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सात दिन में साढ़े तीन लाख कॉपियों की जांच बनी चुनौती

Thu, 28 Apr 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 12:03 AM IST
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Investigation of three and a half lakh copies in seven days became a challenge
सात दिन में साढ़े तीन लाख कॉपियों की जांच बनी चुनौती
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बिजनौर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुए पांच दिन हो गए हैं, लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों का टोटा बना है। जीव विज्ञान समेत कुछ विषयों के तो परीक्षक ढूंढे नहीं मिल रहे। मूल्यांकन चार मई तक पूरा होना है। इस अवधि में नवोदय प्रवेश परीक्षा सहित अन्य परीक्षा है। मूल्यांकन लक्ष्य की बात करें तो अगले सात दिन में साढ़े तीन लाख कॉपियों की जांच होनी है, जो चुनौती से कम नहीं है।
मूल्यांकन 23 अप्रैल से तीन केंद्रों पर चल रहा है। पांच लाख से अधिक उत्तर पुस्तिका जांची जानी है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार डेढ़ लाख से अधिक उत्तर पुस्तिका जंच गई है। अगले सात दिन में साढ़े तीन लाख से अधिक कापी जांचनी है। लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की कमी मूल्यांकन समय से पूरा होने में बाधक बनी है। यदि मूल्यांकन केंद्रों से आ रही खबरों की मानें तो मूल्यांकन केंद्रों पर जीव विज्ञान के परीक्षकों की सबसे अधिक कमी है। बताया कि हाईस्कूल विज्ञान के पेपर तीन भागों में बटा होता है। पहला भाग भौतिक विज्ञान, दूसरा भाग रसायन विज्ञान तथा तीसरा भाग जीव विज्ञान का होता है। विज्ञान की एक उत्तर पुस्तिका को दो परीक्षक जांचते हैं। भौतिक विज्ञान के सवालों का मूल्यांकन वह परीक्षक करता है जिसपर स्नातक में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा गणित विषय हों।
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बताया कि रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान भागों के सवालों को वह परीक्षक जांचता है, जिस पर स्नातक जूलोजी, बॉटनी तथा केमिस्ट्री विषय होते हैं। विद्यालयों में भौतिक विज्ञान भाग को जांचने वाले शिक्षक हैं, जबकि जीवविज्ञान शिक्षकों की कमी है। केंद्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार हाईस्कूल विज्ञान की करीब 40 हजार उत्तर पुस्तिकाएं जांची जानी हैं।
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काम अधिक और पारिश्रमिक कम
जीव विज्ञान शिक्षकों की मूल्यांकन में दिलचस्पी कम है। तर्क है कि जीव विज्ञान शिक्षकों को पेपर में दो भाग जांचने होते हैं, जबकि पीसीएम वाले परीक्षक केवल एक भाग जांचते हैं। जीव विज्ञान शिक्षकों को अधिक काम करना होता है, जबकि दोनों परीक्षकों को पारिश्रमिक समान मिलता है।
काम समय से पूरा होगा
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन से परीक्षकों की प्रतीक्षा सूची आ गई है। मूल्यांकन तय अवधि में ही पूरा होना है। व्यवस्था बनाई जा रही है।
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