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Bijnor News: अहरौला में पशुओं में लंपी का कहर, दस की मौत, सैकड़ों बीमार
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बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स
संवाद न्यूज एजेंसी
बास्टा।क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज का गंभीर प्रकोप फैल गया है। अब तक करीब दस पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों पशु बीमार हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि गांव में अभी तक टीकाकरण भी नहीं हुआ है और पशु चिकित्सकों की टीम भी गांव नहीं पहुंची है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से पशुओं में बुखार, शरीर पर गांठें व घाव की बीमारी फैली है। पशु चारा खाना छोड़ रहे हैं और धीरे-धीरे मर रहे हैं। गरीब किसानों की रोजी-रोटी पशुओं पर ही निर्भर है। एक-एक पशु की कीमत 80 हजार से एक लाख रुपये तक है, लेकिन लगातार मौत से पशुपालक बर्बाद हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार राजकीय पशु चिकित्सालय अथाई में सूचना दी गई, लेकिन कोई डॉक्टर गांव में झांकने तक नहीं आया। न तो टीकाकरण हुआ और न ही बीमार पशुओं का इलाज हो रहा है।
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पशुपालकों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से गांव अहरौला में तत्काल डॉक्टरों की टीम भेजकर टीकाकरण अभियान चलाने व बीमार पशुओं का इलाज कराने की मांग की है।
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किसान लोकेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी एक गाय और तीन भैंस बीमार हुईं थीं। पशुओं के सीने और गर्दन में सूजन आई थी। राजकीय पशु चिकित्सालय अथाई के प्रभारी मुस्ताक अहमद ने इंजेक्शन लगाए थे कुछ दवाई लिख कर दे गए थे, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ था। उसके बाद आज तक कोई भी डॉक्टर नहीं आया। चारों पशुओं की मौत हो चुकी है दो पशु अभी भी बीमार हैं।
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प्रमोद कुमार ने बताया कि मेरे दो पशु करीब बीस दिन से लंपी से बीमार है। गांव में कोई भी डॉक्टरों की टीम नहीं आई है और न कोई टीकाकरण हुआ है।
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अशोक कुमार ने बताया कि उसके दो पशु लंपी वायरस से बीमार है। इस साल किसी भी प्रकार के टीके नहीं लगाए गए हैं गांव में पशु चिकित्सकों की टीम भी नहीं आई है।
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सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उसके चार पशु लंपी बीमारी से ग्रसित हैं चारों पशु गाभिन हैं पशु चारा भी नहीं खा रहे हैं। बीमारी से बुरा हाल है।
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पुष्कर सिंह ने बताया कि गांव में कोई भी टीका लगाने नहीं आता है। गांव में आज तक कोई डॉक्टर भी नहीं देखा है। अथाई पशु अस्पताल को स्वीपर चला रहा है। उनकी भी लंपी बीमारी से एक गाय की मौत हो चुकी है।
-- गांव निवासी पृथ्वी सिंह ने बताया कि हमारे गांव में बहुत भयानक बीमारी चल रही है। जिसमें एक किसान के करीब पांच लाख रुपये के चार पशुओं की मौत हो चुकी है। अथाई पशु अस्पताल में वह कई बार गए, वहां पर सिर्फ एक चपरासी मिलता है। कोई डॉक्टर नहीं मिलता है। गांव में कोई टीम भी नहीं आई। सैकड़ों पशु बीमार हैं।
-- ग्राम प्रधान अमित कुमार ने बताया कि गांव में लंपी बीमारी से पशुओं की हालत खराब है। गांव में सरकारी पशु चिकित्सकों की कोई भी टीम नहीं आई है। किसी भी बीमारी का टीकाकरण नहीं हुआ है। कई बार पशु चिकित्सालय पर डॉक्टर के पास गए, लेकिन डॉक्टर मिले नहीं। प्रशासन से मांग है कि टीम को भेज कर पशुओं का इलाज किया जाए।
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वर्जन-
राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ. मुस्ताक अहमद ने बताया कि गांव में कुछ पशुओं के टीके लग चुके हैं। इस समय पशुओं में लंपी की वैक्सीन लगवाने से और दिक्कत हो जाती है। गांव में टीम को ले जाकर पशुओं का उपचार कराया जाएगा।
एसडीएम प्रशांत वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में पशु चिकित्सकों की टीम को भेज कर जांच कराई जाएगी।
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बास्टा।क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज का गंभीर प्रकोप फैल गया है। अब तक करीब दस पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों पशु बीमार हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि गांव में अभी तक टीकाकरण भी नहीं हुआ है और पशु चिकित्सकों की टीम भी गांव नहीं पहुंची है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से पशुओं में बुखार, शरीर पर गांठें व घाव की बीमारी फैली है। पशु चारा खाना छोड़ रहे हैं और धीरे-धीरे मर रहे हैं। गरीब किसानों की रोजी-रोटी पशुओं पर ही निर्भर है। एक-एक पशु की कीमत 80 हजार से एक लाख रुपये तक है, लेकिन लगातार मौत से पशुपालक बर्बाद हो रहे हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार राजकीय पशु चिकित्सालय अथाई में सूचना दी गई, लेकिन कोई डॉक्टर गांव में झांकने तक नहीं आया। न तो टीकाकरण हुआ और न ही बीमार पशुओं का इलाज हो रहा है।
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पशुपालकों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से गांव अहरौला में तत्काल डॉक्टरों की टीम भेजकर टीकाकरण अभियान चलाने व बीमार पशुओं का इलाज कराने की मांग की है।
किसान लोकेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी एक गाय और तीन भैंस बीमार हुईं थीं। पशुओं के सीने और गर्दन में सूजन आई थी। राजकीय पशु चिकित्सालय अथाई के प्रभारी मुस्ताक अहमद ने इंजेक्शन लगाए थे कुछ दवाई लिख कर दे गए थे, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ था। उसके बाद आज तक कोई भी डॉक्टर नहीं आया। चारों पशुओं की मौत हो चुकी है दो पशु अभी भी बीमार हैं।
प्रमोद कुमार ने बताया कि मेरे दो पशु करीब बीस दिन से लंपी से बीमार है। गांव में कोई भी डॉक्टरों की टीम नहीं आई है और न कोई टीकाकरण हुआ है।
अशोक कुमार ने बताया कि उसके दो पशु लंपी वायरस से बीमार है। इस साल किसी भी प्रकार के टीके नहीं लगाए गए हैं गांव में पशु चिकित्सकों की टीम भी नहीं आई है।
सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उसके चार पशु लंपी बीमारी से ग्रसित हैं चारों पशु गाभिन हैं पशु चारा भी नहीं खा रहे हैं। बीमारी से बुरा हाल है।
पुष्कर सिंह ने बताया कि गांव में कोई भी टीका लगाने नहीं आता है। गांव में आज तक कोई डॉक्टर भी नहीं देखा है। अथाई पशु अस्पताल को स्वीपर चला रहा है। उनकी भी लंपी बीमारी से एक गाय की मौत हो चुकी है।
वर्जन-
राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ. मुस्ताक अहमद ने बताया कि गांव में कुछ पशुओं के टीके लग चुके हैं। इस समय पशुओं में लंपी की वैक्सीन लगवाने से और दिक्कत हो जाती है। गांव में टीम को ले जाकर पशुओं का उपचार कराया जाएगा।
एसडीएम प्रशांत वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में पशु चिकित्सकों की टीम को भेज कर जांच कराई जाएगी।

बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स

बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स

बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स

बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स

बास्टा क्षेत्र के गांव अहरौला में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी की खबर के साथ गांववासी लोकेंद्र स