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दूसरी दुकानों से राशन ले रहे हैं 400 से अधिक परिवार
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दूसरी दुकानों से राशन ले रहे 400 से अधिक परिवार
बिजनौर। अब राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को केवल अपने मोहल्ले के ही दुकानदार पर राशन के लिए निर्भर नहीं रह गए हैं। जिले के उपभोक्ता अपने मोहल्ले के अलावा दूसरी दुकानों से भी राशन लेने लगे हैं। 400 से ज्यादा उपभोक्ता ऐसा कर रहे हैं। यह संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है।
जिले में करीब छह लाख परिवारों को सस्ते गल्ले से राशन मिलता है। पहले नियम था कि उपभोक्ता जिस दुकान से राशन कार्ड बनवाता था, उसी से राशन ले सकता था। लेकिन अब राशन वितरण प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। अब राशन लेने के लिए परिवार का कोई भी सदस्य बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाता है और उसे राशन मिल जाता है। सभी का डेटा अब शासन के पास है। ऐसे में शासन द्वारा किसी एक राशन की दुकान से ही अनाज लेने की अनिवार्यता को काफी पहले खत्म कर दिया था। जिले के उपभोक्ताओं ने इस योजना का फायदा लेना भी शुरू कर दिया है। जिले के 400 से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने लगे हैं।
दूसरे जिलों में मजदूूरी या और काम करने वाले परिवार इस योजना के तहत अनाज लेने लगे हैं। विभाग द्वारा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने को कहा जा रहा है।
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उपभोक्ता दिखा रहे जागरूकता
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिले के उपभोक्ता दूसरी दुकानों से भी राशन लेने लगे हैं। जिलेवासी अपने मोहल्लों की दुकानों से राशन लेना पसंद करते हैं, लेकिन फिर उपभोक्ताओं ने इस योजना में दिलचस्पी दिखानी शुरू तो की है। धीरे धीरे इसका लाभ लेने के लिए उनका रुझान बढ़ेगा।
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बिजनौर। अब राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को केवल अपने मोहल्ले के ही दुकानदार पर राशन के लिए निर्भर नहीं रह गए हैं। जिले के उपभोक्ता अपने मोहल्ले के अलावा दूसरी दुकानों से भी राशन लेने लगे हैं। 400 से ज्यादा उपभोक्ता ऐसा कर रहे हैं। यह संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है।
जिले में करीब छह लाख परिवारों को सस्ते गल्ले से राशन मिलता है। पहले नियम था कि उपभोक्ता जिस दुकान से राशन कार्ड बनवाता था, उसी से राशन ले सकता था। लेकिन अब राशन वितरण प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। अब राशन लेने के लिए परिवार का कोई भी सदस्य बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाता है और उसे राशन मिल जाता है। सभी का डेटा अब शासन के पास है। ऐसे में शासन द्वारा किसी एक राशन की दुकान से ही अनाज लेने की अनिवार्यता को काफी पहले खत्म कर दिया था। जिले के उपभोक्ताओं ने इस योजना का फायदा लेना भी शुरू कर दिया है। जिले के 400 से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने लगे हैं।
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दूसरे जिलों में मजदूूरी या और काम करने वाले परिवार इस योजना के तहत अनाज लेने लगे हैं। विभाग द्वारा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने को कहा जा रहा है।
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उपभोक्ता दिखा रहे जागरूकता
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिले के उपभोक्ता दूसरी दुकानों से भी राशन लेने लगे हैं। जिलेवासी अपने मोहल्लों की दुकानों से राशन लेना पसंद करते हैं, लेकिन फिर उपभोक्ताओं ने इस योजना में दिलचस्पी दिखानी शुरू तो की है। धीरे धीरे इसका लाभ लेने के लिए उनका रुझान बढ़ेगा।