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Bijnor News: संस्कारवान पीढ़ी देने में मां की भूमिका अहम
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नजीबाबाद। गायत्री शक्तिपीठ साधकों ने आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी कार्यशाला में समाज को संस्कारवान पीढ़ी देने में गर्भस्थ महिला की भूमिका पर चर्चा की।
गायत्री शक्तिपीठ के जोनल कार्यालय पर कार्यशाला में मुख्य वक्ता गायत्री परिवार के व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि समाज को संस्कारवान पीढ़ी महिला देती है। महिला के गर्भ से ही शिशु में संस्कार जन्म लेते हैं। वीर अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ने की विद्या गर्भ में ही प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्णित षोडश संस्कारों का प्रथम संस्कार पुंसवन संस्कार है। यह तीन से चार माह की गर्भवती को किया जाता है। उन्होंने कहा कि मां के प्रत्येक क्रियाकलाप का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। शिशु की प्रथम गुरु मां होती है। इसीलिए आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी कार्यक्रम शांतिकुंज द्वारा संचालित किया गया है। डॉ. दीपक कुमार ने संस्कारवान पीढ़ी के लिए गर्भस्थ महिला को तनाव मुक्त रहकर रामायण और भागवत पाठ करने, गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का अधिक से अधिक जप करने की सलाह दी। गायत्री परिवार के आयोजन में भाजपा की पूर्व क्षेत्रीय मंत्री लीना सिंघल ने गायत्री माता की आरती की। कार्यक्रम में सुमन वर्मा, विभा माहेश्वरी, प्रभा राजपूत पुष्पा शर्मा, मृदुला चौहान, कामेश शर्मा, सत्यपाल, निशांत आदि ने दीप यज्ञ में भाग लिया। समापन पर गायत्री साधकों ने नेपाल में आई जल प्रलय त्रासदी के मृतकों की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की।
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गायत्री शक्तिपीठ के जोनल कार्यालय पर कार्यशाला में मुख्य वक्ता गायत्री परिवार के व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि समाज को संस्कारवान पीढ़ी महिला देती है। महिला के गर्भ से ही शिशु में संस्कार जन्म लेते हैं। वीर अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ने की विद्या गर्भ में ही प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्णित षोडश संस्कारों का प्रथम संस्कार पुंसवन संस्कार है। यह तीन से चार माह की गर्भवती को किया जाता है। उन्होंने कहा कि मां के प्रत्येक क्रियाकलाप का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। शिशु की प्रथम गुरु मां होती है। इसीलिए आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी कार्यक्रम शांतिकुंज द्वारा संचालित किया गया है। डॉ. दीपक कुमार ने संस्कारवान पीढ़ी के लिए गर्भस्थ महिला को तनाव मुक्त रहकर रामायण और भागवत पाठ करने, गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का अधिक से अधिक जप करने की सलाह दी। गायत्री परिवार के आयोजन में भाजपा की पूर्व क्षेत्रीय मंत्री लीना सिंघल ने गायत्री माता की आरती की। कार्यक्रम में सुमन वर्मा, विभा माहेश्वरी, प्रभा राजपूत पुष्पा शर्मा, मृदुला चौहान, कामेश शर्मा, सत्यपाल, निशांत आदि ने दीप यज्ञ में भाग लिया। समापन पर गायत्री साधकों ने नेपाल में आई जल प्रलय त्रासदी के मृतकों की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की।