फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Looking for Rental Houses for Secretariats

सचिवालयों के लिए किराए के मकानों की तलाश

Fri, 08 Jul 2022 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jul 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
Looking for Rental Houses for Secretariats
सचिवालयों के लिए किराए के मकानों की तलाश
विज्ञापन

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का संचालन शासन की 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल हैं। लगभग 95 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में सचिवालय शुरू हो गए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में पंचायत घर निर्माण नहीं होने से ग्राम सचिवालय पटरी पर नहीं आए हैं। ऐसी जगहों पर विभाग किराए के भवनों में ग्राम सचिवालय शुरू करने की तैयारी में है।
शासन से हर विभाग को प्रस्तावित कार्यों का 100 दिन का लक्ष्य तय हुआ। पंचायत राज विभाग को 100 दिन में ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण करने तथा ग्राम सचिवालय शुरू करने थे। जिले में 1123 पंचायत हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि जिले की 1063 पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण हो गया है। 60 पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण अधूरा है। शासन के निर्देशानुसार पंचायतों में ग्राम सचिवालय शुरू होने थे। जिन पंचायतों में पंचायत घर बने हैं, वहां ग्राम सचिवालय ने काम शुरू कर दिया है। सभी ग्राम सचिवालय कंप्यूटर आदि तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित हैं। करीब एक दर्जन विभागों के ग्राम स्तरीय अधिकारी ने ग्राम सचिवालय में नियमित रूप से रुटीन कार्य शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

पंचायत सचिवों का बना रोस्टर
डीपीआरओ ने बताया कि जिले में 1123 पंचायत, जिनके कार्य क्षेत्र में करीब 2500 गांव हैं। हर पंचायत सचिव को तीन से चार ग्राम पंचायत आवंटित हैं। सचिव का हर राजस्व गांव में जाना अनिवार्य है। इसलिए पंचायत सचिवों का ग्राम सचिवालय में बैठने आदि का रोस्टर बनाया गया है। सचिवों को सचिवालय में आई शिकायतों व समस्याओं का निपटारा गांव में मौके पर जाकर करना है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत को नियमित निरीक्षण करके रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को देनी है। 60 पंचायतों में पंचायत घर नहीं है। इनका निर्माण कार्य चल रहा है। सचिवालय के संचालन के लिए पंचायतों में किराए के मकान तलाशे जा रहे हैं। किराए के मकानों में अस्थायी रूप से ग्राम सचिवालय चलाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनरेगा में पैसा नहीं होने से निर्माण प्रभावित
डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत घरों का निर्माण मनरेगा के सहयोग से हो रहा है। मनरेगा में पैसा लक्ष्य के अनुरूप नहीं मिल रहा है। इसलिए निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। जिला ग्राम्य विकास संस्थान अर्थात डीआरडीए से मिली जानकारी के अनुसार शासन से मनरेगा में तीन करोड़ की डिमांड थी। परंतु मात्र एक करोड़ 35 लाख मिला। जो साइट खुलने के 24 घंटे के अंदर समाप्त हो गया। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के अवधि में पंचायत घर के निर्माण का भुगतान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed