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यूरिया के खुद खरीदार बन बैठे एमडी
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यूरिया के खुद खरीदार बन बैठे एमडी
बिजनौर। जिले की किसान सेवा सहकारी समितियों के प्रबंध निदेशक समितियों पर बिक्री के लिए आए यूरिया खाद के खुद ही खरीददार बन गए। समितियों ने ई-पॉश मशीन में किसानों के अंगुठे लगवाए बिना खाद बांट दिया। शिकायतों पर जांच हुई तो खाद बिक्री में गड़बड़ी पकड़ी गई। अब आरोपी प्रबंध निदेशक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिले में 96 किसान सहकारी समिति हैं। समितियों के खाद एवं बीज बिक्री केंद्र संचालित हैं। समितियों मे बिक्री के लिए यूरिया खाद आया था, लेकिन खाद किसानों तक नहीं पहुंचा। बड़ी मात्रा में खाद कागजों मे बंट गया। इसको लेकर किसानों ने खूब शोर मचाया। शासन तक खाद वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पहुंची। इस पर जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक निबंधक सहकारी समितियां को जांच के निर्देश दिए। जांच में वितरण में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी ने बताया कि पहले चरण की जांच में सात समितियों में यूरिया खाद के वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। कहा कि जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी से कराई गई।
जांच में यह बात सामने आई है कि समिति के कुछ प्रबंध निदेशक ने खाद के कट्टे अपने नाम ही चढ़ा लिए। आरोप है कि एक समिति के प्रबंध निदेशक ने 200 कट्टे अपने नाम चढ़ा लिए और किसानों तक खाद नहीं पहुंचा। एमडी ने जांच अधिकारी को भीड़ के कारण ऐसा करने की बात कहकर मामला दबाने की कोशिश की। सहायक निबंधक ने बताया कि खाद बांटते समय किसान का ई-पॉश मशीन में अंगूठा लगवाना जरूरी है। जांच अधिकारी ने पाया है कि समितियों ने ऐसा नहीं किया। नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से खाद बांट दिया गया है। कुछ समितियों मे अभिलेखों में भी कमी पकड़ी गई है। वितरण रजिस्टर में जिन किसानों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भी जांच कराई जाएगी।
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इन समिमियों में पकड़ी गई गड़बड़ी
बिजनौर। सहायक निबंधक के अनुसार जिले की किसान सेवा सहकारी समिति नांगल, जीतपुर, खानपुर, नूरपुर पूर्वी, फीना, शिवाला कला, बनी गणेश, अकबराबाद, शेरगढ तथा फतहपुर असल में खाद वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। अनियमितताओं के लिए प्रथम दृष्टा समितियों के प्रबंध निदेशक जिम्मेदार हैं। इसलिए आरोपी प्रबंध निदेशक की सेवा पंजिकाओं में प्रतिकूल प्रविष्ठी दर्ज की जा रही है। आगे भी समितियों की जांच जारी रहेगी।
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बिजनौर। जिले की किसान सेवा सहकारी समितियों के प्रबंध निदेशक समितियों पर बिक्री के लिए आए यूरिया खाद के खुद ही खरीददार बन गए। समितियों ने ई-पॉश मशीन में किसानों के अंगुठे लगवाए बिना खाद बांट दिया। शिकायतों पर जांच हुई तो खाद बिक्री में गड़बड़ी पकड़ी गई। अब आरोपी प्रबंध निदेशक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिले में 96 किसान सहकारी समिति हैं। समितियों के खाद एवं बीज बिक्री केंद्र संचालित हैं। समितियों मे बिक्री के लिए यूरिया खाद आया था, लेकिन खाद किसानों तक नहीं पहुंचा। बड़ी मात्रा में खाद कागजों मे बंट गया। इसको लेकर किसानों ने खूब शोर मचाया। शासन तक खाद वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पहुंची। इस पर जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक निबंधक सहकारी समितियां को जांच के निर्देश दिए। जांच में वितरण में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी ने बताया कि पहले चरण की जांच में सात समितियों में यूरिया खाद के वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। कहा कि जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी से कराई गई।
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जांच में यह बात सामने आई है कि समिति के कुछ प्रबंध निदेशक ने खाद के कट्टे अपने नाम ही चढ़ा लिए। आरोप है कि एक समिति के प्रबंध निदेशक ने 200 कट्टे अपने नाम चढ़ा लिए और किसानों तक खाद नहीं पहुंचा। एमडी ने जांच अधिकारी को भीड़ के कारण ऐसा करने की बात कहकर मामला दबाने की कोशिश की। सहायक निबंधक ने बताया कि खाद बांटते समय किसान का ई-पॉश मशीन में अंगूठा लगवाना जरूरी है। जांच अधिकारी ने पाया है कि समितियों ने ऐसा नहीं किया। नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से खाद बांट दिया गया है। कुछ समितियों मे अभिलेखों में भी कमी पकड़ी गई है। वितरण रजिस्टर में जिन किसानों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भी जांच कराई जाएगी।
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इन समिमियों में पकड़ी गई गड़बड़ी
बिजनौर। सहायक निबंधक के अनुसार जिले की किसान सेवा सहकारी समिति नांगल, जीतपुर, खानपुर, नूरपुर पूर्वी, फीना, शिवाला कला, बनी गणेश, अकबराबाद, शेरगढ तथा फतहपुर असल में खाद वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। अनियमितताओं के लिए प्रथम दृष्टा समितियों के प्रबंध निदेशक जिम्मेदार हैं। इसलिए आरोपी प्रबंध निदेशक की सेवा पंजिकाओं में प्रतिकूल प्रविष्ठी दर्ज की जा रही है। आगे भी समितियों की जांच जारी रहेगी।