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पशुओं में फैला लंपी स्किन रोग
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नांगलसोती के गांव महमसापुर में पशुपालकों को रोग की जानकारी देते पशु चिकित्सक।
- फोटो : NAZIBABAD
पशुओं में फैला लंपी स्किन रोग
नांगलसोती/नजीबाबाद (बिजनौर)। क्षेत्र के कई गांवों में पशु लंपी स्किन रोग की चपेट में आ गए हैं। पशुओं में लंपी स्किन रोग फैलने से पशुपालक चिंतित हैं। नांगलसोती समेत महमसापुर, हरचंदपुर, लालपुरमान, मायापुरी, सौफतपुर आदि गांवों में पशुओं में लंपी स्किन रोग फैला हुआ है। इस बीमारी का असर विशेषकर गाय, भैंसों पर अधिक हो रहा है।
ग्रामीण विनीत कुमार, श्याम सुंदर मलिक, अरुण कुमार, देवेंद्र सिंह का कहना है कि पशुओं में इस रोग का फैलना पशुपालकों के चिंता का विषय बना है। उन्होंने पशुपालन विभाग से रोग की रोकथाम करने और पशुपालकों को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। नांगलसोती पशु चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डॉ. अंकित चौधरी ने गांव महमसापुर के पशु शिविर में पशुपालकों को लंपी स्किन रोग की जानकारी दी। डॉ. अंकित कुमार ने बताया कि यह रोग विषाणु जनित संक्रामक रोग है। जो मच्छरों, मक्खियों, चिचड़ी आदि कीटों से फैलता है। इसके अलावा दूषित पानी, लार एवं चारे के माध्यम से भी पशु इस रोग से संक्रमित हो सकते हैं। पशुओं को तेज बुखार होने, त्वचा पर गांठें होने और चारा खाने में परेशानी होने पर पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराने की पशुपालकों को सलाह दी।
लंपी स्किन रोग से बचाव के उपाए
पशु चिकित्सक डॉ. अंकित कुमार ने पशुओं को 24 घंटे खुले में न बांधने, मच्छरों के प्रकोप से बचाने, पशुशाला में सफाई रखने, पशुशाला में कीटनाशक का छिड़काव करने, बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग बांधने की सलाह दी। उन्होंने पशुपालकों से पशु चिकित्सक की सलाह पर ही पशुओं को कीटनाशक के टीके लगवाने की अपील की।
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नांगलसोती/नजीबाबाद (बिजनौर)। क्षेत्र के कई गांवों में पशु लंपी स्किन रोग की चपेट में आ गए हैं। पशुओं में लंपी स्किन रोग फैलने से पशुपालक चिंतित हैं। नांगलसोती समेत महमसापुर, हरचंदपुर, लालपुरमान, मायापुरी, सौफतपुर आदि गांवों में पशुओं में लंपी स्किन रोग फैला हुआ है। इस बीमारी का असर विशेषकर गाय, भैंसों पर अधिक हो रहा है।
ग्रामीण विनीत कुमार, श्याम सुंदर मलिक, अरुण कुमार, देवेंद्र सिंह का कहना है कि पशुओं में इस रोग का फैलना पशुपालकों के चिंता का विषय बना है। उन्होंने पशुपालन विभाग से रोग की रोकथाम करने और पशुपालकों को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। नांगलसोती पशु चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डॉ. अंकित चौधरी ने गांव महमसापुर के पशु शिविर में पशुपालकों को लंपी स्किन रोग की जानकारी दी। डॉ. अंकित कुमार ने बताया कि यह रोग विषाणु जनित संक्रामक रोग है। जो मच्छरों, मक्खियों, चिचड़ी आदि कीटों से फैलता है। इसके अलावा दूषित पानी, लार एवं चारे के माध्यम से भी पशु इस रोग से संक्रमित हो सकते हैं। पशुओं को तेज बुखार होने, त्वचा पर गांठें होने और चारा खाने में परेशानी होने पर पशु चिकित्सक से उनका उपचार कराने की पशुपालकों को सलाह दी।
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लंपी स्किन रोग से बचाव के उपाए
पशु चिकित्सक डॉ. अंकित कुमार ने पशुओं को 24 घंटे खुले में न बांधने, मच्छरों के प्रकोप से बचाने, पशुशाला में सफाई रखने, पशुशाला में कीटनाशक का छिड़काव करने, बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग बांधने की सलाह दी। उन्होंने पशुपालकों से पशु चिकित्सक की सलाह पर ही पशुओं को कीटनाशक के टीके लगवाने की अपील की।
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