{"_id":"6851bac5fee78375bf0bfab4","slug":"lakhs-spent-but-villagers-are-still-forced-to-pass-through-mud-bijnor-news-c-27-1-bij1007-152527-2025-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: लाखों खर्च फिर भी कीचड़ से गुजरने को मजबूर ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: लाखों खर्च फिर भी कीचड़ से गुजरने को मजबूर ग्रामीण
Wed, 18 Jun 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
कोतवाली देहात के ग्राम नूर अलीपुर भगवत में कीचड़ से निकलते ग्रामीण। संवाद
कोतवाली देहात। विकास क्षेत्र के ग्राम नूर अलीपुर भगवंत में विकास कार्यों में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण सड़कों पर फैले कीचड़ और जलभराव से गुजरने को मजबूर हैं। गांव में बनी पानी की टंकी भी अभी तक चालू नहीं हो पाई है। उधर ग्राम स्वराज पोर्टल में गांव में विकास कार्यों पर खूब खर्च दर्शाया जा रहा है।
गांव में टंकी का निर्माण किया गया था। पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों को तोड़ दिया गया। उनकी मरम्मत कराई गई लेकिन अभी भी कहीं-कहीं सड़कें टूटी पड़ी हैं। साथ ही अभी तक पानी की टंकी भी चालू नहीं हो पाई। गांव में विभिन्न मार्गों के निर्माण के लिए वर्ष 2023-2024 में चार लाख तीस हजार रुपये निकाले गए, लेकिन कई सड़कों पर अभी भी जलभराव की समस्या है। ग्रामीण पवन कश्यप ने बताया कि उनके घर के नुक्कड़ पर ऊंची सीसी रोड बना दी गई है। इससे उनके घर से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत द्वारा गांव में ग्रे वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम के लिए वर्ष 2022-2023 में एक लाख 29 हजार 100 रुपये निकाले गए। वर्ष 2022-23 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चार लाख 29 हजार 100 रुपये निकाले गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह फिलहाल ही काम करना शुरू किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानीपत-खटीमा हाईवे ऊंचा होने के कारण गांव की आबादी गहराई में आ गई है। गंदे पानी की निकासी के लिए नाले की बेहद जरूरत है। इसका निर्माण नहीं कराया गया है। जरा सी बारिश होने पर पूरा गांव तालाब में तब्दील हो जाता है। लोगों के घरों में पानी भर जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सांप भी गंदे पानी के साथ घरों में घुस जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जाए।
विज्ञापन
बोले ग्रामीण
ग्रामीण पवन कश्यप का कहना है कि गंदे पानी की निकासी न होने से उनका जीवन नारकीय हो गया है। पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।
ग्रामीण मानपाल शर्मा का कहना है कि गांव में मात्र एक सफाई कर्मचारी तैनात है। गांव में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
ग्रामीण मसीता का कहना है कि गांव में जगह-जगह जल भराव होने से गंदगी फैल गई है। बरसात में बीमारियों का खतरा हो गया है।सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
ग्रामीण मुकंदी सिंह का कहना है कि उनके द्वारा कई बार कहने के बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। हाईवे को जोड़ने वाली सीसी रोड का जल्द निर्माण कराया जाए।
-- -
इन्होंने कहा...
ग्राम प्रधान नसीम अहमद का कहना है कि उन्होंने गांव में काफी विकास कार्य कराए हैं। बीते छह माह में कई सीसी रोड बनवाईं गईं हैं। दो मार्गाें पर शीघ्र ही सीसी रोड बनाने की योजना है। गांव की निकासी के लिए बाहर नाला निर्माण शुरू हो गया है। आधा निर्माण पूरा हो गया है। गांव में कूड़ा उठाने के लिए ट्राॅली की व्यवस्था की गई है।
-- -- -- -
गिरिराज
विज्ञापन
गांव में टंकी का निर्माण किया गया था। पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों को तोड़ दिया गया। उनकी मरम्मत कराई गई लेकिन अभी भी कहीं-कहीं सड़कें टूटी पड़ी हैं। साथ ही अभी तक पानी की टंकी भी चालू नहीं हो पाई। गांव में विभिन्न मार्गों के निर्माण के लिए वर्ष 2023-2024 में चार लाख तीस हजार रुपये निकाले गए, लेकिन कई सड़कों पर अभी भी जलभराव की समस्या है। ग्रामीण पवन कश्यप ने बताया कि उनके घर के नुक्कड़ पर ऊंची सीसी रोड बना दी गई है। इससे उनके घर से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत द्वारा गांव में ग्रे वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम के लिए वर्ष 2022-2023 में एक लाख 29 हजार 100 रुपये निकाले गए। वर्ष 2022-23 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चार लाख 29 हजार 100 रुपये निकाले गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह फिलहाल ही काम करना शुरू किया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि पानीपत-खटीमा हाईवे ऊंचा होने के कारण गांव की आबादी गहराई में आ गई है। गंदे पानी की निकासी के लिए नाले की बेहद जरूरत है। इसका निर्माण नहीं कराया गया है। जरा सी बारिश होने पर पूरा गांव तालाब में तब्दील हो जाता है। लोगों के घरों में पानी भर जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सांप भी गंदे पानी के साथ घरों में घुस जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जाए।
विज्ञापन
बोले ग्रामीण
ग्रामीण पवन कश्यप का कहना है कि गंदे पानी की निकासी न होने से उनका जीवन नारकीय हो गया है। पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।
ग्रामीण मानपाल शर्मा का कहना है कि गांव में मात्र एक सफाई कर्मचारी तैनात है। गांव में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
ग्रामीण मसीता का कहना है कि गांव में जगह-जगह जल भराव होने से गंदगी फैल गई है। बरसात में बीमारियों का खतरा हो गया है।सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
ग्रामीण मुकंदी सिंह का कहना है कि उनके द्वारा कई बार कहने के बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। हाईवे को जोड़ने वाली सीसी रोड का जल्द निर्माण कराया जाए।
इन्होंने कहा...
ग्राम प्रधान नसीम अहमद का कहना है कि उन्होंने गांव में काफी विकास कार्य कराए हैं। बीते छह माह में कई सीसी रोड बनवाईं गईं हैं। दो मार्गाें पर शीघ्र ही सीसी रोड बनाने की योजना है। गांव की निकासी के लिए बाहर नाला निर्माण शुरू हो गया है। आधा निर्माण पूरा हो गया है। गांव में कूड़ा उठाने के लिए ट्राॅली की व्यवस्था की गई है।
गिरिराज