{"_id":"5dd2dac58ebc3e54c033e942","slug":"lekhpals-deposited-in-tehsil-dhampur-news-mrt4542903196","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों ने तहसील में जमा किए बस्ते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों ने तहसील में जमा किए बस्ते
विज्ञापन
लेखपालों ने तहसील में जमा किए बस्ते
धामपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से विभिन्न समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। संघ के जिलामंत्री अमरेश दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से समस्याओं का निदान न होने पर लेखपालों ने 15 अक्तूबर को 167 सर्किलों के अतिरिक्त चार्ज को छोड़ कर बस्तों को तहसील में जमा कर दिया गया है।
जिला मंत्री अमरेशदत्त शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में 15 अक्तूबर को लेखपालों ने अधिकारियों की ओर से दिए अतिरिक्त चार्जों को छोड़ बस्तों को तहसील में जमा कर दिया है। 19 नवंबर को तीसरे चरण में लेखपालों की ओर से जनजागरण बाइक रैली तहसील मुख्यालयों पर निकाली जाएगी। इसके बाद कोई भी लेखपाल विभाग के कार्य के लिए अपने निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेगा। जो करेगा उसे संघ से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जिला मंत्री ने कहा कि अब तो अधिकारी किसी भी लेखपाल को आदेश कर बुला लेते हैं। लेकिन आगे से वह अधिकारियों के आदेश पर नियमानुसार माह के पहले और तीसरे मंगलवार को ही तहसील में आएंगे। गौरतलब है कि संघ सरकार से एसीपी विसंगति को दूर करने, वेतन उच्चीकरण करने, प्रोन्नति काडर रिव्यू करने, पेंशन विसंगति को दूर करने की मांगें कई महीने से की जा रही हैं। लेकिन सरकार सुनवाई न कर उनका नुकसान करने पर तुली है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
धामपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से विभिन्न समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। संघ के जिलामंत्री अमरेश दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से समस्याओं का निदान न होने पर लेखपालों ने 15 अक्तूबर को 167 सर्किलों के अतिरिक्त चार्ज को छोड़ कर बस्तों को तहसील में जमा कर दिया गया है।
जिला मंत्री अमरेशदत्त शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में 15 अक्तूबर को लेखपालों ने अधिकारियों की ओर से दिए अतिरिक्त चार्जों को छोड़ बस्तों को तहसील में जमा कर दिया है। 19 नवंबर को तीसरे चरण में लेखपालों की ओर से जनजागरण बाइक रैली तहसील मुख्यालयों पर निकाली जाएगी। इसके बाद कोई भी लेखपाल विभाग के कार्य के लिए अपने निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेगा। जो करेगा उसे संघ से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जिला मंत्री ने कहा कि अब तो अधिकारी किसी भी लेखपाल को आदेश कर बुला लेते हैं। लेकिन आगे से वह अधिकारियों के आदेश पर नियमानुसार माह के पहले और तीसरे मंगलवार को ही तहसील में आएंगे। गौरतलब है कि संघ सरकार से एसीपी विसंगति को दूर करने, वेतन उच्चीकरण करने, प्रोन्नति काडर रिव्यू करने, पेंशन विसंगति को दूर करने की मांगें कई महीने से की जा रही हैं। लेकिन सरकार सुनवाई न कर उनका नुकसान करने पर तुली है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन