बिजनौर: पापा मेरे पास आ जाओ...और जेई ने कर ली खुदकुशी
हाथरस में रह रहे पिता को वीडियो कॉल के दौरान बेटे की मनोदशा पर शक हो गया था। उन्होंने 112 पर डायल कर पुलिस को सूचित किया था। पुलिस के पहुंचने से पहले जेई की मौत हो चुकी थी।
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पापा मेरे पास आ जाओ, हम आपकों को बुला रहे हैं ना, यहां आकर रहो...यह कहने के 20 मिनट बाद ही जल निगम के जेई ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने से पहले तीन घंटे तक जेई ने अपने पापा और परिवार वालों से वीडियो कॉलिंग कर बात की थी। दोस्तों से भी बात कर उन्हें अपने पास बुलाया। पिता को बेटे की मनोदशा पर शक हुआ तो उन्होंने बिजनौर पुलिस को सूचना दे दी। जब तक पुलिस घर पर पहुंची, फांसी पर लटके जेई की जान जा चुकी थी।
जनपद हाथरस के गांव नंगला दुर्जी के रहने वाले अलबेल सिंह (30) पुत्र रणवीर सिंह बिजनौर जल निगम में अवर अभियंता के पद पर तैनात थे। वे बिजनौर की अंबा विहार कॉलोनी में किराए पर रह रहे थे। मृतक जेई के पिता रणवीर सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम सात बजे से लेकर 10 बजे तक अलबेल ने वीडियो कॉलिंग कर उनसे बात की थी। घर के सभी लोगों से बात की।
परिवार से बात करने के दौरान काफी तनाव में थे जेई
रणवीर सिंह ने बताया कि उनके बेटे अलबेल ने कहा था कि पापा मेरे पास आ जाओ, यहां आकर रहो, हम आपको बुला रहे हैं ना। इसके बाद फोन कट गया। उन्होंने बताया कि वह काफी तनाव में दिख रहा था, जिसे देखकर वे परेशान हो गए। अनहोनी होने की आशंका पर रणवीर सिंह ने डायल 112 को फोन किया। पुलिस को पूरी बात बताई, जिसके बाद पुलिसकर्मी पते पर पहुंचे लेकिन, उनके पहुंचने से पहले ही जेई अलबेल फांसी लगा चुका था। उसका शव पंखे में बंधी रस्सी पर लगाए गए फंदे में लटका हुआ था।
बिना कार्रवाई के साथ ले गए शव
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। मृतक के परिवार वालों को सूचना दी गई। प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि घरेलू कलह के चलते जेई ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के ही शव को अपने साथ ले गए। एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जेई ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
दोस्तों और सहकर्मियों से भी की बात
आत्महत्या करने से पहले जेई ने अपने घर ही बात नहीं की बल्कि विभाग के साथियों को भी फोन किया। वहीं दोस्तों से भी बात कर अपने पास बुलाया था। लेकिन, यह अहसास किसी दोस्त को नहीं हुआ कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। बार-बार दोस्तों से कह रहा था कि मैं अकेला हूं, आ जाओ बैठ कर बातें करेंगे।
इसी सप्ताह लड़की देखने जाना था
जेई के घरवाले उसकी शादी तय कर रहे थे। इसी सप्ताह लड़की को देखने के लिए जेई को हाथरस जाना था। परिवार वालों को भी इन खुशी के लम्हों का बेसब्री से इंतजार था लेकिन, वह तो नहीं गया और उसका शव पहुंचा। परिवार की सारी खुशियां मातम में बदल गई।