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आखिरी दिन कई विभागों ने लौटाया बजट
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आखिरी दिन कई विभागों ने लौटाया बजट
बिजनौर। वित्तीय वर्ष 2021-22 31 मार्च को समाप्त हो गया, वहीं ऐसे भी कई विभाग रहे जो शासन द्वारा दिए गए बजट का उपयोग नहीं कर पाए। कई विभागों ने बजट लौटा दिया। ट्रेजरी में देर रात तक विभाग बजट लौटाने के लिए पत्र जमा करते रहे। सबसे ज्यादा बजट पीडब्ल्यूडी नजीबाबाद ने 6.4 करोड़ रुपये लौटाया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर शिक्षा विभाग है, जिसने तीन करोड़ का बजट सरेंडर किया।
ट्रेजरी कार्यालय में शुक्रवार की रात नौ बजे तक साइट चली, लेकिन उसके बाद बंद हो गई। इसके बाद पहुंचे पशुपालन विभाग बजट सरेंडर नहीं कर सका। वहीं ट्रेजरी में विभागों द्वारा भेजे गए बजट से संबंधित कागजों को पूरा करने में ट्रेजरी के कर्मचारी रात 12 बजे तक काम करते रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और सर्व शिक्षा अभियान में कोई बड़ा कार्य नहीं होने पर वित्तीय बजट में बची अवशेष धनराशि करीब तीन करोड़ रुपये शासन को वापस हो गई है। जनपद में पांच परिषदीय विद्यालयों में निर्माण कार्य चल रहा है, उनका बजट है। अधिकारी देर शाम तक ऑफिस में बैठकर बजट को खर्च करते रहे और बाद में बची धनराशि को लैप्स कर दिया। पिछले सप्ताह से विभाग में योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनका सत्यापन करने तथा धनराशि भेजने का कार्य तेजी से चला हुआ था। बीएसए जयकरन यादव ने बताया कि जनपद में कोई बड़ी योजना के तहत कार्य अधूरा नहीं है। अतिरिक्त धनराशि को एकाउंट विभाग की ओर से लौटा दिया गया।
इन विभागों ने भी लौटाया बजट
विभाग बजट
पीडब्ल्यूडी नजीबाबाद 6.4 करोड़ रुपये
पीडब्ल्यूडी बिजनौर 07 लाख रुपये
पशुपालन विभाग 10 लाख रुपये
डायट 20 लाख रुपये
नगर पालिका 41 लाख रुपये
सिंचाई खंड धामपुर 25 लाख रुपये
अल्पसंख्यक विभग 24 हजार रुपये
पुलिस विभाग 16 लाख रुपये
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बिजनौर। वित्तीय वर्ष 2021-22 31 मार्च को समाप्त हो गया, वहीं ऐसे भी कई विभाग रहे जो शासन द्वारा दिए गए बजट का उपयोग नहीं कर पाए। कई विभागों ने बजट लौटा दिया। ट्रेजरी में देर रात तक विभाग बजट लौटाने के लिए पत्र जमा करते रहे। सबसे ज्यादा बजट पीडब्ल्यूडी नजीबाबाद ने 6.4 करोड़ रुपये लौटाया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर शिक्षा विभाग है, जिसने तीन करोड़ का बजट सरेंडर किया।
ट्रेजरी कार्यालय में शुक्रवार की रात नौ बजे तक साइट चली, लेकिन उसके बाद बंद हो गई। इसके बाद पहुंचे पशुपालन विभाग बजट सरेंडर नहीं कर सका। वहीं ट्रेजरी में विभागों द्वारा भेजे गए बजट से संबंधित कागजों को पूरा करने में ट्रेजरी के कर्मचारी रात 12 बजे तक काम करते रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और सर्व शिक्षा अभियान में कोई बड़ा कार्य नहीं होने पर वित्तीय बजट में बची अवशेष धनराशि करीब तीन करोड़ रुपये शासन को वापस हो गई है। जनपद में पांच परिषदीय विद्यालयों में निर्माण कार्य चल रहा है, उनका बजट है। अधिकारी देर शाम तक ऑफिस में बैठकर बजट को खर्च करते रहे और बाद में बची धनराशि को लैप्स कर दिया। पिछले सप्ताह से विभाग में योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनका सत्यापन करने तथा धनराशि भेजने का कार्य तेजी से चला हुआ था। बीएसए जयकरन यादव ने बताया कि जनपद में कोई बड़ी योजना के तहत कार्य अधूरा नहीं है। अतिरिक्त धनराशि को एकाउंट विभाग की ओर से लौटा दिया गया।
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इन विभागों ने भी लौटाया बजट
विभाग बजट
पीडब्ल्यूडी नजीबाबाद 6.4 करोड़ रुपये
पीडब्ल्यूडी बिजनौर 07 लाख रुपये
पशुपालन विभाग 10 लाख रुपये
डायट 20 लाख रुपये
नगर पालिका 41 लाख रुपये
सिंचाई खंड धामपुर 25 लाख रुपये
अल्पसंख्यक विभग 24 हजार रुपये
पुलिस विभाग 16 लाख रुपये