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गन्ना, धान को कम नुकसान, जिला सूखे से बाहर

Thu, 15 Sep 2022 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2022 12:27 AM IST
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Less damage to sugarcane, paddy, district out of drought
गन्ना, धान को कम नुकसान, जिला सूखे से बाहर
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बिजनौर। बारिश कम होने से प्रभावित फसलों का प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जनपद में दलहन, तिलहन, मूंगफली और चारा सूखे के प्रभाव से बाहर हैं। सर्वे के अनुसार गन्ना और धान पर सूखे का प्रभाव है, लेकिन उसका प्रतिशत बहुत कम है। इस वजह से जनपद सूखे से बाहर होगा।
जिले में पौने तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना, धान की फसल के साथ दलहन, तिलहन, मूंगफली और पशुओं का चारा खड़ा है। इस बार बारिश कम होने से फसलें सूखे की चपेट में हैं। किसान नेता व राजनीतिक दलों के नेता जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर अधिकारियों व वैज्ञानिकों तथा कृषि विशेषज्ञों की टीम से फसलों का सर्वे कराया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जनपद, तहसील स्तर पर टीमों का गठन किया गया। टीमों ने सूखे के प्रभावित फसलों का आकलन किया।
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यह सर्वे 12 सितंबर तक हुआ। सर्वे में धान में 12 से 15 प्रतिशत तथा गन्ने में 8 से 10 प्रतिशत सूखे का असर आया। रकबे की बात करें तो मात्र साढ़े पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों के सूखे की चपेट में होने का दावा सर्वे में किया जा रहा है। फसलों के सूखे सर्वे की रिपोर्ट शासन भेजी एवं वेबसाइड पर अपलोड कर दी गई है। सर्वे की मानें तो जिला सूखे के असर से बाहर हो जाएगा। दलहन, तिलहन व अन्य फसलें पूरी तरह बाहर हैं।
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धान, गन्ना, दलहन व तिलहन का विवरण
गन्ना - दो लाख 25 हजार हेक्टेयर
धान - 55343 हेक्टेयर
उर्द - 2378 हेक्टेयर
अरहर - 07 हेक्टेयर
मूंगफली - 120 हेक्टेयर
तिलहन - 1632 हेक्टेयर
पशुचारा - 8000 हेक्टेयर
33 प्रतिशत नुकसान हो, तभी मिलेगा लाभ : एडीएम
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि जिले में हुए सर्वे में किसी भी फसल में इतना नुकसान नहीं मिला कि उसे सूखा प्रभावित की श्रेणी में रखा जा सके। जिन किसानों की फसलों में 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उसे ही इसका लाभ मिलेगा। अभी तक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार कहीं भी 33 प्रतिशत तक नुकसान नहीं मिला। गन्ना और धान में अधिकतम 15 प्रतिशत तक नुकसान मिला। बाकि अन्य फसलों में नुकसान बहुत कम है।
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