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किसान मजदूर सभा का धरना बिना निष्कर्ष के खत्म
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किसान मजदूर सभा का धरना बिना निष्कर्ष के खत्म
धामपुर। गांव कोपा, मंधौरा और धुराड़ा में गन्ना सेंटर लगाने की मांग को लेकर चल रहा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा का धरना मंगलवार को बिनर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे खत्म हो गया। चीनी मिल के अधिकारियों स्पष्ट कर दिया है कि वह संबंधित गांवों में तब तक गन्ना सेंटर नहीं लगाएंगे जब तक प्रशासन की ओर से मार्ग का निर्माण नहीं करा दिया जाता।
मंगलवार को जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह तहसील में आठ दिन से धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने डीसीओ को परेशानी से अवगत कराया। इसके बाद डीसीओ किसानों को लेकर धामपुर चीनी मिल पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता कराई। किसानों ने चीनी मिल के अधिकारियों से गांवों में गन्ना सेंटर लगवाने का दबाव बनाया। मिल अधिकारियों ने इसे सिरे से नकार दिया। चीनी मिल के गन्ना जीएम आजाद सिंह ने बताया कि चीनी मिल की ओर से इन गांवों का गन्ना खरीदने के लिए शेरकोट के पास नया सेंटर लगाया गया है। जब तक प्रशासन की ओर से खो नदी में बह गए मार्ग का निर्माण नहीं कराता, तब तक वह किसी भी हालत में इन गांवों में गन्ना सेंटर नहीं लगाएंगे। इन गांवों से शेरकोट तक का करीब 12 किमी मार्ग खराब है। ऐसी किसी भी हालत में गन्ना सेंटर नहीं लगा सकते। बताया कि इन गांवों के अधिकांश किसान वाहनों से लाकर स्थापित किए नए सेंटर पर गन्ना तौल करा रहे है। प्रतिदिन करीब तीन क्विंटल से ज्यादा गन्ने की तौल हो रही है। कुछ ही किसान है तो दिक्कत पैदा कर रहे है। चीनी मिल उन किसानों के चक्कर में आकर किसी प्रकार को जोखिम उठाने के पक्ष में नहीं है। उधर, धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता सुभाष चंद चौहान ने बताया कि डीसीओ के सामने चीनी मिल के अधिकारियों से उनकी मांगों को मान लिया गया है। वार्ता में डा. वीरेंद्र सैनी, निहाल, डा समेश, जयप्रकाश, बेगराज सिंह रहे।
मिल की ओर से लगे सेंटर पर आपूर्ति करें किसान
डीसीओ यशपाल सिंह का कहना है कि कच्चे मार्ग पर वाहनों को नहीं उतारा जा सकता। किसानों को सुझाव दिया गया कि वह गांवों से अपने संसाधनों से मिल की ओर से लगाए गए सेंटर पर तौल कराएं। ऐसा करने पर किसानों को भाड़ा दिया जाएगा।
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धामपुर। गांव कोपा, मंधौरा और धुराड़ा में गन्ना सेंटर लगाने की मांग को लेकर चल रहा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा का धरना मंगलवार को बिनर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे खत्म हो गया। चीनी मिल के अधिकारियों स्पष्ट कर दिया है कि वह संबंधित गांवों में तब तक गन्ना सेंटर नहीं लगाएंगे जब तक प्रशासन की ओर से मार्ग का निर्माण नहीं करा दिया जाता।
मंगलवार को जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह तहसील में आठ दिन से धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने डीसीओ को परेशानी से अवगत कराया। इसके बाद डीसीओ किसानों को लेकर धामपुर चीनी मिल पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता कराई। किसानों ने चीनी मिल के अधिकारियों से गांवों में गन्ना सेंटर लगवाने का दबाव बनाया। मिल अधिकारियों ने इसे सिरे से नकार दिया। चीनी मिल के गन्ना जीएम आजाद सिंह ने बताया कि चीनी मिल की ओर से इन गांवों का गन्ना खरीदने के लिए शेरकोट के पास नया सेंटर लगाया गया है। जब तक प्रशासन की ओर से खो नदी में बह गए मार्ग का निर्माण नहीं कराता, तब तक वह किसी भी हालत में इन गांवों में गन्ना सेंटर नहीं लगाएंगे। इन गांवों से शेरकोट तक का करीब 12 किमी मार्ग खराब है। ऐसी किसी भी हालत में गन्ना सेंटर नहीं लगा सकते। बताया कि इन गांवों के अधिकांश किसान वाहनों से लाकर स्थापित किए नए सेंटर पर गन्ना तौल करा रहे है। प्रतिदिन करीब तीन क्विंटल से ज्यादा गन्ने की तौल हो रही है। कुछ ही किसान है तो दिक्कत पैदा कर रहे है। चीनी मिल उन किसानों के चक्कर में आकर किसी प्रकार को जोखिम उठाने के पक्ष में नहीं है। उधर, धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता सुभाष चंद चौहान ने बताया कि डीसीओ के सामने चीनी मिल के अधिकारियों से उनकी मांगों को मान लिया गया है। वार्ता में डा. वीरेंद्र सैनी, निहाल, डा समेश, जयप्रकाश, बेगराज सिंह रहे।
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मिल की ओर से लगे सेंटर पर आपूर्ति करें किसान
डीसीओ यशपाल सिंह का कहना है कि कच्चे मार्ग पर वाहनों को नहीं उतारा जा सकता। किसानों को सुझाव दिया गया कि वह गांवों से अपने संसाधनों से मिल की ओर से लगाए गए सेंटर पर तौल कराएं। ऐसा करने पर किसानों को भाड़ा दिया जाएगा।
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