{"_id":"6aa5b2a316e1d56b7d04eb01","slug":"medical-college-operation-done-ophthalmologist-could-not-insert-lens-bijnor-news-c-27-1-bij1027-190052-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज: ऑपरेशन किया, लेंस नहीं डाल पाए नेत्र रोग विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज: ऑपरेशन किया, लेंस नहीं डाल पाए नेत्र रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
बिजनौर। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में आंख में लेंस डालने के लिए मरीज का ऑपरेशन किया गया लेकिन चिकित्सक ने आंख में लेंस ही नहीं डाला। अब ऑपरेशन बिगड़ने पर शनिवार को मरीज को मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। मरीज ने इसकी शिकायत सीएमएस और उप चिकित्सा अधीक्षक से भी की।
किरतपुर के गांव खटाई निवासी 70 वर्षीय अब्बास हुसैन को मोतियाबिंद की समस्या थी। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने ऑपरेशन कराने का परामर्श दिया। मंगलवार को अब्बास ऑपरेशन कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। चिकित्सक और नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने दाईं आंख का ऑपरेशन करने के लिए उन्हें भर्ती किया। अब्बास हुसैन ने बताया कि उनकी आंख का ऑपरेशन तो कर दिया लेकिन लेंस नहीं डाला। शनिवार को दोबारा आंख की जांच की, इसके बावूजद लेंस नहीं डल सका।
डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि मशीन से पर्दे की जांच की गई थी, लेकिन मशीन से पर्दा कमजोर होने की सही जानकारी नहीं हो पाती है। ऑपरेशन करके मोतियाबिंद निकाल दिया था। इसके बाद पता चला कि आंख का पर्दा कमजोर है, इसलिए लेंस नहीं डाला गया। शनिवार को दोबारा लेंस डालने के लिए बुलाया था, मगर बीपी और शुगर बढ़ने की वजह से आंख की एक नस फट गई, जिसका खून पर्दे पर आ गया। कभी-कभी ऐसी समस्या हो जाती है। मरीज को कोई परेशानी न हो, इसलिए उन्हें नोडल सेंटर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। आंख ठीक हो जाएगी।
विज्ञापन
वहीं मेडिकल कॉलेज प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
किरतपुर के गांव खटाई निवासी 70 वर्षीय अब्बास हुसैन को मोतियाबिंद की समस्या थी। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने ऑपरेशन कराने का परामर्श दिया। मंगलवार को अब्बास ऑपरेशन कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। चिकित्सक और नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने दाईं आंख का ऑपरेशन करने के लिए उन्हें भर्ती किया। अब्बास हुसैन ने बताया कि उनकी आंख का ऑपरेशन तो कर दिया लेकिन लेंस नहीं डाला। शनिवार को दोबारा आंख की जांच की, इसके बावूजद लेंस नहीं डल सका।
विज्ञापन
डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि मशीन से पर्दे की जांच की गई थी, लेकिन मशीन से पर्दा कमजोर होने की सही जानकारी नहीं हो पाती है। ऑपरेशन करके मोतियाबिंद निकाल दिया था। इसके बाद पता चला कि आंख का पर्दा कमजोर है, इसलिए लेंस नहीं डाला गया। शनिवार को दोबारा लेंस डालने के लिए बुलाया था, मगर बीपी और शुगर बढ़ने की वजह से आंख की एक नस फट गई, जिसका खून पर्दे पर आ गया। कभी-कभी ऐसी समस्या हो जाती है। मरीज को कोई परेशानी न हो, इसलिए उन्हें नोडल सेंटर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। आंख ठीक हो जाएगी।
विज्ञापन
वहीं मेडिकल कॉलेज प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।