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कोर्ट में गोली चलते ही मची गई अफरा तफरी, जमा हो गई भीड़
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शूटर सुमित के कनेक्शन खंगाल रहे खाकी
बिजनौर। शामली जिले के गांव लिलौन निवासी सुमित शातिर शूटर है। शाहनवाज की हत्या में सुमित को पकड़ा गया है। पुलिस की पूछताछ में सुमित ने कई वारदातों के बारे में बताया, जिनमें एक वारदात बहावड़ी गांव के बिजेंद्र की हत्या की बताई है। बहावड़ी गांव के सागर मलिक पक्ष की बिजेंद्र पक्ष से अदावत बताई जाती है। चार साल पूर्व मुजफ्फरनगर स्थित कोर्ट में विक्की त्यागी की हत्या के मामले में सागर मलिक गिरफ्तार हुआ था। ठीक उसी अंदाज में बिजनौर में वारदात हुई है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शाहनवाज हत्याकांड में पकड़े गए सुमित का सागर मलिक से क्या कनेक्शन रहा है। यह भी पता किया जा रहा है कि सुमित ने हत्या की सुपारी ली, या फिर किसी बड़े बदमाश के इशारे पर वह हत्या की वारदात को अंजाम देने में शामिल हुआ।
दो लोगों की हत्या की फैली सूचना
बिजनौर। कोर्ट परिसर में जब वारदात हुई, तो यह चर्चा फैल गई कि दो लोगों की हत्या कर दी गई है। बाद में अफसरों ने पुष्टि कर बताया कि शाहनवाज की हत्या हुई है, जबकि उसका साथी जब्बार फरार हुआ है। काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा। हर तरफ पुलिस ही दिखाई दे रही थी। घंटों बाद तीनों आरोपियों को वहां से निकालकर थाने भेजा गया।
दिल्ली पुलिस के छह जवान लाए थे पेशी पर
बिजनौर। दिल्ली की तिहाड़ जेल से शाहनवाज व जब्बार को एएसआई हेतुराम के नेतृत्व में पेशी पर लाए गए थे। छह पुलिसकर्मियों की गारद उन्हें लेकर आई थी। दिल्ली पुलिस ने ही उन्हें कोर्ट में पेश किया था। दिल्ली पुलिस की कस्टडी से ही जब्बार फरार हुआ है। जब्बार के फरार होने से दिल्ली पुलिस परेशान रही। पुलिस ने जजी व आसपास जब्बार की काफी तलाश की पर उसका कोई पता नहीं चला।
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- बेटे को चिकित्सक बनाना चाहता था अहसान
बिजनौर। हाजी अहसान अपने बेटे साहिल को चिकित्सक बनाना चाहता था। इसी की वह तैयारी कर रहा था। अहसान की हत्या के बाद साहिल ने अपने पिता का बदला लेने की ठान ली। साहिल ने पुलिस को बताया कि अपने पिता अहसान की पिस्टलों से ही उसने साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया है। हत्या में इस्तेमाल पिस्टल उसके पिता के हैं।
- अहसान हत्याकांड में ये बने थे आरोपी
बिजनौर। कुख्यात बदमाश शाहनवाज पर हत्या सहित कई मामलों के 16 मुकदमे दर्ज हैं। हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या में शाहनवाज, जब्बार, गांव कनकपुर के दानिश, पठानपुरा निवासी खुर्शीद, आसिफ, गांव उब्बनवाला के इकरार, शाहनवाज के भाई शाह आलम, दानिश उर्फ सोनू, नगीना देहात थाने के टांडा माईदास निवासी अफजाल, मुशर्रफ कर पत्नी शबाना, शाहनवाज की पत्नी रूखसाना, जलालाबाद के मोहल्ला राहूखेड़ी निवासी दाऊद, किरतपुर के गांव मुस्सेपुर निवासी मुकीम, गांव उब्बनवाला निवासी दानिश, नजीबाबाद के गांव हीमपुर निवासी असलम, गांव कल्हेड़ी निवासी मुकर्रम व अलावलपुर नैनू निवासी इरशाद के नाम इस हत्या में आए थे। शाहनवाज के भाई शाह आलम, पत्नी रूखसाना व शबाना को छोड़कर बाकी सभी लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। ये तीनों पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।
- मां-बाप आए थे शाहनवाज से मिलने
बिजनौर। शाहनवाज की मंगलवार को पेशी के दौरान शाहनवाज के पिता अलीमुद्दीन व मां भी जजी परिसर में शाहनवाज से मिलने आए थे। वे दोनों भी कोर्ट के बाहर थे कि अचानक कोर्ट के अंदर गोली चली और बाद में इनको पता चला कि शाहनवाज की हत्या कर दी गई है। शाहनवाज के शव के साथ ये दोनों भी जिला अस्पताल पहुंच गए।
- हो सकती थी बड़ी घटना
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक सुमित, साहिल व अफराज ने पेशी पर आए बदमाश शाहनवाज की हत्या की है। गनीमत रही कि पुलिस ने तीनों को दबोच लिया वरना बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान कोर्ट में सीजेएम मौजूद थे। गोली चलते ही वे अपने कक्ष में चले गए। शाहनवाज की हत्या के पीछे किन लोगों का हाथ है इसका पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। अभी साहिल ने केवल इतना बताया है कि उसने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए शाहनवाज की हत्या की है। पिता के पिस्टल से ही वारदात को अंजाम दिया है।
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बिजनौर। शामली जिले के गांव लिलौन निवासी सुमित शातिर शूटर है। शाहनवाज की हत्या में सुमित को पकड़ा गया है। पुलिस की पूछताछ में सुमित ने कई वारदातों के बारे में बताया, जिनमें एक वारदात बहावड़ी गांव के बिजेंद्र की हत्या की बताई है। बहावड़ी गांव के सागर मलिक पक्ष की बिजेंद्र पक्ष से अदावत बताई जाती है। चार साल पूर्व मुजफ्फरनगर स्थित कोर्ट में विक्की त्यागी की हत्या के मामले में सागर मलिक गिरफ्तार हुआ था। ठीक उसी अंदाज में बिजनौर में वारदात हुई है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शाहनवाज हत्याकांड में पकड़े गए सुमित का सागर मलिक से क्या कनेक्शन रहा है। यह भी पता किया जा रहा है कि सुमित ने हत्या की सुपारी ली, या फिर किसी बड़े बदमाश के इशारे पर वह हत्या की वारदात को अंजाम देने में शामिल हुआ।
दो लोगों की हत्या की फैली सूचना
बिजनौर। कोर्ट परिसर में जब वारदात हुई, तो यह चर्चा फैल गई कि दो लोगों की हत्या कर दी गई है। बाद में अफसरों ने पुष्टि कर बताया कि शाहनवाज की हत्या हुई है, जबकि उसका साथी जब्बार फरार हुआ है। काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा। हर तरफ पुलिस ही दिखाई दे रही थी। घंटों बाद तीनों आरोपियों को वहां से निकालकर थाने भेजा गया।
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दिल्ली पुलिस के छह जवान लाए थे पेशी पर
बिजनौर। दिल्ली की तिहाड़ जेल से शाहनवाज व जब्बार को एएसआई हेतुराम के नेतृत्व में पेशी पर लाए गए थे। छह पुलिसकर्मियों की गारद उन्हें लेकर आई थी। दिल्ली पुलिस ने ही उन्हें कोर्ट में पेश किया था। दिल्ली पुलिस की कस्टडी से ही जब्बार फरार हुआ है। जब्बार के फरार होने से दिल्ली पुलिस परेशान रही। पुलिस ने जजी व आसपास जब्बार की काफी तलाश की पर उसका कोई पता नहीं चला।
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- बेटे को चिकित्सक बनाना चाहता था अहसान
बिजनौर। हाजी अहसान अपने बेटे साहिल को चिकित्सक बनाना चाहता था। इसी की वह तैयारी कर रहा था। अहसान की हत्या के बाद साहिल ने अपने पिता का बदला लेने की ठान ली। साहिल ने पुलिस को बताया कि अपने पिता अहसान की पिस्टलों से ही उसने साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया है। हत्या में इस्तेमाल पिस्टल उसके पिता के हैं।
- अहसान हत्याकांड में ये बने थे आरोपी
बिजनौर। कुख्यात बदमाश शाहनवाज पर हत्या सहित कई मामलों के 16 मुकदमे दर्ज हैं। हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या में शाहनवाज, जब्बार, गांव कनकपुर के दानिश, पठानपुरा निवासी खुर्शीद, आसिफ, गांव उब्बनवाला के इकरार, शाहनवाज के भाई शाह आलम, दानिश उर्फ सोनू, नगीना देहात थाने के टांडा माईदास निवासी अफजाल, मुशर्रफ कर पत्नी शबाना, शाहनवाज की पत्नी रूखसाना, जलालाबाद के मोहल्ला राहूखेड़ी निवासी दाऊद, किरतपुर के गांव मुस्सेपुर निवासी मुकीम, गांव उब्बनवाला निवासी दानिश, नजीबाबाद के गांव हीमपुर निवासी असलम, गांव कल्हेड़ी निवासी मुकर्रम व अलावलपुर नैनू निवासी इरशाद के नाम इस हत्या में आए थे। शाहनवाज के भाई शाह आलम, पत्नी रूखसाना व शबाना को छोड़कर बाकी सभी लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। ये तीनों पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।
- मां-बाप आए थे शाहनवाज से मिलने
बिजनौर। शाहनवाज की मंगलवार को पेशी के दौरान शाहनवाज के पिता अलीमुद्दीन व मां भी जजी परिसर में शाहनवाज से मिलने आए थे। वे दोनों भी कोर्ट के बाहर थे कि अचानक कोर्ट के अंदर गोली चली और बाद में इनको पता चला कि शाहनवाज की हत्या कर दी गई है। शाहनवाज के शव के साथ ये दोनों भी जिला अस्पताल पहुंच गए।
- हो सकती थी बड़ी घटना
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक सुमित, साहिल व अफराज ने पेशी पर आए बदमाश शाहनवाज की हत्या की है। गनीमत रही कि पुलिस ने तीनों को दबोच लिया वरना बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान कोर्ट में सीजेएम मौजूद थे। गोली चलते ही वे अपने कक्ष में चले गए। शाहनवाज की हत्या के पीछे किन लोगों का हाथ है इसका पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। अभी साहिल ने केवल इतना बताया है कि उसने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए शाहनवाज की हत्या की है। पिता के पिस्टल से ही वारदात को अंजाम दिया है।

बिजनौर में जजी में सीजेएम कोर्ट में गोली से घायल पुलिसकर्मी मनीष।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर हत्याकांड: बिजनौर में जजी में सीजेएम कोर्ट में शाहनवाज की हत्या के बाद उसके शव को देखती पु?- फोटो : BIJNOR

बिजनौर हत्याकांड: मृतक शाहनवाल का फाइल फोटो।- फोटो : BIJNOR

जिनौर में जजी में सीजेएम कोर्ट में शाहनवाज की हत्या के बाद कोर्ट के अंदर जांच करती पुलिस।- फोटो : BIJNOR

रजिनौर में जजी में सीजेएम कोर्ट शाहनवाज के शव को ले जाती पुलिस।- फोटो : BIJNOR