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Bijnor News: डेढ़ दशक बाद भी कोटरा माइनर चालू नहीं
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बिजनौर, धामपुर। डेढ़ दशक पहले करोड़ों की लागत से बनी कोटरा माइनर आज तक चालू नहीं हो पाई है। छह महीने पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर को गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले चालू कराने का भरोसा दिया था। जो अभी तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। किसानों में असंतोष पनप रहा है। माइनर को हरित क्रांति लाने के लिए उद्देश्य से तत्कालीन सरकार की ओर से निकाला गया था। माइनर की स्थिति आज भी जस की तस बनी है। इसका किसानों को काई लाभ नहीं मिल सका।
पूर्वी नहर खंड-6 नजीबाबाद की ओर से डेढ़ दशक पहले करोड़ों की लागत से कोटरा माइनर निकाली गई थी। माइनर धामपुर से होती हुई सैकड़ों गांव के जंगल से निकली। माइनर का उद्देश्य गिरते वाटर लेवल को नीचे गिरने से रोकना, किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए निशुल्क तौर पर पर्याप्त पानी की देने की व्यवस्था करना था। लेकिन आज तक कोई लाभ नहीं मिल सका। माइनर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर अवरोध है। विभाग के आग्रह के बाद भी यह अवरोध अभी तक खत्म कर माइनर को चालू कराने में सिस्टम पूरी तरह से फेल है।
- सरकार और किसानों के साथ धोखा
क्षेत्र के किसान चौधरी राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार किसानों को उम्मीद थी कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी अवरोधों को खत्म कर विभागीय अधिकारी माइनर को चालू करा देंगे। पर ऐसा न होने से यह किसानों और सरकार के दोनों के साथ धोखा है।
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- लागत बढ़ने से किसानों का खेती करना मुश्किल
किसान गजेंद्र का कहना है कि यह माइनर समय से चालू हो गई होती तो किसानों को काफी लाभ होता। किसान आर्थिक रूप से संपन्न होता। क्योंकि सरकार की ओर से नहरों से फसलों की सिंचाई फ्री है। जबकि अन्य संसाधनों से फसलों की सिंचाई करना महंगा सौदा हो गया है। महंगाई के कारण लागत बढ़ने से किसानों का खेती करना मुश्किल हो गया है।
- लोकसभा चुनाव के बाद आंदोलन का ऐलान
भाकियू टिकैट गुट के तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद 19 अप्रैल से संगठन की ओर से माइनर को चालू कराने के लिए आंदोलन तेज होगा। जब तक ऐसा नहीं होगा। किसानों की समस्याओं का निदान संभव नहीं है।
- जल्द चालू कराने का होगा प्रयास
पूर्वी नहर निर्माण खंड-6 नजीबाबाद के अधिशासी अभियंता त्रिलोकचंद लांबा का कहना है कि माइनर को चालू कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिन किसानों ने अवरोध कर रखे हैं उनकी जमीनों को नए सिरे से अधिग्रहण करने के लिए चार करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। जल्द चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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पूर्वी नहर खंड-6 नजीबाबाद की ओर से डेढ़ दशक पहले करोड़ों की लागत से कोटरा माइनर निकाली गई थी। माइनर धामपुर से होती हुई सैकड़ों गांव के जंगल से निकली। माइनर का उद्देश्य गिरते वाटर लेवल को नीचे गिरने से रोकना, किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए निशुल्क तौर पर पर्याप्त पानी की देने की व्यवस्था करना था। लेकिन आज तक कोई लाभ नहीं मिल सका। माइनर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर अवरोध है। विभाग के आग्रह के बाद भी यह अवरोध अभी तक खत्म कर माइनर को चालू कराने में सिस्टम पूरी तरह से फेल है।
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- सरकार और किसानों के साथ धोखा
क्षेत्र के किसान चौधरी राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार किसानों को उम्मीद थी कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी अवरोधों को खत्म कर विभागीय अधिकारी माइनर को चालू करा देंगे। पर ऐसा न होने से यह किसानों और सरकार के दोनों के साथ धोखा है।
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- लागत बढ़ने से किसानों का खेती करना मुश्किल
किसान गजेंद्र का कहना है कि यह माइनर समय से चालू हो गई होती तो किसानों को काफी लाभ होता। किसान आर्थिक रूप से संपन्न होता। क्योंकि सरकार की ओर से नहरों से फसलों की सिंचाई फ्री है। जबकि अन्य संसाधनों से फसलों की सिंचाई करना महंगा सौदा हो गया है। महंगाई के कारण लागत बढ़ने से किसानों का खेती करना मुश्किल हो गया है।
- लोकसभा चुनाव के बाद आंदोलन का ऐलान
भाकियू टिकैट गुट के तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद 19 अप्रैल से संगठन की ओर से माइनर को चालू कराने के लिए आंदोलन तेज होगा। जब तक ऐसा नहीं होगा। किसानों की समस्याओं का निदान संभव नहीं है।
- जल्द चालू कराने का होगा प्रयास
पूर्वी नहर निर्माण खंड-6 नजीबाबाद के अधिशासी अभियंता त्रिलोकचंद लांबा का कहना है कि माइनर को चालू कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिन किसानों ने अवरोध कर रखे हैं उनकी जमीनों को नए सिरे से अधिग्रहण करने के लिए चार करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। जल्द चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।