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Bijnor News: अमानगढ़ सीमा पर बनेगी लक्ष्मण रेखा, लांघ नहीं पाएंगे वन्य जीव
Tue, 24 Sep 2024 03:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 24 Sep 2024 03:50 AM IST
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अमानगढ़ का मुख्य द्वार स्रोत संवाद
बिजनौर। जहां जिले में लोग गुलदार से परेशान हैं, वहीं अमानगढ़ के पास हाथी, बाघ को लेकर लोगों की धड़कनें बढ़ी रहती है। पर अब ऐसा नहीं होगा। वन्य जीव अमानगढ़ की सीमा नहीं लांघ पाएंगे। जिले के जंगलों की ओर दस किलोमीटर की सीमा पर सोलर फेंसिंग कराई जाएंगी। इसका बजट भी वन विभाग को मिल चुका है।
अमानगढ़ की बात करें तो यह रेंज उत्तराखंड बनने के बाद बिजनौर के हिस्से में आई थी। पहले यह कार्बेट पार्क का ही हिस्सा थी। करीब 9500 हजार हेक्टेयर में फैली इस रेंज में बाघ, हाथी, गुलदार, भालू, चीतल समेत दर्जनों प्रजाति के वन्य जीव मौजूद हैं। बार-बार जंगल की सीमा से आबादी तक पहुंच जाते हैं। वन्य जीवों को जंगल में ही रोकने के लिए वन विभाग अमानगढ़ की बाउंड्री पर करीब दस किलोमीटर लंबी सोलर फेंसिंग करा रहा है। यह 12 से 15 फिट ऊंची होगी। ताकि बाघ या गुलदार भी कूदकर इसे नहीं लांघ पाएं। हाथियों को रोकने के लिए सोलर फेंसिंग से पहले गहरी खाई खोदी जाएगी।
- गुलदार भी अमानगढ़ में छोड़े जाएंगे
पिछले डेढ़ साल में 65 से ज्यादा गुलदार पकड़े जा चुके हैं। वहीं करीब 35 गुलदार दुर्घटना, बीमारी या आपसी संघर्ष में मारे जा चुके हैं। वन विभाग ने काफी गुलदार चिड़ियाघर भेजे, लेकिन अब वहां भी इन्हें रखने की जगह नहीं है। अमानगढ़ में सोलर फेंसिंग होने के बाद गुलदार वहां छोड़े जाएंगे। इसके बाद वह वापिस आबादी की ओर नहीं पा पाएंगे।
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- अक्तूबर में तैयार हो जाएगी सोलर फेंसिंग : डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि सोलर फेंसिंग को लेकर पूरी रूप रेखा तैयार कर ली गई है। इसका सर्वे भी पूरा हो चुका है। इसका तीन करोड़ रुपये से ज्यादा बजट प्राप्त हो चुका है। अगले दस दिन में इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा। अक्तूबर में सोलर फेंसिंग तैयार हो पाएगी।
- अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 32
हाथी 110
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
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अमानगढ़ की बात करें तो यह रेंज उत्तराखंड बनने के बाद बिजनौर के हिस्से में आई थी। पहले यह कार्बेट पार्क का ही हिस्सा थी। करीब 9500 हजार हेक्टेयर में फैली इस रेंज में बाघ, हाथी, गुलदार, भालू, चीतल समेत दर्जनों प्रजाति के वन्य जीव मौजूद हैं। बार-बार जंगल की सीमा से आबादी तक पहुंच जाते हैं। वन्य जीवों को जंगल में ही रोकने के लिए वन विभाग अमानगढ़ की बाउंड्री पर करीब दस किलोमीटर लंबी सोलर फेंसिंग करा रहा है। यह 12 से 15 फिट ऊंची होगी। ताकि बाघ या गुलदार भी कूदकर इसे नहीं लांघ पाएं। हाथियों को रोकने के लिए सोलर फेंसिंग से पहले गहरी खाई खोदी जाएगी।
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- गुलदार भी अमानगढ़ में छोड़े जाएंगे
पिछले डेढ़ साल में 65 से ज्यादा गुलदार पकड़े जा चुके हैं। वहीं करीब 35 गुलदार दुर्घटना, बीमारी या आपसी संघर्ष में मारे जा चुके हैं। वन विभाग ने काफी गुलदार चिड़ियाघर भेजे, लेकिन अब वहां भी इन्हें रखने की जगह नहीं है। अमानगढ़ में सोलर फेंसिंग होने के बाद गुलदार वहां छोड़े जाएंगे। इसके बाद वह वापिस आबादी की ओर नहीं पा पाएंगे।
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- अक्तूबर में तैयार हो जाएगी सोलर फेंसिंग : डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि सोलर फेंसिंग को लेकर पूरी रूप रेखा तैयार कर ली गई है। इसका सर्वे भी पूरा हो चुका है। इसका तीन करोड़ रुपये से ज्यादा बजट प्राप्त हो चुका है। अगले दस दिन में इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा। अक्तूबर में सोलर फेंसिंग तैयार हो पाएगी।
- अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 32
हाथी 110
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)