फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   'Maula-e-Qaynat fought with oppression, sacrificed Islam and kept Islam alive'

‘मौला-ए-कायनात जुल्म से लड़े, कुर्बानी देकर इस्लाम को जिंदा रखा’

Sun, 09 Jun 2019 12:07 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 09 Jun 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
'Maula-e-Qaynat fought with oppression, sacrificed Islam and kept Islam alive'
जोगीरम्पुरी दरगाह में मजलिस को खिताब करते इकरार रजा आब्दी। - फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद (बिजनौर)। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अपनी कुर्बानियों से इस्लाम को जिंदा रखा। जुल्म से लड़ने की ताकत दी। जोगीरम्पुरी में आयोजित सालाना मजलिसों के दूसरे दिन मातमी मजलिसों में उलेमा ने सीरत-ए-रसूल और सीरत-ए-अली को जिंदगी में ढालने की हिदायत की।
विज्ञापन

दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी की मजलिसों में या अली, मौला अली की सदाओं से दरगाह परिसर गूंजता रहा। मातमी मजलिसों में हजरत इमाम हुसैन और उनके खानदान की कुर्बानियों का जिक्र सुनकर जायरीन सीनाजनी के साथ फफक कर रोने के लिए विवश हुए। शम्सुल हसन हॉल से मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना इकरार रजा आब्दी ने कहा कि रोजा नमाज, हज शरीयत-ए-मुहम्मदी है। किरदारे अहलेबैत आपको बदनामी से बचाकर आपकी इबादतों को कुबूल फरमाने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि रसूल और अली के किरदार से गरीबों की परवरिश, बेसहारों का सहारा और मेहमानों का अहतराम की दुनिया को नसीहत मिलती है।
विज्ञापन

नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिस को दूसरे दिन सय्यद अली नकी नकवी मौलाना तफासुल हुसैन सैंथली, कमर सुल्तान जारचवी, मौलाना अब्बास इरशाद जारचवी, मिर्जा जावेद सहारनपुरी, मौलाना कौकब मुज्तबा, शवाब हैदर सिरसवी, सरकार अली शम्स ने मातमी मजलिसों को खिताब किया। मजलिस के दूसरे दिन शम्सुल हसन हॉल जायरीनों से खचाखच भरा रहा। नौहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के बीच हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की करबला के मैदान में हुई शहादत का जिक्र सुनकर जायरीनों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर दरगाह कमेटी के प्रशासक सय्यद कैसर अली बाकरी और उनकी टीम की देखरेख में आयोजित मजलिसों के दौरान दरगाह में मौला अली को नजराना-ए-अकीदत पेश करने का सिलसिला जारी रहा। नम आंखों से लोग मौला अली की बारगाह में गिड़गिड़ाकर दिन-रात मन्नते मांग रहे हैं।

एसडीएम ने लिया जायजा, दिए निर्देश
नजीबाबाद में एसडीएम उमेश कुमार मिश्र, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा ने शनिवार को दरगाह परिसर के चप्पे-चप्पे का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसडीएम ने दरगाह परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने दरगाह परिसर में जायरीनों के लिए दी जाने वाली चिकित्सा सुविधा, सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था आदि के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।

नजीबाबाद में मजलिस में खिताब करने आए जायरीन जहां मौला-ए-कायनात की बारगाह में नजराने अकीदत मन्नते मांग रहे हैं वहीं तवर्ररूख के रूप में दरगाह परिसर से चमत्कारी चश्मे का पानी ले जाने के लिए भी बेचैन हैं। दरगाह जब तामीर हुई थी तो पानी की किल्लत पेश आई थी। सय्यद राजू को ख्वाब हुआ कि बरगद के पेड़ के नीचे पानी मिलेगा। कहा जाता है कि एक कुदाल लगाने मात्र से चमत्कारी पानी का चश्मा फूटा। इस चश्मे के पानी से ही पूरी दरगाह तामीर की गई। पानी की तासीर लोगों को आकर्षित करती है। छुरियों का मातम करने से लहू लुहान हुए जायरीनों का मानना है कि चश्मे का पानी उनके जख्म भरता है। कहते हैं कि चश्मे का पानी कई बीमारियों और चर्म रोग से निजात दिलाता है। कुछ अनुयायी चश्मे के पानी से ऊपरी हवा से निजात मिलने की बात भी कहते हैं।

जायरीनों को राहत दे रहे शरबत शिविर
नजीबाबाद। दरगाह परिसर में जगह-जगह जायरीनों की खिदमत के लिए शरबत शिविर लगाए गए हैं। शिद्दत की गर्मी के दौरान शरबत शिविर जायरीनों को गर्मी से राहत पहुंचा रहे है। शबीले शोहदाए करबला अंजुमन सिपाहे अब्बासिया हुसैनपुर की ओर से मो.जकी टिंकू, शाहिद हुसैन जालपुरी, सलमान हैदर, फिरोज हैदर के नेतृत्व में मुख्यद्वार पर शरबत शिविर लगाया गया है। दरगाह परिसर में करीब एक दर्जन से अधिक शरबत शिविर लगाए गए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed