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स्थानांतरण नीति से बाहर हो गए अधिकांश संविदाकर्मी
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स्थानांतरण नीति से बाहर हो गए अधिकांश संविदाकर्मी
धामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने स्थानांतरण नीति में संविदा पर कार्यरत चालक-परिचालकों के परस्पर स्थानांतरण किए जाने के साथ तीन शर्तें भी लगाई हैं। ये शर्तें ऐसी हैं कि अधिकांश चालक परिचालक स्थानांतरण नीति के दायरे में नहीं आएंगे और उनका स्थानातंरण नहीं हो पाएगा। इससे कर्मचारियों में रोष है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थानांतरण नीति का लाभ निगम के संविदा पर कार्यरत 90 प्रतिशत चालकों और परिचालकों को नहीं मिल पाएगा। बिजनौर में चार डिपों धामपुर, चांदपुर, नजीबाबाद नूरपुर और बिजनौर है। इन सभी डिपो पर मिलाकर करीब 500 से अधिक चालक परिचालक संविदा पर कार्यरत हैं। अधिकांश पूर्वांचल जिलों के है। जबकि पूर्वांचल जिलों में पश्चिम जिलों के कर्मचारियों की संख्या दो चार प्रतिशत है। ऐसे में पूर्वांचल से कोई पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थानांतरण नहीं चाहेगा और इधर से किसी का स्थानांतरण नहीं हो पाएगा। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ धामपुर के महामंत्री राजकुमार सिंह सरकार कर्मचारियों के साथ बरगला रही है। शर्त इतनी सख्त और जटिल है कि उससे कर्मचारियों को कोई लाभ होने वाली नहीं है।
यह होगी शर्ते
चालक परिचालकों ने बताया कि पहली शर्त है कि संविदा चालक परिचालक सेवाकाल पांच साल का हो। दूसरी शर्त यह है कि वह अपने माता-पिता के बीमार होने का सीएमओ द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। तीसरी शर्त यह है कि इनका स्थानांतरण परस्पर होगा, यानी इधर से किसी का स्थानांतरण होगा तो उधर से किसी का इधर स्थानांतरण होगा।
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मुख्यालय के आदेश का पालन होगा
एआरएम एलके त्रिवेदी का कहना है कि जो निगम मुख्यालय का आदेश होगा। वह कड़ाई से पालन कराएंगे। आदेशों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
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धामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने स्थानांतरण नीति में संविदा पर कार्यरत चालक-परिचालकों के परस्पर स्थानांतरण किए जाने के साथ तीन शर्तें भी लगाई हैं। ये शर्तें ऐसी हैं कि अधिकांश चालक परिचालक स्थानांतरण नीति के दायरे में नहीं आएंगे और उनका स्थानातंरण नहीं हो पाएगा। इससे कर्मचारियों में रोष है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थानांतरण नीति का लाभ निगम के संविदा पर कार्यरत 90 प्रतिशत चालकों और परिचालकों को नहीं मिल पाएगा। बिजनौर में चार डिपों धामपुर, चांदपुर, नजीबाबाद नूरपुर और बिजनौर है। इन सभी डिपो पर मिलाकर करीब 500 से अधिक चालक परिचालक संविदा पर कार्यरत हैं। अधिकांश पूर्वांचल जिलों के है। जबकि पूर्वांचल जिलों में पश्चिम जिलों के कर्मचारियों की संख्या दो चार प्रतिशत है। ऐसे में पूर्वांचल से कोई पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थानांतरण नहीं चाहेगा और इधर से किसी का स्थानांतरण नहीं हो पाएगा। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ धामपुर के महामंत्री राजकुमार सिंह सरकार कर्मचारियों के साथ बरगला रही है। शर्त इतनी सख्त और जटिल है कि उससे कर्मचारियों को कोई लाभ होने वाली नहीं है।
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यह होगी शर्ते
चालक परिचालकों ने बताया कि पहली शर्त है कि संविदा चालक परिचालक सेवाकाल पांच साल का हो। दूसरी शर्त यह है कि वह अपने माता-पिता के बीमार होने का सीएमओ द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। तीसरी शर्त यह है कि इनका स्थानांतरण परस्पर होगा, यानी इधर से किसी का स्थानांतरण होगा तो उधर से किसी का इधर स्थानांतरण होगा।
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मुख्यालय के आदेश का पालन होगा
एआरएम एलके त्रिवेदी का कहना है कि जो निगम मुख्यालय का आदेश होगा। वह कड़ाई से पालन कराएंगे। आदेशों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।