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Bijnor News: बिजनौर - पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
Mon, 14 Aug 2023 10:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 14 Aug 2023 10:47 PM IST
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- 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, दोषी की मां को किया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार ने ज्योति कुमारी की हत्या में मृतका के पति मोहित को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि सास कमलेश को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता एडीजीसी अजीत पंवार के अनुसार ज्योति की शादी गांव कामगारपुर में मोहित के साथ मई 2013 में हुई थी। शादी में काफी सामान दिया गया था। मगर पति मोहित व उसकी सास दान दहेज से खुश नहीं थे और उसे प्रताड़ित करते थे। 27 अप्रैल 2015 को ज्योति अपने घर आई थी। उसने अपने पिता को बताया था कि मोहित ने उसे मारपीट कर घर से निकाला है। मोहित ने उससे एक लाख रुपये जेल में बंद अपने पिता व भाई की जमानत कराने के लिए ज्योति से लाकर देने को कहा था।
ज्योति के पिता व अन्य परिजनों ने उसे समझा बुझाकर वापस ससुराल भेज दिया था। 10 मई 2015 को शाम साढ़े चार बजे ज्योति के चचेरे देवर का फोन आया कि एक लाख रुपये नहीं देने के कारण उसके ससुराल वालों नेे उसे मार दिया है। वह इस सूचना पर जब वहां पहुंचा तो उसने अपनी लड़की को मृत पाया था। इस मामले में पुलिस ने मोहित व उसकी मां कमलेश के खिलाफ दहेज हत्या के मामले में चार्जशीट अदालत में भेजी थी। अदालत ने इसे दहेज हत्या का मामला नहीं पाते हुए हत्या का मामला पाया। ज्योति के पति मोहित को सजा सुनाई व सास कमलेश को बरी कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार ने ज्योति कुमारी की हत्या में मृतका के पति मोहित को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि सास कमलेश को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता एडीजीसी अजीत पंवार के अनुसार ज्योति की शादी गांव कामगारपुर में मोहित के साथ मई 2013 में हुई थी। शादी में काफी सामान दिया गया था। मगर पति मोहित व उसकी सास दान दहेज से खुश नहीं थे और उसे प्रताड़ित करते थे। 27 अप्रैल 2015 को ज्योति अपने घर आई थी। उसने अपने पिता को बताया था कि मोहित ने उसे मारपीट कर घर से निकाला है। मोहित ने उससे एक लाख रुपये जेल में बंद अपने पिता व भाई की जमानत कराने के लिए ज्योति से लाकर देने को कहा था।
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ज्योति के पिता व अन्य परिजनों ने उसे समझा बुझाकर वापस ससुराल भेज दिया था। 10 मई 2015 को शाम साढ़े चार बजे ज्योति के चचेरे देवर का फोन आया कि एक लाख रुपये नहीं देने के कारण उसके ससुराल वालों नेे उसे मार दिया है। वह इस सूचना पर जब वहां पहुंचा तो उसने अपनी लड़की को मृत पाया था। इस मामले में पुलिस ने मोहित व उसकी मां कमलेश के खिलाफ दहेज हत्या के मामले में चार्जशीट अदालत में भेजी थी। अदालत ने इसे दहेज हत्या का मामला नहीं पाते हुए हत्या का मामला पाया। ज्योति के पति मोहित को सजा सुनाई व सास कमलेश को बरी कर दिया।
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