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Bijnor News: 98 सहकारी समितियों में चुने जाएंगे 800 से अधिक संचालक
Thu, 09 Mar 2023 11:17 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 09 Mar 2023 11:17 PM IST
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बिजनौर। सहकारी समितियों के निर्वाचन की प्रक्रिया दो दिन बाद शुरू हैं। गांवों में चुनाव को लेकर सक्रियता तेज हो गई है। चुनाव के प्रथम चरण में 800 से अधिक संचालक चुने जाएंगे। संचालक पदों के दावेदार चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं।
जिले में 94 प्रारंभिक सहकारी ऋण समितियों, 01 अध्यापक वेतन भोगी सहकारी समिति तथा 03 मत्स्य पालन सहकारी समिति के लिए 11 मार्च को अंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। इसी के साथ संचालक पदों के दावेदार सक्रिय हो गए हैं। दावेदार अपने पक्ष के मतदाताओं का गणित लगाने में लगे हैं।
882 संचालकों का होना है चुनाव
98 सहकारी समितियों में संचालक का चुनाव है। हर समिति से नौ-नौ संचालक चुने जाने है। इस प्रकार कुल 882 संचालक चुने जाने है। जिले की 98 सहकारी समितियों के क्षेत्र में करीब 2500 गांव है। एक संचालक के चुनाव क्षेत्र में चार से पांच गांव शामिल हैं। हर चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या समिति की सदस्य संख्या से निर्धारित है। मतदाता सूची तैयार हो रही है। चुनाव में करीब 100000 मतदाताओं के प्रतिभाग करने का अनुमान है। मतदाताओं की फाइनल संख्या अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद स्पष्ट होगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 13 मार्च को है।
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इसलिए महत्वपूर्ण है संचालकों का चुनाव
सहकारी समितियों के संचालकों का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि संचालक ही समितियों के सभापति अर्थात चेयरमेन, उप सभापति अर्थात वाइस चेयरमैन के चुनाव में मतदान करते हैं। साथ ही समिति से संबद्ध विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मंडल का चयन करते हैं। चुनाव में सहकारी बैंक, सहकारी संघ, क्रम विक्रय सहकारी समिति अर्थात मार्केटिंग, आपको, कृभको,पीसीएफ, पईसईयू आदि को प्रतिनिधि मंडल अर्थात डेलीगेशन भेजे जाते हैं।
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जिले में 94 प्रारंभिक सहकारी ऋण समितियों, 01 अध्यापक वेतन भोगी सहकारी समिति तथा 03 मत्स्य पालन सहकारी समिति के लिए 11 मार्च को अंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। इसी के साथ संचालक पदों के दावेदार सक्रिय हो गए हैं। दावेदार अपने पक्ष के मतदाताओं का गणित लगाने में लगे हैं।
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882 संचालकों का होना है चुनाव
98 सहकारी समितियों में संचालक का चुनाव है। हर समिति से नौ-नौ संचालक चुने जाने है। इस प्रकार कुल 882 संचालक चुने जाने है। जिले की 98 सहकारी समितियों के क्षेत्र में करीब 2500 गांव है। एक संचालक के चुनाव क्षेत्र में चार से पांच गांव शामिल हैं। हर चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या समिति की सदस्य संख्या से निर्धारित है। मतदाता सूची तैयार हो रही है। चुनाव में करीब 100000 मतदाताओं के प्रतिभाग करने का अनुमान है। मतदाताओं की फाइनल संख्या अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद स्पष्ट होगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 13 मार्च को है।
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इसलिए महत्वपूर्ण है संचालकों का चुनाव
सहकारी समितियों के संचालकों का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि संचालक ही समितियों के सभापति अर्थात चेयरमेन, उप सभापति अर्थात वाइस चेयरमैन के चुनाव में मतदान करते हैं। साथ ही समिति से संबद्ध विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मंडल का चयन करते हैं। चुनाव में सहकारी बैंक, सहकारी संघ, क्रम विक्रय सहकारी समिति अर्थात मार्केटिंग, आपको, कृभको,पीसीएफ, पईसईयू आदि को प्रतिनिधि मंडल अर्थात डेलीगेशन भेजे जाते हैं।