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धामपुर: सांसद ने अनुसूचित जाति, जनजाति की आय सीमा के मुद्दे को लोकसभा में उठाया
Fri, 11 Aug 2023 11:24 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:24 PM IST
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गिरीशचंद्र सांसद बसपा नगीना लोकसभा क्षेत्र । स्त्रोत सांसद प्रतिनिधि
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने अनुसूचित जाति व जनजाति से मामले को लोकसभा में उठाया।
उन्होंने कहा कि जब सवर्ण समाज की वार्षिक आय सीमा आठ लाख रखी गई थी। उसी तरह एससी-एसटी वर्गों के विकास से संबंधित आय सीमा आठ लाख वार्षिक ही कर देनी चाहिए। उन्होंने एससी-एसटी वर्गों के विकास में बाधा बनी आय सीमा को तुरंत भारत सरकार की सभी योजनाओं से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के कर्णधार नेताओं ने दलित समाज को आजादी मिलने के 10 सालों के अंदर उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के द्वारा सामान्य वर्गों के बराबर लाने का वायदा किया था। परंतु आज आय सीमा का बंधन लगा एससी-एसटी वर्ग के विकास कार्यों में बाधा डाल दी गई है। आज केवल पांच प्रतिशत लोगों की ही स्थिति सुधर पाई है। जबकि 95 प्रतिशत लोग आज भी दो समय का भोजन जुटाने की स्थिति में नहीं है।
सवर्ण समाज के लिए आय सीमा आठ लाख रुपये और एससी-एसटी वर्गों के लिए आय सीमा तीन लाख है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी आय सीमा के कारण किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकते। उन्होंने एससी-एसटी वर्गों के विकास में बाधा बनी आय सीमा को तुरंत भारत सरकार की सभी योजनाओं से हटाने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि जब सवर्ण समाज की वार्षिक आय सीमा आठ लाख रखी गई थी। उसी तरह एससी-एसटी वर्गों के विकास से संबंधित आय सीमा आठ लाख वार्षिक ही कर देनी चाहिए। उन्होंने एससी-एसटी वर्गों के विकास में बाधा बनी आय सीमा को तुरंत भारत सरकार की सभी योजनाओं से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के कर्णधार नेताओं ने दलित समाज को आजादी मिलने के 10 सालों के अंदर उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के द्वारा सामान्य वर्गों के बराबर लाने का वायदा किया था। परंतु आज आय सीमा का बंधन लगा एससी-एसटी वर्ग के विकास कार्यों में बाधा डाल दी गई है। आज केवल पांच प्रतिशत लोगों की ही स्थिति सुधर पाई है। जबकि 95 प्रतिशत लोग आज भी दो समय का भोजन जुटाने की स्थिति में नहीं है।
सवर्ण समाज के लिए आय सीमा आठ लाख रुपये और एससी-एसटी वर्गों के लिए आय सीमा तीन लाख है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी आय सीमा के कारण किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकते। उन्होंने एससी-एसटी वर्गों के विकास में बाधा बनी आय सीमा को तुरंत भारत सरकार की सभी योजनाओं से हटाने की मांग की है।
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