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कोर्ट से जावेद आफताब की जमानत सशर्त मंजूर

Thu, 30 Jul 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 12:06 AM IST
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Javed Aftab's bail conditionally approved from court
बिजनौर में जावेद आफताब की जमानत होने के बाद अस्थाई जेल के बाहर तैनात पुलिस। - फोटो : BIJNOR
कोर्ट से जावेद आफताब की जमानत सशर्त मंजूर
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बिजनौर। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने अवैध पिस्टल, कारतूस व भड़काऊ पंफ्लेट की बरामदगी के प्रकरण में पूर्व चेयरमैन की कुछ शर्तों के साथ जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्त के अनुसार जावेद आफताब को प्रत्येक 15वें दिवस में थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य जावेद आफताब द्वारा नहीं किया जाएगा। वे पुलिस विवेचना में सहयोग करेंगे तथा कोर्ट या विवेचक द्वारा तलब करने पर उपस्थित होंगे।
पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब को 27 अगस्त की रात आठ बजे अलीगढ़ से हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने न्यायालय में बताया कि बिजनौर लाकर उनसे पूछताछ की और पुलिस उनके घर पहुंची तो घर की ऊपरी मंजिल के कब्जे से देशी पिस्टल 32 बोर की, उसके 80 कारतूस व 12 बोर के 82 कारतूस बरामद किए गए। वहां से भड़काऊ पंफ्लेट भी मिले। पुलिस द्वारा यह भी बताया गया कि जावेद आफताब द्वारा व्हाट्सग्रुप के माध्यम से चेट करके मैसेज आदान प्रदान किए गए और पीएफआई के सहयोग से भड़काऊ पंफ्लेट बांटे गए। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि बिजनौर शहर में 1990 में दंगा कराने में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब व उनके भाई का अहम रोल रहा है। तब उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई भी कई गई थी। 20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में भी प्रदर्शन में उनके खिलाफ सात एफआईआर कोतवाली शहर में दर्ज हैं और उन पर फरारी में इनाम घोषित है।
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इस मामले में जावेद आफताब की ओर से अधिवक्ता अनिल चौधरी व जिला बार अध्यक्ष एसके बबली की ओर से कहा गया कि जावेद आफताब को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से फंसाया गया है। उन पर दिखाई गई बरामदगी फर्जी है। कोर्ट में वार्ड नंबर दस के सभासद की ओर से जारी प्रमाण पत्र दाखिल किया गया। इसमें लिखा है कि आरोपी जावेद आफताब का मकान टूटा हुआ है। जिला बार एसोसिएशन की ओर से भी इस आशय का प्रमाण पत्र दाखिल किया गया कि पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब का मकान बुल्ला के चौराहे पर है और पूरी तरह खंडहर की स्थिति में है। उस मकान में उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता है। कोर्ट में जावेद आफताब की ओर से गंभीर बीमारी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट दाखिल की गई।
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कोर्ट से कहा गया कि जावेद आफताब की उम्र 70 वर्ष है और वे जिला बार के सदस्य हैं। जमानत मिलने पर जमानत के दुरुपयोग की संभावना नहीं हैं। सीजेएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद केस के तथ्य व परिस्थितियों को देखते हुए जावेद आफताब पर दर्ज दोनों केसों में उनकी जमानत सशर्त स्वीकार करते हुए उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो जमानती व इसी धनराशि का बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन व सदस्य बलवंत सिंह, जिला बार के उपाध्यक्ष जय सिंह, महासचिव नवदीप सिंह, जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार सिंह सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
सीएए के विरोध में हुए उपद्रव में नहीं मिली रिहाई
बिजनौर। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब की जमानत याचिका स्वीकार होने के बाद पुलिस ने अस्थायी जेल को घेर लिया। पुलिस इस फिराक में थी कि जमानत पर बाहर आने पर जावेद आफताब को फिर से गिरफ्तार किया जाए। इसका पता चलने पर अस्थायी जेल पर बड़ी संख्या में वकील पहुंच गए। काफी देर तक गहमा गहमी का माहौल रहा। अधिवक्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से बात की। सीएए के विरोध में दर्ज सात मुुकदमों में पुलिस ने सीजेएम कोर्ट से वारंट लेकर कारागार में दाखिल कर दिया। ताकि जावेद आफताब की रिहाई न हो सके। अब इस मामले में जावेद आफताब की बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेशी होगी। सीएए के मामले में दर्ज रिपोर्ट में जावेद आफताब की बृहस्पतिवार को फिर से जमानत याचिका दाखिल होगी।
जावेद पर रासुका लगाने की तैयारी
बिजनौर। बिजनौर में बकरीद पर दंगा भड़काने की साजिश में दबोचे गए जावेद आफताब टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल थे। पुलिस को उनकी साजिश की कई जगह से जानकारी मिल रही थी। तब पुलिस ने जावेद आफताब को दबोचने का जाल बिछाया। पुलिस ने जावेद आफताब पर रासुका लगाने की तैयारी कर ली है। बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी निवासी जावेद आफताब को पुलिस ने सोमवार शाम अलीगढ़ से दबोचा था। बिजनौर पुलिस जावेद आफताब को बिजनौर लाई। जावेद आफताब के घर से 32 बोर का एक अवैध पिस्टल, 80 कारतूस, 12 बोर के 82 कारतूूस, मुसलमानों को भड़काने के पंफ्लेट व अन्य सामग्री बरामद हुई थी। जावेद आफताब का मंगलवार को चालान कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक जावेद आफताब बिजनौर में 1990 में हुए दंगों में भी जेल जा चुके हैं। 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बिजनौर में उपद्रव कराने में भी जावेद आफताब का हाथ था। जावेद आफताब पर सात मुकदमे दर्ज हुए थे। उन पर 25 हजार रुपये का इनाम था पर वे पुलिस के हाथ नहीं आए थे।

पुलिस के मुताबिक 2013 में भी दंगा भड़काने की साजिश में जावेद आफताब के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में 2014 में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक जावेद आफताब अभी भी बकरीद पर बिजनौर में दंगा कराने की साजिश रच रहा था। इसके लिए लोगों को भड़काने में जुटा था। जावेद आफताब बिजनौर के टॉप टेन बदमाशों में शामिल है। जावेद आफताब पर रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है। 2013 में भी दंगा भड़काने की साजिश में जावेद आफताब के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। जावेद आफताब 1990 में बिजनौर में हुए दंगों में भी जेल जा चुका है। 1990 से लेकर अब तक उसके मंसूबों में कोई बदलाव नहीं आया है।
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