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बिजनौर : अधिकांश प्राइवेट अस्पताल खुद बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज
Mon, 26 Apr 2021 11:28 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Apr 2021 11:28 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : pixabay
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में धामपुर के अधिकांश प्राइवेट अस्पतालों के प्रबंधकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण उनके अस्पतालों में कार्यरत स्टॉफ में से 60 प्रतिशत से ज्यादा स्टाफ संक्रमित हैं। बुखार, जुखाम, खांसी से पीड़ित है। स्टाफ के बीमार होने से उन्हें डॉक्टरों ने होम आइसोलेट रहकर उपचार करने का सुझाव दिया है। ऐसे में अस्पतालों में ठीक से मरीजों की देखभाल नहीं हो पा रही है।
नगर के कई अस्पतालों के डाक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके अस्पतालों का करीब 60 प्रतिशत से अधिक स्टाफ बीमार है। सभी होम आइसोलेट हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है। बाकी बचे स्टाफ की भी यही हालत है। जब बुखार महसूस करते हैं तो दवा खाकर कुछ देर के लिए आराम कर लेते हैं।
उधर लोगों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति खुद बीमार हो गई है तो मरीजों का ठीक से उपचार कहां और कैसे हो। सरकारी अस्पतालों में तो केवल भवन है। लेकिन वहां पर न तो दवाई है, न ही बेड, न स्टाफ और न ही जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन है।
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नगर क्षेत्र के नरेश कुमार, करन सिंह, भूदेव सिंह का कहना है कि वह तीन दिन से ऑक्सीजन के लिए धामपुर में एसडीएम से लेकर बिजनौर में सीएमओ कार्यालय तक के चक्कर लगा चुके हैं। पर उनकी मदद नहीं हुई।
धामपुर के सभी गैस डिपो ऑक्सीजन से खाली पड़े हैं। वहां साफ तौर पर निर्देश है कि सीएमओ के बगैर परमिशन के किसी भी को ऑक्सीजन न दी जाए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक राणा खुद संक्रमित होने से वे किसी से संपर्क नहीं कर रहे हैं।
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नगर के कई अस्पतालों के डाक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके अस्पतालों का करीब 60 प्रतिशत से अधिक स्टाफ बीमार है। सभी होम आइसोलेट हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है। बाकी बचे स्टाफ की भी यही हालत है। जब बुखार महसूस करते हैं तो दवा खाकर कुछ देर के लिए आराम कर लेते हैं।
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उधर लोगों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति खुद बीमार हो गई है तो मरीजों का ठीक से उपचार कहां और कैसे हो। सरकारी अस्पतालों में तो केवल भवन है। लेकिन वहां पर न तो दवाई है, न ही बेड, न स्टाफ और न ही जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन है।
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नगर क्षेत्र के नरेश कुमार, करन सिंह, भूदेव सिंह का कहना है कि वह तीन दिन से ऑक्सीजन के लिए धामपुर में एसडीएम से लेकर बिजनौर में सीएमओ कार्यालय तक के चक्कर लगा चुके हैं। पर उनकी मदद नहीं हुई।
धामपुर के सभी गैस डिपो ऑक्सीजन से खाली पड़े हैं। वहां साफ तौर पर निर्देश है कि सीएमओ के बगैर परमिशन के किसी भी को ऑक्सीजन न दी जाए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक राणा खुद संक्रमित होने से वे किसी से संपर्क नहीं कर रहे हैं।