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11 को ही रक्षाबंधन मनाना रहेगा शुभ
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11 को ही रक्षाबंधन मनाना रहेगा शुभ
बिजनौर। रक्षाबंधन का त्योहार पूर्णिमा तिथि में मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को है। इसलिए रक्षाबंधन मनाना 11 अगस्त में ही शुभ होगा। इस दिन बहन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन लेंगी। साथ ही भाइयों की लंबी उम्र की कामना करेंगी। सावन के समाप्त होते ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन स्नान करने के बाद देवताओं को प्रणाम करना चाहिए। राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व दिशा में होना चाहिए। दाएं हाथ की हथेली में पुष्प या अक्षत आदि रखकर राखी बांधनी चाहिए। सावन पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 39 मिनट से शुरू हो रही है। जो अगले दिन 12 अगस्त तक सुबह सात बजकर छह मिनट तक रहेगी। राखी बांधने के लिए श्रवण नक्षत्र का होना शुभ माना गया है, जो 11 अगस्त को सुबह छह बजकर 53 मिनट से शुरू होगा। रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया होने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन 11 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शुभ है। क्योंकि 12 अगस्त को सुबह सात बजकर छह मिनट पर पूर्णिमा समाप्त हो रही है। जिसके चलते रक्षाबंधन का पर्व मनाना शुभ नहीं है। इसके साथ ही 12 अगस्त को श्रवण नक्षत्र भी नहीं है।
राखी बांधना इस मुहूर्त में होगा शुभ
11 अगस्त को भी पूरे दिन राखी बांधना शुभ नहीं है। दोपहर एक बजकर 30 मिनट से तीन बजे तक राहु काल रहेगा। 10 बजकर 39 मिनट से लेकर डेढ़ बजे के पहले तक राखी बांधी जा सकती है। इसके बाद रात्रि आठ बजकर 53 मिनट से नौ बजकर 50 मिनट तक राखी बांधना शुभ रहेगा। सभी राशियों के लिए पीले रंग का तिलक और लाल रंग की रोली बहुत शुभ है। पीला रंग बृहस्पति का प्रतीक है, जबकि लाल रंग मंगल का प्रतीक है।
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बिजनौर। रक्षाबंधन का त्योहार पूर्णिमा तिथि में मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को है। इसलिए रक्षाबंधन मनाना 11 अगस्त में ही शुभ होगा। इस दिन बहन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन लेंगी। साथ ही भाइयों की लंबी उम्र की कामना करेंगी। सावन के समाप्त होते ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन स्नान करने के बाद देवताओं को प्रणाम करना चाहिए। राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व दिशा में होना चाहिए। दाएं हाथ की हथेली में पुष्प या अक्षत आदि रखकर राखी बांधनी चाहिए। सावन पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 39 मिनट से शुरू हो रही है। जो अगले दिन 12 अगस्त तक सुबह सात बजकर छह मिनट तक रहेगी। राखी बांधने के लिए श्रवण नक्षत्र का होना शुभ माना गया है, जो 11 अगस्त को सुबह छह बजकर 53 मिनट से शुरू होगा। रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया होने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन 11 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शुभ है। क्योंकि 12 अगस्त को सुबह सात बजकर छह मिनट पर पूर्णिमा समाप्त हो रही है। जिसके चलते रक्षाबंधन का पर्व मनाना शुभ नहीं है। इसके साथ ही 12 अगस्त को श्रवण नक्षत्र भी नहीं है।
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राखी बांधना इस मुहूर्त में होगा शुभ
11 अगस्त को भी पूरे दिन राखी बांधना शुभ नहीं है। दोपहर एक बजकर 30 मिनट से तीन बजे तक राहु काल रहेगा। 10 बजकर 39 मिनट से लेकर डेढ़ बजे के पहले तक राखी बांधी जा सकती है। इसके बाद रात्रि आठ बजकर 53 मिनट से नौ बजकर 50 मिनट तक राखी बांधना शुभ रहेगा। सभी राशियों के लिए पीले रंग का तिलक और लाल रंग की रोली बहुत शुभ है। पीला रंग बृहस्पति का प्रतीक है, जबकि लाल रंग मंगल का प्रतीक है।
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