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Bijnor News: भाई की चाह थी...मन्नत पूरी होने पर कांवड़ ला रहीं छह बहनें
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भाई की मन्नत पूरी होने पर कांवड़ लेकर नगीना से निकलती रामपुर की छह बहनें। संवाद
गौरव गोयल
नगीना । रामपुर निवासी राखी कश्यप और उसकी पांच बहनों ने बीते वर्ष रक्षाबंधन पर भगवान शिव से भाई के लिए प्रार्थना की थी। इस बार रक्षाबंधन से पहले ही उनके घर भाई ने जन्म लिया। मन्नत पूरी होने पर राखी समेत छह बहनें हरिद्वार से अलग-अलग कांवड़ लेकर जा रहीं हैं। वे 211 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
ये बहनें कांवड़ लेकर जब नगीना से निकलीं तो लोग देखते रह गए। राखी कश्यप ने बताया कि वह छह बहनों में सबसे बड़ी है। उनका कोई भाई नहीं होने का एहसास उन्हें हमेशा रक्षाबंधन पर होता था। पिछले वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर छोटी बहनें राधा, बबली, सोनी, अनन्या व सुमन बहुत ज्यादा भावुक हो गईं थीं। पिछले साल सभी बहनों ने भगवान भोलेनाथ से भाई की मन्नत मांगी तथा संकल्प लिया कि मन्नत पूरी होने पर सभी बहनें अलग-अलग खड़ी कांवड़ लाएंगी।
भावुक मन से उसने बताया कि भगवान आशुतोष ने एक साल के भीतर ही रक्षाबंधन से पहले उनकी प्रार्थना सुन ली। अब उनका एक माह का छोटा भाई है, जिसको वे इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधेंगी। उसने बताया कि उनकी इस यात्रा के दौरान उनके साथ मामा रामनाथ पूरी मदद कर रहे हैं। राखी ने बताया कि रास्ते की कठिनाइयों और थकान की परवाह किए बिना सभी बहनें एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहीं हैं। नगीना से अपने गंतव्य की तरफ जाते जब लोगों की नजर छह बहनों पर पड़ी तो हर किसी के चेहरे पर श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। सभी बहनों का कहना था कि यह यात्रा उनके लिए केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि भोलेनाथ के प्रति आस्था और पूरी हुई मनोकामना के प्रति कृतज्ञता है। उनका लक्ष्य अपने अराध्य भगवान शिव को गंगाजल अर्पित कर मन्नत पूरी करना है।
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डाक कांवड़ लेकर सड़कों पर दौड़ रहे शिवभक्त
फोटो मंडावली/नजीबाबाद। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था का सैलाब सड़कों पर नजर आ रहा है। बम-बम भोले के जयकारों के साथ शिवभक्त अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। डाक कांवड़ लेकर शिवभक्तों के जत्थे शिवरात्रि पर समय से शिव का जलाभिषेक करने के लिए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। छोटे बच्चे भी माता-पिता के साथ बिना थकान के कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। कोई 51 लीटर, कोई 101 लीटर तो कोई 121 लीटर गंगाजल कलशों में लेकर जा रहा है। बाइकों, कारों और अन्य वाहनों पर धार्मिक व राष्ट्र ध्वज लगाकर शिवभक्त जत्थे डाक कांवड़ लेकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए तेजी से बढ़ रहे हैं। संवाद
शिवभक्तों की सेवा के लिए लगाए शिविर
मंडावली। हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों की सेवार्थ मोटा महादेव प्राचीन मंदिर समेत कांवड़ यात्रा मार्ग पर समाज सेवियों की ओर से शिविर जारी हैं। ग्राम शेखूपुरा आलम निवासी पाल समाज की ओर से डॉ. सोमपाल, कुलदीप, नवीन पाल, मुकेश, विजेंद्र पाल चमन आदि ने शिवभक्तों को श्रद्धा पूर्वक प्रसाद वितरण किया।
जलालाबाद। नजीबाबाद कोतवाली मार्ग पर संगम पैलेस के निकट कांवड़ियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में नरेंद्र सिंह, पूनम देवी, शौर्य चौधरी, युवराज सिंह, दिव्या चौधरी, अनु, उत्तम सिंह का सहयोग रहा।
अफजलगढ़। भूतपुरी -जसपुर मार्ग पर परिलोक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाया। शिविर में खाने-पीने सहित ठहरने तथा विश्राम करने सहित दवाइयों की व्यवस्था की गई। शिविर के आयोजन में राजपाल सिंह, कपिल शर्मा, विजय भगत, उदयराज सिंह, कुलवंत सिंह आदि का सहयोग रहा।
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नगीना । रामपुर निवासी राखी कश्यप और उसकी पांच बहनों ने बीते वर्ष रक्षाबंधन पर भगवान शिव से भाई के लिए प्रार्थना की थी। इस बार रक्षाबंधन से पहले ही उनके घर भाई ने जन्म लिया। मन्नत पूरी होने पर राखी समेत छह बहनें हरिद्वार से अलग-अलग कांवड़ लेकर जा रहीं हैं। वे 211 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
ये बहनें कांवड़ लेकर जब नगीना से निकलीं तो लोग देखते रह गए। राखी कश्यप ने बताया कि वह छह बहनों में सबसे बड़ी है। उनका कोई भाई नहीं होने का एहसास उन्हें हमेशा रक्षाबंधन पर होता था। पिछले वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर छोटी बहनें राधा, बबली, सोनी, अनन्या व सुमन बहुत ज्यादा भावुक हो गईं थीं। पिछले साल सभी बहनों ने भगवान भोलेनाथ से भाई की मन्नत मांगी तथा संकल्प लिया कि मन्नत पूरी होने पर सभी बहनें अलग-अलग खड़ी कांवड़ लाएंगी।
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भावुक मन से उसने बताया कि भगवान आशुतोष ने एक साल के भीतर ही रक्षाबंधन से पहले उनकी प्रार्थना सुन ली। अब उनका एक माह का छोटा भाई है, जिसको वे इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधेंगी। उसने बताया कि उनकी इस यात्रा के दौरान उनके साथ मामा रामनाथ पूरी मदद कर रहे हैं। राखी ने बताया कि रास्ते की कठिनाइयों और थकान की परवाह किए बिना सभी बहनें एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहीं हैं। नगीना से अपने गंतव्य की तरफ जाते जब लोगों की नजर छह बहनों पर पड़ी तो हर किसी के चेहरे पर श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। सभी बहनों का कहना था कि यह यात्रा उनके लिए केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि भोलेनाथ के प्रति आस्था और पूरी हुई मनोकामना के प्रति कृतज्ञता है। उनका लक्ष्य अपने अराध्य भगवान शिव को गंगाजल अर्पित कर मन्नत पूरी करना है।
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डाक कांवड़ लेकर सड़कों पर दौड़ रहे शिवभक्त
फोटो मंडावली/नजीबाबाद। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था का सैलाब सड़कों पर नजर आ रहा है। बम-बम भोले के जयकारों के साथ शिवभक्त अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। डाक कांवड़ लेकर शिवभक्तों के जत्थे शिवरात्रि पर समय से शिव का जलाभिषेक करने के लिए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। छोटे बच्चे भी माता-पिता के साथ बिना थकान के कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। कोई 51 लीटर, कोई 101 लीटर तो कोई 121 लीटर गंगाजल कलशों में लेकर जा रहा है। बाइकों, कारों और अन्य वाहनों पर धार्मिक व राष्ट्र ध्वज लगाकर शिवभक्त जत्थे डाक कांवड़ लेकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए तेजी से बढ़ रहे हैं। संवाद
शिवभक्तों की सेवा के लिए लगाए शिविर
मंडावली। हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों की सेवार्थ मोटा महादेव प्राचीन मंदिर समेत कांवड़ यात्रा मार्ग पर समाज सेवियों की ओर से शिविर जारी हैं। ग्राम शेखूपुरा आलम निवासी पाल समाज की ओर से डॉ. सोमपाल, कुलदीप, नवीन पाल, मुकेश, विजेंद्र पाल चमन आदि ने शिवभक्तों को श्रद्धा पूर्वक प्रसाद वितरण किया।
जलालाबाद। नजीबाबाद कोतवाली मार्ग पर संगम पैलेस के निकट कांवड़ियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में नरेंद्र सिंह, पूनम देवी, शौर्य चौधरी, युवराज सिंह, दिव्या चौधरी, अनु, उत्तम सिंह का सहयोग रहा।
अफजलगढ़। भूतपुरी -जसपुर मार्ग पर परिलोक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाया। शिविर में खाने-पीने सहित ठहरने तथा विश्राम करने सहित दवाइयों की व्यवस्था की गई। शिविर के आयोजन में राजपाल सिंह, कपिल शर्मा, विजय भगत, उदयराज सिंह, कुलवंत सिंह आदि का सहयोग रहा।