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मलूक नागर ने की अस्पतालों की संख्या बढ़ाने व नई किसान नीति बनाने की मांग
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बिजनौर। बिजनौर से सांसद मलूक नागर केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री तथा वित्तमंत्री को पत्र भेजकर कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए देश में अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की मांग की। साथ ही कोविड-19 की जांच में तेजी लाकर लोगों की जान बचाने, देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने तथा नई किसान नीति बनाने की मांग की।
सांसद मलूक नागर ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन को लिखे पत्र में कहा कि भारत सरकार ने यदि समय रहते जरूरी कदम उठाए होते तो कोरोना वायरस के फैलने से काफी कम किया जा सकता था। लॉकडाउन के कारण पूरा देश बंद है। आमदनी नहीं होने से ख़र्च का बोझ बढ़ रहा है। गरीब के सामने रोजी-रोटी की दिक़्क़त पैदा हो गई है। फिर भी केंद्र और प्रदेश सरकार जो भी निर्णय ले रही है, हम सब उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों की क्षमता तथा कोरोना जांच को युद्ध स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर देश की अर्थव्यव्स्था को बचाने तथा नई किसान नीति बनाने की मांग की। सरकार को जल्द रणनीति बनाकर हर छोटे-बड़े व्यापारी और उद्योगों को बचाना चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान व तकनीकी पर बल देकर उत्पादकता बढ़ाने व कृषि लागत में कमी लाने के लिए ऐसे उन्नत बीजों को विकसित किया जाना चाहिए जिसमें खाद व पानी की जरूरत कम हो। कृषि उत्पादों की ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार की शुरुआत की जानी चाहिए। फसल के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था, किसानों को ब्याजमुक्त लोन, महानगरों में किसानों को अपने फल और सब्जियां बेचने की सुविधा, एडवांस फ़ार्मिंग की ट्रेनिंग, आयात होने वाली फल व सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन, सस्ते दामों पर इनके बीज उपलब्ध कराने, ग्राम पंचायत स्तर पर फसल ख़रीद केंद्र बनाने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।
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सांसद मलूक नागर ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन को लिखे पत्र में कहा कि भारत सरकार ने यदि समय रहते जरूरी कदम उठाए होते तो कोरोना वायरस के फैलने से काफी कम किया जा सकता था। लॉकडाउन के कारण पूरा देश बंद है। आमदनी नहीं होने से ख़र्च का बोझ बढ़ रहा है। गरीब के सामने रोजी-रोटी की दिक़्क़त पैदा हो गई है। फिर भी केंद्र और प्रदेश सरकार जो भी निर्णय ले रही है, हम सब उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों की क्षमता तथा कोरोना जांच को युद्ध स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर देश की अर्थव्यव्स्था को बचाने तथा नई किसान नीति बनाने की मांग की। सरकार को जल्द रणनीति बनाकर हर छोटे-बड़े व्यापारी और उद्योगों को बचाना चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान व तकनीकी पर बल देकर उत्पादकता बढ़ाने व कृषि लागत में कमी लाने के लिए ऐसे उन्नत बीजों को विकसित किया जाना चाहिए जिसमें खाद व पानी की जरूरत कम हो। कृषि उत्पादों की ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार की शुरुआत की जानी चाहिए। फसल के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था, किसानों को ब्याजमुक्त लोन, महानगरों में किसानों को अपने फल और सब्जियां बेचने की सुविधा, एडवांस फ़ार्मिंग की ट्रेनिंग, आयात होने वाली फल व सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन, सस्ते दामों पर इनके बीज उपलब्ध कराने, ग्राम पंचायत स्तर पर फसल ख़रीद केंद्र बनाने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।
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