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खांडसारी इकाइयां दस से शुरू करेंगी पिराई
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खांडसारी इकाइयां दस से शुरू करेंगी पेराई
बिजनौर। बिजनौर परिक्षेत्र में चालू गन्ना पेराई सत्र में पिछले सत्र के मुकाबले अधिक खांडसारी इकाइयां चलेंगी। विभाग को 60 इकाइयों ने गन्ना पेराई शुरू करने की तारीखों की अधिकृत सूचना दे दी है। खांडसारी इकाइयां 10 अक्तूबर से पेराई शुरू कर देंगी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि बिजनौर परिक्षेत्र में बिजनौर, नजीबाबाद व नगीना तहसील आती हैं। दो साल पहले तक खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस लखनऊ से बनते थे। लाइसेंस बनने की प्रक्रिया जटिल थी। इसके चलते अनेक खांडसारी इकाइयां बंद हो गई थीं। शासन ने लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण किया। जिससे बंद हो गईं खांडसारी इकाइयां पुन: चलनी शुरू हो गई हैं। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि पेराई सत्र 2019-20 में 148 लाइसेंस वाली इकाइयां थीं। इनमें 59 इकाइयां चली थीं। साल 2020-21 में 187 इकाइयों के लाइसेंस हो गए, लेकिन इनमें 94 संचालित हुई थीं। पेराई सत्र 2021-22 में इनके लाइसेंस बढ़कर करीब 130-35 होने की संभावना है। अब तक 60 खांडसारी इकाइयों ने पेराई शुरू करने की तारीखों की सूचना दे दी है। खांडसारी इकाइयां 10 अक्टूबर से गन्ना पेराई शुरू कर देंगी तथा 25 अक्तूबर तक सभी इकाइयां चल जाएगी।
जिले का जैविक गुड़ विदेशों में होता है निर्यात
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि अधिकतर खांडसारी इकाइयां गुड़ बनाती हैं। अब तो जिले में जैविक गुड़ खूब बनने लगा है। बिजनौर, किरतपुर, नजीबाबाद क्षेत्र की कई इकाइयों का जैविक गुड़ विदेशों में निर्यात होता है। यहां के गुड़ की दिल्ली, राजस्थान, बिहार, गुजरात, पंजाब आदि राज्यों में जबरदस्त मांग है। खांडसारी इकाइयां पर बनी राब बिहार में बड़े पैमाने पर सप्लाई होती है।
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बिजनौर। बिजनौर परिक्षेत्र में चालू गन्ना पेराई सत्र में पिछले सत्र के मुकाबले अधिक खांडसारी इकाइयां चलेंगी। विभाग को 60 इकाइयों ने गन्ना पेराई शुरू करने की तारीखों की अधिकृत सूचना दे दी है। खांडसारी इकाइयां 10 अक्तूबर से पेराई शुरू कर देंगी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि बिजनौर परिक्षेत्र में बिजनौर, नजीबाबाद व नगीना तहसील आती हैं। दो साल पहले तक खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस लखनऊ से बनते थे। लाइसेंस बनने की प्रक्रिया जटिल थी। इसके चलते अनेक खांडसारी इकाइयां बंद हो गई थीं। शासन ने लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण किया। जिससे बंद हो गईं खांडसारी इकाइयां पुन: चलनी शुरू हो गई हैं। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि पेराई सत्र 2019-20 में 148 लाइसेंस वाली इकाइयां थीं। इनमें 59 इकाइयां चली थीं। साल 2020-21 में 187 इकाइयों के लाइसेंस हो गए, लेकिन इनमें 94 संचालित हुई थीं। पेराई सत्र 2021-22 में इनके लाइसेंस बढ़कर करीब 130-35 होने की संभावना है। अब तक 60 खांडसारी इकाइयों ने पेराई शुरू करने की तारीखों की सूचना दे दी है। खांडसारी इकाइयां 10 अक्टूबर से गन्ना पेराई शुरू कर देंगी तथा 25 अक्तूबर तक सभी इकाइयां चल जाएगी।
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जिले का जैविक गुड़ विदेशों में होता है निर्यात
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि अधिकतर खांडसारी इकाइयां गुड़ बनाती हैं। अब तो जिले में जैविक गुड़ खूब बनने लगा है। बिजनौर, किरतपुर, नजीबाबाद क्षेत्र की कई इकाइयों का जैविक गुड़ विदेशों में निर्यात होता है। यहां के गुड़ की दिल्ली, राजस्थान, बिहार, गुजरात, पंजाब आदि राज्यों में जबरदस्त मांग है। खांडसारी इकाइयां पर बनी राब बिहार में बड़े पैमाने पर सप्लाई होती है।
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