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दस हजार से ज्यादा किसान सम्मान निधि से वंचित
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दस हजार से ज्यादा किसान सम्मान निधि से वंचित
बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को चले दो साल से अधिक समय होने के बाद भी दस हजार से अधिक किसानों को किस्त अब तक नहीं मिली है। किसानों के आधार कार्ड व बैंक में नाम की स्पेलिंग में अंतर होने की वजह से ऐसा हुआ है। अब इन किसानों के पंजीकरण में संशोधन कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब तक जिले में तीन लाख 52 हजार से ज्यादा किसानों को किस्त मिल चुकी है। इससे अधिक पंजीकरण कृषि विभाग के पोर्टल पर हैं। जिन किसानों को किसी वजह से किस्त नहीं मिल पाती, उनके पंजीकरण में संशोधन किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। लेकिन कई बार आधार कार्ड और बैंक की पासबुक में नाम में अंतर होता है। जैसे किसी किसान का नाम बैंक में मोहनलाल सिंह है तो उसका नाम आधार कार्ड आदि में मोहन लाल या मोहन सिंह दर्ज कर दिया गया है। ऐसे में आधार नंबर व बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग में अंतर है तो उसके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं पहुंचती। जिले में दस हजार से अधिक किसान हैं, जिनके नाम की स्पेलिंग में अंतर होने की वजह से सम्मान निधि नहीं मिल रही है। अब ऐसे किसानों के पंजीकरण में संशोधन के लिए सभी ब्लॉक के राजकीय कृषि बीज गोदाम पर एक से तीन मार्च तक कैंप लगाए जाएंगे।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। जिन किसानों के नाम की स्पेलिंग में अंतर है, उसके संशोधन के लिए तीन दिन का कैंप लगाया जा रहा है। किसानों कैंप में आकर संशोधन कराएं।
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बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को चले दो साल से अधिक समय होने के बाद भी दस हजार से अधिक किसानों को किस्त अब तक नहीं मिली है। किसानों के आधार कार्ड व बैंक में नाम की स्पेलिंग में अंतर होने की वजह से ऐसा हुआ है। अब इन किसानों के पंजीकरण में संशोधन कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब तक जिले में तीन लाख 52 हजार से ज्यादा किसानों को किस्त मिल चुकी है। इससे अधिक पंजीकरण कृषि विभाग के पोर्टल पर हैं। जिन किसानों को किसी वजह से किस्त नहीं मिल पाती, उनके पंजीकरण में संशोधन किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। लेकिन कई बार आधार कार्ड और बैंक की पासबुक में नाम में अंतर होता है। जैसे किसी किसान का नाम बैंक में मोहनलाल सिंह है तो उसका नाम आधार कार्ड आदि में मोहन लाल या मोहन सिंह दर्ज कर दिया गया है। ऐसे में आधार नंबर व बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग में अंतर है तो उसके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं पहुंचती। जिले में दस हजार से अधिक किसान हैं, जिनके नाम की स्पेलिंग में अंतर होने की वजह से सम्मान निधि नहीं मिल रही है। अब ऐसे किसानों के पंजीकरण में संशोधन के लिए सभी ब्लॉक के राजकीय कृषि बीज गोदाम पर एक से तीन मार्च तक कैंप लगाए जाएंगे।
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जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। जिन किसानों के नाम की स्पेलिंग में अंतर है, उसके संशोधन के लिए तीन दिन का कैंप लगाया जा रहा है। किसानों कैंप में आकर संशोधन कराएं।
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