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धामपुर में बनेगा मेरठ मेडिकल जैसा कोविड अस्पताल
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धामपुर में बनेगा मेरठ मेडिकल जैसा कोविड अस्पताल
बिजनौर। धामपुर में मेरठ मेडिकल कॉलेज और टीएमयू मुरादाबाद जैसा कोविड अस्पताल जल्द काम करने लगेगा। ये अस्पताल धामपुर में पीपी मॉडल पर काम करेगा। शनिवार को डीएम के साथ आईएमए की हुई बैठक के दौरान बिजनौर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रकाश ने एक अच्छा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें कोई भवन उपलब्ध करा दे, तो वे 100 बेड का कोविड हॉस्पिटल बनाकर चलाने को तैयार हैं, जिसमें मेरठ मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं होंगी। इस अस्पताल में आने वाले मरीजों से सरकार द्वारा निर्धारित फीस ही ली जाएगी। इसके लिए डीएम ने सहमति दे दी है।
डॉ. प्रकाश के अनुसार वे शनिवार को इस भवन के निरीक्षण के लिए जाने वाले थे, लेकिन कुछ कारणों से नहीं पहुंच सके। इस काम के लिए वे रविवार को धामपुर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे उस अस्पताल को जल्दी चलाना चाहते हैं, जिससे जनपद में कोरोना के गंभीर बीमार रोगियों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि अस्पताल को चलाने के लिए जरूरी उपकरणों का प्रबंध किया जाना है। इसमें ऑक्सीजन की पाइपलाइन पूर्व में ही बिछाई जा चुकी है। अब केवल उसकी टेस्टिंग होनी है और वहां पर वेंटिलेटर आने बाकी हैं। उन्होंने तय किया है कि वे यह अस्पताल अधिकतम एक माह की समय अवधि में ही शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि ओवरफ्लो के बाद नदियां उल्टे बहनी शुरू हो जाती हैं। आजकल ऐसी ही हालत कोरोना संक्रमित मरीजों की हो गई है। वर्तमान में दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ आदि में अस्पताल पूरी तरह से भरे हैं। वहां पर बेड और ऑक्सीजन आदि जीवनदायिनी वस्तुओं की काफी किल्लत है। दिल्ली के मरीजों के परिजन अब मेरठ के अस्पतालों में बेड खोजने लगे हैं, जिससे कि उनके मरीजों की जान बच सके।
नगीना-धामपुर मार्ग पर है भवन
धामपुर में नगीना रोड पर बनने वाला यह कोविड अस्पताल धामपुर से नगीना मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर दूर गांव चकशहजानी के पास स्थित है। एनएचएम के नोडल अधिकरी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि धामपुर के 100 बेड के इस अस्पताल के लिए उनके द्वारा काफी मेहनत की गई है। यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराया गया है। अस्पताल भवन पूरी तरह से ऑक्सीजन पाइप लाइनयुक्त है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से बिजली के कनेक्शन की व्यवस्था भी कराई गई है। यह भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे धामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में ये अस्पताल तैयार हुआ है। डीएम रमाकांत पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कई बार इस अस्पताल का निरीक्षण कर कोविड-19 अस्पताल के रूप में संचालित कराने का प्रयास किया, लेकिन स्टाफ न मिलने के कारण अब तक यह चालू नहीं हो पाया।
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बिजनौर। धामपुर में मेरठ मेडिकल कॉलेज और टीएमयू मुरादाबाद जैसा कोविड अस्पताल जल्द काम करने लगेगा। ये अस्पताल धामपुर में पीपी मॉडल पर काम करेगा। शनिवार को डीएम के साथ आईएमए की हुई बैठक के दौरान बिजनौर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रकाश ने एक अच्छा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें कोई भवन उपलब्ध करा दे, तो वे 100 बेड का कोविड हॉस्पिटल बनाकर चलाने को तैयार हैं, जिसमें मेरठ मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं होंगी। इस अस्पताल में आने वाले मरीजों से सरकार द्वारा निर्धारित फीस ही ली जाएगी। इसके लिए डीएम ने सहमति दे दी है।
डॉ. प्रकाश के अनुसार वे शनिवार को इस भवन के निरीक्षण के लिए जाने वाले थे, लेकिन कुछ कारणों से नहीं पहुंच सके। इस काम के लिए वे रविवार को धामपुर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे उस अस्पताल को जल्दी चलाना चाहते हैं, जिससे जनपद में कोरोना के गंभीर बीमार रोगियों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि अस्पताल को चलाने के लिए जरूरी उपकरणों का प्रबंध किया जाना है। इसमें ऑक्सीजन की पाइपलाइन पूर्व में ही बिछाई जा चुकी है। अब केवल उसकी टेस्टिंग होनी है और वहां पर वेंटिलेटर आने बाकी हैं। उन्होंने तय किया है कि वे यह अस्पताल अधिकतम एक माह की समय अवधि में ही शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि ओवरफ्लो के बाद नदियां उल्टे बहनी शुरू हो जाती हैं। आजकल ऐसी ही हालत कोरोना संक्रमित मरीजों की हो गई है। वर्तमान में दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ आदि में अस्पताल पूरी तरह से भरे हैं। वहां पर बेड और ऑक्सीजन आदि जीवनदायिनी वस्तुओं की काफी किल्लत है। दिल्ली के मरीजों के परिजन अब मेरठ के अस्पतालों में बेड खोजने लगे हैं, जिससे कि उनके मरीजों की जान बच सके।
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नगीना-धामपुर मार्ग पर है भवन
धामपुर में नगीना रोड पर बनने वाला यह कोविड अस्पताल धामपुर से नगीना मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर दूर गांव चकशहजानी के पास स्थित है। एनएचएम के नोडल अधिकरी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि धामपुर के 100 बेड के इस अस्पताल के लिए उनके द्वारा काफी मेहनत की गई है। यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराया गया है। अस्पताल भवन पूरी तरह से ऑक्सीजन पाइप लाइनयुक्त है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से बिजली के कनेक्शन की व्यवस्था भी कराई गई है। यह भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे धामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में ये अस्पताल तैयार हुआ है। डीएम रमाकांत पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कई बार इस अस्पताल का निरीक्षण कर कोविड-19 अस्पताल के रूप में संचालित कराने का प्रयास किया, लेकिन स्टाफ न मिलने के कारण अब तक यह चालू नहीं हो पाया।
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