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मजलूमों की मदद करना है जिहाद : हामिद हसन
Sun, 09 Jun 2019 11:47 PM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 09 Jun 2019 11:47 PM IST
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जोगीरम्पुरी में मजलिस को खिताब करते मौलाना हामिद हसन।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर मौला-ए-कायनात और उनके साथियों की कुर्बानियों के जिक्र से गमगीन है। वाकयात-ए-करबला का जिक्र लोगों को जार-जार रोने, सीनाजनी करने के लिए विवश कर रहा है। अंजुमनों की ओर से एक के बाद एक मातमी जुलूस नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ बरामद किए जा रहे हैं।
जोगीरम्पुरी दरगाह के शम्सुल हसन हॉल से रविवार को भी मातमी मजलिसों का दौर जारी रहा। मौलाना हामिद हसन हुसैनपुरी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इस्लाम में जिहाद का मतलब आतंकवाद से नहीं बल्कि मजलूमों की मदद से है। इस्लाम ने हमेशा इंसानियत, अमन और भाईचारे का पैगाम दिया है। करबला की जंग के जरिए हजरत इमाम हुसैन और साथियों ने क्रूर बादशाह यजीद के जुल्मों के आगे घुटने न टेककर इस्लाम को बचाने के लिए अपनी कुर्बानियां दीं। नसीमुल हसन बाकरी के संचालन में रविवार को हुई मजलिसों को मौलाना शिको हैदर, शरर नकवी लखनऊ, मौलाना गजनफर अब्बास, मौलाना आजिम हुसैन, मौलाना मजाहिर हुसैन, मौलाना इकरार मेरठी, हमीदुल हसन, वसी असगर पाशा, हामिद मुर्तजा सहित अनेक उलमा ने अपने खिताब में इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने की हिदायत की। उधर दरगाह परिसर में मौला अली के रोजे के साथ दरगाह परिसर में बने रोजों की जियारत कर जायरीन मन्नते मांगने में मशगूल हैं।
मातमी जुलूस किए जा रहे बरामद
नजीबाबाद में मजलिसों के दौरान शिरकत करने आईं अनेक अंजुमनों के नेतृत्व में दरगाह परिसर में मातमी जुलूस बरामद करने का सिलसिला जारी है। अंजुमन दारूतुल अजा भनेड़ा सादात के सेक्रेट्री रजी हैदर नकवी, डॉ. आफताब नकवी, सादिक हसनैन, जमाल हैदर के नेतृत्व में मातमी जुलूस मर्सिया ख्वानी और नोहा ख्वानी के साथ बरामद किया गया। अंजुमन सोगवारे हुसैनी, लश्करे हुसैनी, अंजुमन-ए-हुसैनिया, अजाय हुसैनी, इरफाने रजा, अंजुमन अहले अमरोहा और हुसैनपुर की अंजुमन मातमी आयोजन के लिए दरगाह परिसर पहुंची हैं।
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अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने जायरीनों को किया खिताब
नजीबाबाद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैय्यद गयुरूल हसन रिजवी ने शम्सुल हसन हॉल से अपने खिताब में कहा कि जोगीरम्पुरी में मौला अली का रोजा उन लोगों के लिए जियारत का मुकद्दस स्थान है जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और ईरान जैसे मुल्कों में जाकर इबादत की अपनी दिली ख्वाइश पूरी नहीं कर पाते हैं। दरगाह कमेटी के प्रबंधक सय्यद कैसर अली बाकरी की उपस्थिति में हजारों जायरीनों को खिताब करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने अल्पसंख्यक हितों की केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने देशभर में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में 100 नवोदय विद्यालय खोले जाने की भी जानकारी दी। सैय्यद गयुरूल हसन नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से अब हज के लिए भारत से दोगुना लोग मक्का-मदीना जाते हैं।
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जोगीरम्पुरी दरगाह के शम्सुल हसन हॉल से रविवार को भी मातमी मजलिसों का दौर जारी रहा। मौलाना हामिद हसन हुसैनपुरी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इस्लाम में जिहाद का मतलब आतंकवाद से नहीं बल्कि मजलूमों की मदद से है। इस्लाम ने हमेशा इंसानियत, अमन और भाईचारे का पैगाम दिया है। करबला की जंग के जरिए हजरत इमाम हुसैन और साथियों ने क्रूर बादशाह यजीद के जुल्मों के आगे घुटने न टेककर इस्लाम को बचाने के लिए अपनी कुर्बानियां दीं। नसीमुल हसन बाकरी के संचालन में रविवार को हुई मजलिसों को मौलाना शिको हैदर, शरर नकवी लखनऊ, मौलाना गजनफर अब्बास, मौलाना आजिम हुसैन, मौलाना मजाहिर हुसैन, मौलाना इकरार मेरठी, हमीदुल हसन, वसी असगर पाशा, हामिद मुर्तजा सहित अनेक उलमा ने अपने खिताब में इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने की हिदायत की। उधर दरगाह परिसर में मौला अली के रोजे के साथ दरगाह परिसर में बने रोजों की जियारत कर जायरीन मन्नते मांगने में मशगूल हैं।
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मातमी जुलूस किए जा रहे बरामद
नजीबाबाद में मजलिसों के दौरान शिरकत करने आईं अनेक अंजुमनों के नेतृत्व में दरगाह परिसर में मातमी जुलूस बरामद करने का सिलसिला जारी है। अंजुमन दारूतुल अजा भनेड़ा सादात के सेक्रेट्री रजी हैदर नकवी, डॉ. आफताब नकवी, सादिक हसनैन, जमाल हैदर के नेतृत्व में मातमी जुलूस मर्सिया ख्वानी और नोहा ख्वानी के साथ बरामद किया गया। अंजुमन सोगवारे हुसैनी, लश्करे हुसैनी, अंजुमन-ए-हुसैनिया, अजाय हुसैनी, इरफाने रजा, अंजुमन अहले अमरोहा और हुसैनपुर की अंजुमन मातमी आयोजन के लिए दरगाह परिसर पहुंची हैं।
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अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने जायरीनों को किया खिताब
नजीबाबाद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैय्यद गयुरूल हसन रिजवी ने शम्सुल हसन हॉल से अपने खिताब में कहा कि जोगीरम्पुरी में मौला अली का रोजा उन लोगों के लिए जियारत का मुकद्दस स्थान है जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और ईरान जैसे मुल्कों में जाकर इबादत की अपनी दिली ख्वाइश पूरी नहीं कर पाते हैं। दरगाह कमेटी के प्रबंधक सय्यद कैसर अली बाकरी की उपस्थिति में हजारों जायरीनों को खिताब करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने अल्पसंख्यक हितों की केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने देशभर में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में 100 नवोदय विद्यालय खोले जाने की भी जानकारी दी। सैय्यद गयुरूल हसन नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से अब हज के लिए भारत से दोगुना लोग मक्का-मदीना जाते हैं।