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जिले में बदल दी पुल-पुलियों की सूरत, हादसे रोकने को लगाए गए व्हील गार्ड
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बदल गई पुल और पुलियों की सूरत
बिजनौर। जिले में पांच माह के भीतर 1600 पुल और पुलियों की सूरत बदल दी गई है। इन पुल और पुलियों की मरम्मत कराने के साथ हादसे रोकने के लिए व्हील गार्ड भी लगा दिए गए हैं। पांच करोड़ की लागत से इन पुल और पुलियों को संवारने का काम हुआ। नए सिरे से इन पुल, पुलियों की मरम्मत होने से अब ये खूबसूरत भी दिखने लगे हैं।
जिले में नदी, नहर, नालों व रजबहों के पुल और पुलियों की हालत बहुत खस्ता थी। नदी और नहरों के पुलों पर व्हील गार्ड न लगे होने के कारण दिन, रात हादसे होने का खतरा बना रहता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नदी, नहर, नालों व रजबहों के पुल और पुलियों की मरम्मत करके इन्हें संवारने का बीड़ा उठाया। बिजनौर जिले में भी इन्हें संवारने का काम शुरू हुआ। बिजनौर जिले में पूर्वी गंगा की करीब 200 नहर हैं। इनमें हर मार्ग पर नहर होने के साथ तमाम रजबहे भी हैं। मालन व छोईया नदी के साथ कई नहर भी हैं। हर मार्ग पर नदी, नहरों पर पुल हैं तो रजवाहों व नालों पर पुलिया हैं।
खस्ताहाल इन पुल पुलियों को जनवरी माह में मरम्मत कराने के साथ संवारने का काम शुरू हुआ था। 1600 पुल, पुलियों की मरम्मत कराकर उन्हें नया रूप दिया गया है। इन पुल पुलियों की मरम्मत कराने के बाद पेंट भी किया गया है। पांच करोड़ की लागत से इन पुल, पुलियों को सजाया व संवारा गया है। नहर व नदियों के जिन पुलों पर हादसों का खतरा था, उनकी मरम्मत कराने के बाद वहां व्हील गार्ड भी लगवा दिए गए हैं। ताकि हादसा होने पर कोई छोटा या बड़ा वाहन नहर या नदी के अंदर न गिर पाए।
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पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के एक्सईएन प्रमोद कुमार के मुताबिक जनवरी माह से नहर, नदी, रजवाहों व नालों की पुल, पुलियों की मरम्मत के साथ व्हील गार्ड लगवाने का काम शुरू हुआ। जिले में 1600 पुल, पुलियों की मरम्मत कराकर उन्हें नया रूप दिया गया है। पांच करोड़ की लागत से ये काम हुआ है। पहली बार पुल, पुलियों की इस तरह मरम्मत कराकर उन्हें सजाया व संवारा गया है।
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बिजनौर। जिले में पांच माह के भीतर 1600 पुल और पुलियों की सूरत बदल दी गई है। इन पुल और पुलियों की मरम्मत कराने के साथ हादसे रोकने के लिए व्हील गार्ड भी लगा दिए गए हैं। पांच करोड़ की लागत से इन पुल और पुलियों को संवारने का काम हुआ। नए सिरे से इन पुल, पुलियों की मरम्मत होने से अब ये खूबसूरत भी दिखने लगे हैं।
जिले में नदी, नहर, नालों व रजबहों के पुल और पुलियों की हालत बहुत खस्ता थी। नदी और नहरों के पुलों पर व्हील गार्ड न लगे होने के कारण दिन, रात हादसे होने का खतरा बना रहता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नदी, नहर, नालों व रजबहों के पुल और पुलियों की मरम्मत करके इन्हें संवारने का बीड़ा उठाया। बिजनौर जिले में भी इन्हें संवारने का काम शुरू हुआ। बिजनौर जिले में पूर्वी गंगा की करीब 200 नहर हैं। इनमें हर मार्ग पर नहर होने के साथ तमाम रजबहे भी हैं। मालन व छोईया नदी के साथ कई नहर भी हैं। हर मार्ग पर नदी, नहरों पर पुल हैं तो रजवाहों व नालों पर पुलिया हैं।
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खस्ताहाल इन पुल पुलियों को जनवरी माह में मरम्मत कराने के साथ संवारने का काम शुरू हुआ था। 1600 पुल, पुलियों की मरम्मत कराकर उन्हें नया रूप दिया गया है। इन पुल पुलियों की मरम्मत कराने के बाद पेंट भी किया गया है। पांच करोड़ की लागत से इन पुल, पुलियों को सजाया व संवारा गया है। नहर व नदियों के जिन पुलों पर हादसों का खतरा था, उनकी मरम्मत कराने के बाद वहां व्हील गार्ड भी लगवा दिए गए हैं। ताकि हादसा होने पर कोई छोटा या बड़ा वाहन नहर या नदी के अंदर न गिर पाए।
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पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के एक्सईएन प्रमोद कुमार के मुताबिक जनवरी माह से नहर, नदी, रजवाहों व नालों की पुल, पुलियों की मरम्मत के साथ व्हील गार्ड लगवाने का काम शुरू हुआ। जिले में 1600 पुल, पुलियों की मरम्मत कराकर उन्हें नया रूप दिया गया है। पांच करोड़ की लागत से ये काम हुआ है। पहली बार पुल, पुलियों की इस तरह मरम्मत कराकर उन्हें सजाया व संवारा गया है।