{"_id":"62ae24fe5986f5233634c33c","slug":"mock-drill-held-in-district-hospital-got-treatment-in-eight-minutes-bijnor-news-mrt5934419165","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में हुई मॉक ड्रिल, आठ मिनट में मिला इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में हुई मॉक ड्रिल, आठ मिनट में मिला इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में हुई मॉक ड्रिल, आठ मिनट में मिला इलाज
बिजनौर। जिला अस्पताल में कोरोना के मद्देनजर मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले इलाज को भी देखा गया। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के दौरान मरीज को आठ मिनट के अंदर इलाज दिया गया।
मेरठ से आए डॉ. प्रेमपाल सिंह ने जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल की। उन्होंने आईसीयू वार्ड और पीकू वार्ड का दौरा किया। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के दौरान आठ मिनट के अंदर डमी मरीज को इलाज दिया गया। डॉ. प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात स्टॉफ प्रशिक्षित है। उन्हें कुछ सिखाने की जरूरत नहीं दिखाई दी। मॉक ड्रिल में देखा गया कि कोरोना महामारी आने पर जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है। साथ ही आईसीयू वार्ड में रखी मशीनों को भी चलाकर देखा गया। वहीं डॉ. प्रेमपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल में बिजली की ज्यादा समस्या है। जिसकी वजह से मॉक ड्रिल भी बाधित हुई है। बिजली की वजह से ऑक्सीजन प्लांट को चलाकर नहीं देखा गया है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिला अस्पताल में कोरोना के मद्देनजर मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले इलाज को भी देखा गया। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के दौरान मरीज को आठ मिनट के अंदर इलाज दिया गया।
मेरठ से आए डॉ. प्रेमपाल सिंह ने जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल की। उन्होंने आईसीयू वार्ड और पीकू वार्ड का दौरा किया। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के दौरान आठ मिनट के अंदर डमी मरीज को इलाज दिया गया। डॉ. प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात स्टॉफ प्रशिक्षित है। उन्हें कुछ सिखाने की जरूरत नहीं दिखाई दी। मॉक ड्रिल में देखा गया कि कोरोना महामारी आने पर जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है। साथ ही आईसीयू वार्ड में रखी मशीनों को भी चलाकर देखा गया। वहीं डॉ. प्रेमपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल में बिजली की ज्यादा समस्या है। जिसकी वजह से मॉक ड्रिल भी बाधित हुई है। बिजली की वजह से ऑक्सीजन प्लांट को चलाकर नहीं देखा गया है।
विज्ञापन