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धामपुर और अफजलगढ़ में दफ्तरों पर ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:18 AM IST
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धामपुर बीआरसी कार्यालय के बाहर गेट में ताले ठोकतें शिक्षामित्र।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में आक्रोशित शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को धामपुर और अफजलगढ़ में बीआरसी व बीईओ कार्यालय के बाहर गेट पर ताला ठोक दिया। इस दौरान अधिकांश स्कूलों पर ताले लटके रहे।
जयवीर सिंह, सुनील राजपूत, दिलावर सिंह पवन चौहान, मीनाक्षी, बबीता, आदेश, अर्चना, शबनम के नेतृत्व में शिक्षामित्र बीआरसी/बीईओ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। कार्यालयों में तालाबंदी करने के बाद शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन को प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक, विशिष्ट प्राथमिक शिक्षक संघ का समर्थन मिलने के कारण ब्लाक के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में ताले लटके रहे। जो स्कूल खुले थे , उनको शिक्षामित्रों ने स्कूल में पहुंच कर बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों में चंद्रप्रताप सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, ओमपाल सिंह, चांद कुमार, संगीता रानी, अरविंद कुमार, मनोज कुमार, अमित कुमार, प्रताप सिंह, विश्वपाल सिंह, महावीर सिंह अशोक कुमार, पुष्पा रानी, दिनेश कुमार रहे।
उधर, रेहड़ और कासमपुरगढ़ी में अधिकांश स्कूलों ताले लटके रहने से शिक्षण कार्य ठप रहा। शिक्षामित्रों को पता लगा कि कुछ एनपीआरसी शिक्षकों को फोन कर स्कूल खोलने का दबाव बना रहे हैं तो वे ऐसे एनपीआरसी से भिड़ गए। शेरकोट व हरेवली में स्कूलों में तालाबंदी रही। उधर, बीईओ सुभाषचंद्र ने कहा कि उनका समर्थन भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को है। वहीं जलीलपुर में अधिकांश प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों में ताले लटके रहे। ब्लाक क्षेत्र के गांव नवादा, टूंगरी और नजरपुर के प्राथमिक स्कूलों में कोई शिक्षक तैनात नहीं है इनका संचालन शिक्षा मित्रों के ही हाथ में है। उधर, नींदडू़ में बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शिक्षामित्रों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। जनपद के सभी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तालाबंदी करते हुए शिक्षकों से शुक्रवार को सुबह दस बजे तक बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरने में शामिल होने को कहा था, शुक्रवार को न्याय पंचायत नींदडू़ के विद्यालयों में शिक्षक संगठनों के आह्वान को दरकिनार करते हुए सभी विद्यालय खोले गए।
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पढ़ाई बाधित करने पर कार्रवाई करें
समायोजन रद्द होने के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने, तालाबंदी करने और पढ़ाई बाधित करने वाले शिक्षामित्रों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने सभी डीएम को निर्देश दे दिए हैं।
आंदोलन के तहत शिक्षामित्रों ने दो दिन पहले नेशनल हाईवे 74 पर एक घंटा जाम भी लगाया था। इसके अलावा बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर व जुलूस निकालकर धरने-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने भी शिक्षामित्रों के समर्थन में स्कूल बंद करने शुरू कर दिए हैं। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप हो रहा है। साथ ही आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश में डीएम को जनपद स्तर पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता करने तथा शिक्षकों को विद्यालय जाकर पठन-पाठन में लगाने, इस तरह की घटनाओं की वीडियोग्राफी कराने तथा विद्यालय में पढ़ाई का माहौल बनाने को कहा है। व्यवधान उत्पन्न करने वाले शिक्षामित्रों व शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई कराने को निर्देशित किया है।
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जयवीर सिंह, सुनील राजपूत, दिलावर सिंह पवन चौहान, मीनाक्षी, बबीता, आदेश, अर्चना, शबनम के नेतृत्व में शिक्षामित्र बीआरसी/बीईओ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। कार्यालयों में तालाबंदी करने के बाद शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन को प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक, विशिष्ट प्राथमिक शिक्षक संघ का समर्थन मिलने के कारण ब्लाक के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में ताले लटके रहे। जो स्कूल खुले थे , उनको शिक्षामित्रों ने स्कूल में पहुंच कर बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों में चंद्रप्रताप सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, ओमपाल सिंह, चांद कुमार, संगीता रानी, अरविंद कुमार, मनोज कुमार, अमित कुमार, प्रताप सिंह, विश्वपाल सिंह, महावीर सिंह अशोक कुमार, पुष्पा रानी, दिनेश कुमार रहे।
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उधर, रेहड़ और कासमपुरगढ़ी में अधिकांश स्कूलों ताले लटके रहने से शिक्षण कार्य ठप रहा। शिक्षामित्रों को पता लगा कि कुछ एनपीआरसी शिक्षकों को फोन कर स्कूल खोलने का दबाव बना रहे हैं तो वे ऐसे एनपीआरसी से भिड़ गए। शेरकोट व हरेवली में स्कूलों में तालाबंदी रही। उधर, बीईओ सुभाषचंद्र ने कहा कि उनका समर्थन भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को है। वहीं जलीलपुर में अधिकांश प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों में ताले लटके रहे। ब्लाक क्षेत्र के गांव नवादा, टूंगरी और नजरपुर के प्राथमिक स्कूलों में कोई शिक्षक तैनात नहीं है इनका संचालन शिक्षा मित्रों के ही हाथ में है। उधर, नींदडू़ में बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शिक्षामित्रों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। जनपद के सभी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तालाबंदी करते हुए शिक्षकों से शुक्रवार को सुबह दस बजे तक बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरने में शामिल होने को कहा था, शुक्रवार को न्याय पंचायत नींदडू़ के विद्यालयों में शिक्षक संगठनों के आह्वान को दरकिनार करते हुए सभी विद्यालय खोले गए।
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पढ़ाई बाधित करने पर कार्रवाई करें
समायोजन रद्द होने के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने, तालाबंदी करने और पढ़ाई बाधित करने वाले शिक्षामित्रों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने सभी डीएम को निर्देश दे दिए हैं।
आंदोलन के तहत शिक्षामित्रों ने दो दिन पहले नेशनल हाईवे 74 पर एक घंटा जाम भी लगाया था। इसके अलावा बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर व जुलूस निकालकर धरने-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने भी शिक्षामित्रों के समर्थन में स्कूल बंद करने शुरू कर दिए हैं। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप हो रहा है। साथ ही आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश में डीएम को जनपद स्तर पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता करने तथा शिक्षकों को विद्यालय जाकर पठन-पाठन में लगाने, इस तरह की घटनाओं की वीडियोग्राफी कराने तथा विद्यालय में पढ़ाई का माहौल बनाने को कहा है। व्यवधान उत्पन्न करने वाले शिक्षामित्रों व शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई कराने को निर्देशित किया है।