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लिंगानुपात में भारी अंतर चिंताजनक : डीएम
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लिंगानुपात में भारी अंतर चिंताजनक : डीएम
बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कहा कि जनपद में कन्या भ्रूण जांच का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जिस किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर इस प्रकार की शिकायत मिली और जांच में सही पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण जरूर करें। नए अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने और नवीनीकरण की अनुमति तभी दी जाए, जब संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।
मंगलवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट में पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक लेकर अफसरों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश और जिले में लिंगानुपात में भारी अंतर होना एक गंभीर और चिंताजनक समस्या है। इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही संभव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंगानुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर और नवीनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान करें। हर सेंटर पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी का बोर्ड और अल्ट्रासाउंड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों को लगवाना अनिवार्य कराएं। उसके बाद ही अल्ट्रासाउंड सेंटर के नवीनीकरण आदि की अनुमति प्रदान करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने सर्वसम्मति से तीन नवीनीकरण, नई अल्ट्रासाउंड मशीन के पंजीकरण के दो, अल्ट्रासाउंड मशीन स्थानांतरण एक, स्थान परिवर्तन और चिकित्सक तैनाती के एक-एक तथा एक अन्य मामले की स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, एडीएम न्यायिक नितिन मदान, पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. आभा वर्मा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीआर त्यागी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कहा कि जनपद में कन्या भ्रूण जांच का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जिस किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर इस प्रकार की शिकायत मिली और जांच में सही पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण जरूर करें। नए अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने और नवीनीकरण की अनुमति तभी दी जाए, जब संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।
मंगलवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट में पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक लेकर अफसरों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश और जिले में लिंगानुपात में भारी अंतर होना एक गंभीर और चिंताजनक समस्या है। इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही संभव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंगानुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर और नवीनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान करें। हर सेंटर पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी का बोर्ड और अल्ट्रासाउंड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों को लगवाना अनिवार्य कराएं। उसके बाद ही अल्ट्रासाउंड सेंटर के नवीनीकरण आदि की अनुमति प्रदान करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने सर्वसम्मति से तीन नवीनीकरण, नई अल्ट्रासाउंड मशीन के पंजीकरण के दो, अल्ट्रासाउंड मशीन स्थानांतरण एक, स्थान परिवर्तन और चिकित्सक तैनाती के एक-एक तथा एक अन्य मामले की स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, एडीएम न्यायिक नितिन मदान, पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. आभा वर्मा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीआर त्यागी आदि मौजूद रहे।
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