बिजनौर। अलग-अलग रहकर मुकदमों में उलझे 12 जोड़ों के लिए लोक अदालत वरदान साबित हुई। परिवार न्यायालय के प्रयास से इन जोड़ों ने साथ रहना स्वीकार किया। जिला जज जयश्री आहूजा की उपस्थिति में ये जोड़े एक दूसरे को माला पहनाकर खुशी खुशी एक-दूसरे के साथ चले गए।
परिवाद न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश चित्रा शर्मा के प्रयासों से बिछड़े 10 जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ रहना स्वीकार किया। वैवाहिक जोड़ों में शामिल ग्राम नसीरपुर की रेनू और हीमपुर के अमर सिंह, ग्राम झाल के अर्जुन सिंह तथा ग्राम साहनपुर की प्रीति, ग्राम एड़वा के पूनम एवं मोहित, ग्राम चकगोवर्धनपुर के फिरोज अहमद एवं ग्राम कादीपुरा की राशिदा, बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान के अशरफ अहमद और गुलफ्शां परवीन, गांव दामनगर के अंकित तथा गांव पीपलसाना की अर्चना, बिजनौर के मोहल्ला जुलाहान की गुलनाज एवं गांव इनामपुरा के शादाब, ग्राम शिवराजपुर मोटा ढाक के राजकुमार और बगवाड़ा की मोनिका, रायपुर बेरीसाल की रुबिना तथा आलम सराय के साजिद, ग्राम नसीरपुर सैद के शमशाद के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। कोर्ट के प्रयासों से इन जोड़ों ने साथ-साथ पति-पत्नी के रूप में फिर से रहना स्वीकार किया। सभी खुशी खुशी एक-दूसरे के साथ चले गए। परिवार न्यायाधीश चंपत सिंह की कोर्ट में भी दो वैवाहिक वादों का निस्तारण हुआ। इसमें भी जोड़े आपसी समझौते के आधार पर एक-दूसरे के संग रहना स्वीकार किया।