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रोडवेज को सता रही चालक और परिचालकों की कमी
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रोडवेज को सता रही चालको और परिचालकों की कमी
बिजनौर। डिपो पर रोडवेज के संचालन के लिए चालक और परिचालक की जरूरत है। इसके लिए रोडवेज विभाग की तरफ से 28 चालक और 49 परिचालक के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी को डिमांड लेटर भेजा गया है। चालकों की कमी की वजह से कभी-कभी रोडवेज बसें डिपो पर ही खड़ी रह जाती हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक बिजनौर डिपो से अलग-अलग रूटों पर 114 बसों का संचालन किया जा रहा है। जिसके चलते डिपो पर 160 चालक नियुक्त हैं। जिसमें से 119 संविदा चालक है, जबकि 41 रेगुलर चालक हैं। वहीं डिपो पर परिचालकों की संख्या 170 हैं। जिसमें से 150 संविदा पर नियुक्त हुए है, जबकि 20 परिचालक रेगुलर हैं। डिपो पर 160 चालक और 170 परिचालक होते हुए भी कभी-कभी बसें डिपो पर ही खड़ी रह जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस होते हुए भी रूट पर नहीं भेजा जा सकता है। यात्रियों को जाने के लिए दूसरे डिपो से आने वाली बसों का इंतजार करना पड़ता है। एआरएम ललित त्रिवेदी ने बताया कि ऐसा होता है कि चालक और परिचालक अपनी छुट्टी पर चले जाते हैं या फिर कुछ मेडिकल चैकअप कराने चले जाते हैं। जिससे बसें डिपो पर ही खड़ी रहती हैं। चालक और परिचालकों की कमी से डिपो पर यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है। सवारी ज्यादा होने से बसों में सीट भी नहीं मिल पाती है। इसके आगे एआरएम ने बताया कि बिजनौर डिपो पर चालक और परिचालकों की संख्या कम है। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। इसी को देखते हुए रोडवेज विभाग की तरफ से आरएम मुरादाबाद को 28 चालक और 49 परिचालकों के लिए डिमांड लेटर भेजा गया है।
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बिजनौर। डिपो पर रोडवेज के संचालन के लिए चालक और परिचालक की जरूरत है। इसके लिए रोडवेज विभाग की तरफ से 28 चालक और 49 परिचालक के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी को डिमांड लेटर भेजा गया है। चालकों की कमी की वजह से कभी-कभी रोडवेज बसें डिपो पर ही खड़ी रह जाती हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक बिजनौर डिपो से अलग-अलग रूटों पर 114 बसों का संचालन किया जा रहा है। जिसके चलते डिपो पर 160 चालक नियुक्त हैं। जिसमें से 119 संविदा चालक है, जबकि 41 रेगुलर चालक हैं। वहीं डिपो पर परिचालकों की संख्या 170 हैं। जिसमें से 150 संविदा पर नियुक्त हुए है, जबकि 20 परिचालक रेगुलर हैं। डिपो पर 160 चालक और 170 परिचालक होते हुए भी कभी-कभी बसें डिपो पर ही खड़ी रह जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस होते हुए भी रूट पर नहीं भेजा जा सकता है। यात्रियों को जाने के लिए दूसरे डिपो से आने वाली बसों का इंतजार करना पड़ता है। एआरएम ललित त्रिवेदी ने बताया कि ऐसा होता है कि चालक और परिचालक अपनी छुट्टी पर चले जाते हैं या फिर कुछ मेडिकल चैकअप कराने चले जाते हैं। जिससे बसें डिपो पर ही खड़ी रहती हैं। चालक और परिचालकों की कमी से डिपो पर यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है। सवारी ज्यादा होने से बसों में सीट भी नहीं मिल पाती है। इसके आगे एआरएम ने बताया कि बिजनौर डिपो पर चालक और परिचालकों की संख्या कम है। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। इसी को देखते हुए रोडवेज विभाग की तरफ से आरएम मुरादाबाद को 28 चालक और 49 परिचालकों के लिए डिमांड लेटर भेजा गया है।
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