रेट पहुंचने के बाद देर से आए कुछ ट्रैक्टर सिविल लाइन चौकी पर रोक लिया गया। इससे किसानों में रोष फैल गया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की बैरीकेटिंग तोड़कर ट्रैक्टर अंदर ले आएं। किसानों के तेवर देखकर पुलिस बैकफुट पर आ गई और ट्रैक्टरों को जाने दिया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की डीएम के साथ पांच बजे बैठक हुई। डीएम ने शत प्रतिशत गन्ना भुगतान 15 दिन में कराने का आश्वासन दिया, जबकि डीसीओ ने चार महीने में गन्ना भुगतान दिलाने की बात कही।
किसानों ने बिजलीघर पर जेई को बनाया बंधक
हल्दौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने पैजनियां बिजलीघर में फुंके दस एमवीए के एक ट्रांसफार्मर के कई दिन बाद भी न बदले जाने पर बिजलीघर पर जमकर हंगामा किया। किसानों ने जेई को जमकर खरी खोटी सुनाई और अपने बीच बंधक बनाकर बैठा लिया।
गांव पैजनियां बिजलीघर में पांच दिन पूर्व अधिक भार होने के कारण शार्ट सर्किट होकर भीषण आग लग गई थी। इस अग्निकांड में बिजलीघर में रखे दस एमवीए के दो ट्रांसफार्मर फूूंक गए थे। इससे 50 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। अफसरों ने एक ट्रांसफार्मर को ठीक करा लिया, जबकि दूसरे की मरम्मत की जा रही है। 25 गांवों में अब भी बिजली आपूर्ति नहीं शुरू हुई है। सोमवार सुबह दस बजे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव कैलाश लांबा की अगुवाई में किसान बिजलीघर पहुंचे और हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों की जेई सत्यप्रकाश से तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने करीब साढ़े दस बजे जेई को बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया। संगठन जिला अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू ने बिजलीघर के जेई पर लापरवाही बरतने आरोप लगाया। उनका कहना है था कि यदि जेई कर्मठता के साथ अपने कार्य को करते तो बिजलीघर में अग्निकांड होकर क्षेत्र की बिजली गुल न होती। किसानों ने जेई को करीब छह घंटे धरना स्थल से उठने नहीं दिया। करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे निगम के एसडीओ संदीप कुमार ने भड़के किसानों को उनकी समस्या महज तीन दिन के भीतर समाधान कराने का लिखित आश्वासन दिया। एसडीओ के आश्वासन किसानों शांत हो गए और जेई को बंधक मुक्त कर धरना समाप्त कर दिया। धरने की अध्यक्षता भीम सिंह व संचालन मानसिंह ने किया। धरने में शकील अहमद, वेदप्रकाश सिंह, जिला पंचायत सदस्य डा. कमलवीर सिंह, अनवर हुसैन, अंकुर चौधरी, राजीव कुमार, प्रधान संघ के हल्दौर ब्लॉक अध्यक्ष देशराज सिंह, मान सिंह, सुमेर सिंह, सुनील कुमार, सत्यपाल सिंह, टीकम सिंह आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को किसान गन्ना समिति कार्यालय पर एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कलक्ट्रेट में ट्रैक्टर पर लाउड स्पीकर लगाकर सभा शुरू कर दी और ट्राली को मंच बना दिया। सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों ने जमकर हमला बोला। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को किसानों और जवानों से कोई सरोकार नहीं है। जिले के गांव फतेहपुर कलां का लाल असम में शहीद हुआ तो अधिकारी उसका अंतिम संस्कार होने के बाद गांव पहुंचे।
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किसानों के साथ भी यही किया जा रहा है। जब तक किसान आंदोलन न करे उसकी कोई सुनता नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार भी किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चकबंदी और तहसीलों में किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। कुलदीप सिंह ने कहा कि किसानों को गन्ना भुगतान ब्याज सहित मिलना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि नजीबाबाद में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
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ये हैं किसानों की मांग
- बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित मिले।
- बिजनौर, चांदपुर मिल का मरम्मत कार्य जल्दी शुरू हो।
- जर्जर विद्युत लाइन व ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदले जाएं।
- तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म हो।
- सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की व्यवस्था हो।
- एनएच 74 में अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा मिले।
- नहरों की टेल तक पानी पहुंचाएं।
- कोऑपरेटिव समितियों के लाभांश से किसानों को जोड़ा जाए।
- चकबंदी प्रक्रियाओं को अविलंब निपटाया जाए।
- नजीबाबाद शुगर मिल की क्षमता वृद्धि हो।
पॉलीथिन का प्रयोग न करने का आह्वान
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने किसानों से पॉलीथिन का प्रयोग न करने का आह्वान किया था। आंदोलन में आने वाले किसानों से खाना खाने के लिए प्लेट, गिलास लेकर आने को कहा गया था। किसानों के कलक्ट्रेट पहुंचने के बाद देर से आए कुछ ट्रैक्टर सिविल लाइन चौकी पर रोक लिया गया। इससे किसानों में रोष फैल गया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की बैरीकेटिंग तोड़कर ट्रैक्टर अंदर ले आएं। किसानों के तेवर देखकर पुलिस बैकफुट पर आ गई और ट्रैक्टरों को जाने दिया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की डीएम के साथ पांच बजे बैठक हुई। डीएम ने शत प्रतिशत गन्ना भुगतान 15 दिन में कराने का आश्वासन दिया, जबकि डीसीओ ने चार महीने में गन्ना भुगतान दिलाने की बात कही।
किसानों ने बिजलीघर पर जेई को बनाया बंधक
हल्दौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने पैजनियां बिजलीघर में फुंके दस एमवीए के एक ट्रांसफार्मर के कई दिन बाद भी न बदले जाने पर बिजलीघर पर जमकर हंगामा किया। किसानों ने जेई को जमकर खरी खोटी सुनाई और अपने बीच बंधक बनाकर बैठा लिया।
गांव पैजनियां बिजलीघर में पांच दिन पूर्व अधिक भार होने के कारण शार्ट सर्किट होकर भीषण आग लग गई थी। इस अग्निकांड में बिजलीघर में रखे दस एमवीए के दो ट्रांसफार्मर फूूंक गए थे। इससे 50 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। अफसरों ने एक ट्रांसफार्मर को ठीक करा लिया, जबकि दूसरे की मरम्मत की जा रही है। 25 गांवों में अब भी बिजली आपूर्ति नहीं शुरू हुई है। सोमवार सुबह दस बजे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव कैलाश लांबा की अगुवाई में किसान बिजलीघर पहुंचे और हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों की जेई सत्यप्रकाश से तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने करीब साढ़े दस बजे जेई को बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया। संगठन जिला अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू ने बिजलीघर के जेई पर लापरवाही बरतने आरोप लगाया। उनका कहना है था कि यदि जेई कर्मठता के साथ अपने कार्य को करते तो बिजलीघर में अग्निकांड होकर क्षेत्र की बिजली गुल न होती। किसानों ने जेई को करीब छह घंटे धरना स्थल से उठने नहीं दिया। करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे निगम के एसडीओ संदीप कुमार ने भड़के किसानों को उनकी समस्या महज तीन दिन के भीतर समाधान कराने का लिखित आश्वासन दिया। एसडीओ के आश्वासन किसानों शांत हो गए और जेई को बंधक मुक्त कर धरना समाप्त कर दिया। धरने की अध्यक्षता भीम सिंह व संचालन मानसिंह ने किया। धरने में शकील अहमद, वेदप्रकाश सिंह, जिला पंचायत सदस्य डा. कमलवीर सिंह, अनवर हुसैन, अंकुर चौधरी, राजीव कुमार, प्रधान संघ के हल्दौर ब्लॉक अध्यक्ष देशराज सिंह, मान सिंह, सुमेर सिंह, सुनील कुमार, सत्यपाल सिंह, टीकम सिंह आदि मौजूद रहे।