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जनपद में अब बिना आधार कार्ड के नहीं होगी कोविड जांच
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जनपद में अब बिना आधार कार्ड के नहीं होगी कोविड जांच
बिजनौर। जिले में अब कहीं भी बिना आधार कार्ड के किसी भी व्यक्ति की कोविड-19 की जांच नहीं होगी। इसके लिए जिला अस्पताल समेत जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। साथ ही निजी लैब संचालकों को भी ऐसा करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। अब तक बिना आधार कार्ड आदि पहचानपत्र के ही कोविड जांच हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिलहाल कोविड जांच के लिए जिला अस्पताल सहित जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकार की ओर से कोरोना की नि:शुल्क जांच की जाती है, जबकि जिला मुख्यालय पर स्थित निजी लैब लाल पैथोलॉजी लैब पर इसकी जांच की 2400 रुपये में होती है। सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि आमतौर पर होता ये है सरकारी अस्पतालों में कोविड जांच कराने वाले अधिकांश संभावित मरीजों में से कोई अपना नाम गलत अंकित करता है, तो कोई अपना पता और मोबाइल नंबर आदि पहचान को सही नहीं लिखता, जिससे पॉजिटिव आने पर मरीज की पहचान करने में कोविड टीम को ट्रेस करने में काफी परेशानी होती है। जिले की सभी पांचों तहसीलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस बारे में उन्हें कई बार शिकायतें मिल चुकी हैं। सरकार ने कोविड अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को उपचार की मुफ्त सुविधा दे रखी है। इसके बावजूद ऐसे लोग जो अपना और पता गलत लिखते हैं, वे अपना इलाज कराने से बचते हैं। मगर ऐसा करना अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। सीएमओ ने बताया कि जिले का हर व्यक्ति कोरोना की चपेट में आने से बचें। इसके लिए विशेषतौर एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
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बिजनौर। जिले में अब कहीं भी बिना आधार कार्ड के किसी भी व्यक्ति की कोविड-19 की जांच नहीं होगी। इसके लिए जिला अस्पताल समेत जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। साथ ही निजी लैब संचालकों को भी ऐसा करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। अब तक बिना आधार कार्ड आदि पहचानपत्र के ही कोविड जांच हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिलहाल कोविड जांच के लिए जिला अस्पताल सहित जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकार की ओर से कोरोना की नि:शुल्क जांच की जाती है, जबकि जिला मुख्यालय पर स्थित निजी लैब लाल पैथोलॉजी लैब पर इसकी जांच की 2400 रुपये में होती है। सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि आमतौर पर होता ये है सरकारी अस्पतालों में कोविड जांच कराने वाले अधिकांश संभावित मरीजों में से कोई अपना नाम गलत अंकित करता है, तो कोई अपना पता और मोबाइल नंबर आदि पहचान को सही नहीं लिखता, जिससे पॉजिटिव आने पर मरीज की पहचान करने में कोविड टीम को ट्रेस करने में काफी परेशानी होती है। जिले की सभी पांचों तहसीलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस बारे में उन्हें कई बार शिकायतें मिल चुकी हैं। सरकार ने कोविड अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को उपचार की मुफ्त सुविधा दे रखी है। इसके बावजूद ऐसे लोग जो अपना और पता गलत लिखते हैं, वे अपना इलाज कराने से बचते हैं। मगर ऐसा करना अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। सीएमओ ने बताया कि जिले का हर व्यक्ति कोरोना की चपेट में आने से बचें। इसके लिए विशेषतौर एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
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