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मेडिकल स्टोरों पर रखनी होगी दवाइयों की सूची
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मेडिकल स्टोरों पर रखनी होगी दवाइयों की सूची
बिजनौर। कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए शासन ने दवाइयों की नई सूची जारी की है। जिले के मेडिकल स्टोरों पर इन दवाइयों की आपूर्ति कराई जा रही है। विभाग के अफसरों को इस कार्य में लगाया गया है। प्रोटोकॉल के आधार पर दवाइयां रखने के लिए कहा जा रहा है। मरीजों के लिए दवाई की कमी न होने का दावा किया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में हालात बेकाबू हो गए थे। तब सरकारी या निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं बची थी। तब मरीजों को लक्षण के आधार पर शासन की ओर से ही दवाइयों के नाम जारी किए गए थे। काफी मरीजों ने मेडिकल स्टोरों से खुद ही दवाई ली थी। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी विटामिन सी की दवाई की खूब मांग थी। तब विटामिन सी की दवाई निर्धारित मूल्यों से कहीं अधिक कीमत पर बिकी थी।
तीसरी लहर को देखते हुए शासन की ओर से फिर से दवाइयों की सूची जारी की गई है। मेडिकल स्टोर पर इन दवाइयों व सामान की पूर्ति हर हाल में पर्याप्त संख्या में कराने को कहा गया है। दवाइयों को प्रोटोकॉल और नॉन प्रोटोकॉल की श्रेणी में रखा गया है। लक्षण के आधार पर मरीजों को ये दवाई लेने के बारे में बताया जाएगा। जिले में करीब 1800 मेडिकल स्टोर हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को ये दवाई रखने को कहा जा रहा है।
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ये हैं दवाइयां
प्रोटोकॉल श्रेणी में पैरासिटामोल, डेक्सामिथासन, मिथ्यी प्रेडनीसोलोन इंजेक्शन व टेबलेट, रेमडेसिविर, इनोक्सापेरिन इंजेक्शन, प्रेडनिसोलोन टेबलेट, हिपारिन इंजेक्शन आदि शामिल हैं। नॉन प्रोटोकॉल श्रेणी में फेविपिराविर टेबलेट, एसपिरिन टेबलेट, इटोलिजुमाब इंजेक्शन, डॉक्सीक्लाइन टेबलेट आदि शामिल हैं। इसके अलावा पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनिटर आदि की भी आपूर्ति करने को कहा गया है। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा के मुताबिक शासनादेश के हिसाब से दवाई मंगवाई जा रही हैं। जिले में दवाइयों व मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है।
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बिजनौर। कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए शासन ने दवाइयों की नई सूची जारी की है। जिले के मेडिकल स्टोरों पर इन दवाइयों की आपूर्ति कराई जा रही है। विभाग के अफसरों को इस कार्य में लगाया गया है। प्रोटोकॉल के आधार पर दवाइयां रखने के लिए कहा जा रहा है। मरीजों के लिए दवाई की कमी न होने का दावा किया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में हालात बेकाबू हो गए थे। तब सरकारी या निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं बची थी। तब मरीजों को लक्षण के आधार पर शासन की ओर से ही दवाइयों के नाम जारी किए गए थे। काफी मरीजों ने मेडिकल स्टोरों से खुद ही दवाई ली थी। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी विटामिन सी की दवाई की खूब मांग थी। तब विटामिन सी की दवाई निर्धारित मूल्यों से कहीं अधिक कीमत पर बिकी थी।
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तीसरी लहर को देखते हुए शासन की ओर से फिर से दवाइयों की सूची जारी की गई है। मेडिकल स्टोर पर इन दवाइयों व सामान की पूर्ति हर हाल में पर्याप्त संख्या में कराने को कहा गया है। दवाइयों को प्रोटोकॉल और नॉन प्रोटोकॉल की श्रेणी में रखा गया है। लक्षण के आधार पर मरीजों को ये दवाई लेने के बारे में बताया जाएगा। जिले में करीब 1800 मेडिकल स्टोर हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को ये दवाई रखने को कहा जा रहा है।
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ये हैं दवाइयां
प्रोटोकॉल श्रेणी में पैरासिटामोल, डेक्सामिथासन, मिथ्यी प्रेडनीसोलोन इंजेक्शन व टेबलेट, रेमडेसिविर, इनोक्सापेरिन इंजेक्शन, प्रेडनिसोलोन टेबलेट, हिपारिन इंजेक्शन आदि शामिल हैं। नॉन प्रोटोकॉल श्रेणी में फेविपिराविर टेबलेट, एसपिरिन टेबलेट, इटोलिजुमाब इंजेक्शन, डॉक्सीक्लाइन टेबलेट आदि शामिल हैं। इसके अलावा पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनिटर आदि की भी आपूर्ति करने को कहा गया है। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा के मुताबिक शासनादेश के हिसाब से दवाई मंगवाई जा रही हैं। जिले में दवाइयों व मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है।