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Bijnor News: वर्धमान कॉलेज में भर्ती मामले की जांच तेज, दस 10 को सुनवाई
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-एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में चल रही है मामले की जांच
-27 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में गड़बड़ी की हुई थी शिकायत
-कई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाया कॉलेज, अब 10 सितंबर को सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वर्धमान कॉलेज में 27 असिस्टेंट की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत हुई थी। इसकी जांच अब तेज हो गई है। मंगलवार को एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में गठित समिति ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत के आधार पर कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। कई दस्तावेज भी मांगे। कुछ दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने पर अब 10 सितंबर को दोबारा समिति दोनों पक्षों को सुनेगी।
वर्धमान कॉलेज में अस्सिटेंट प्रोफेसर भर्ती में गड़बड़ी की जांच को एडीएम प्रशासन विनय कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया गया था। इसमें क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली, सेवायोजन अधिकारी बिजनौर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिजनौर को सदस्य बनाया गया है। मंगलवार को समिति ने शिकायतकर्ता और कॉलेज प्रशासन को बुलाया था।
शिकायतकर्ता तो समिति के समक्ष नहीं पहुंचे, लेकिन कॉलेज प्रशासन और विभाग की ओर से कई सदस्य पहुंचे। समिति ने कॉलेज की ओर से पहुंचे सदस्यों से कई सवाल किए। साथ ही शिकायत के संबंध में कई दस्तावेज मांगे। इस दौरान कॉलेज की ओर से कुछ दस्तावेज दिए गए, जबकि कुछ दस्तावेज बाद में उपलब्ध कराने की बात कही।
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इस पर समिति ने दोबारा 10 सितंबर इस मामले में सुनवाई के लिए तय कर दी। उधर इस मामले में प्रशासन को इसी संबंध में कई और शिकायत भी मिलनी शुरू हो गई है। इसमें शहर निवासी रजनीश कौशिक ने भी ऐसे ही आरोप लगाते हुए प्रशासन को पत्र भेजा है।
ये था पूरा मामला
दिल्ली निवासी मोहम्मद सरवी अल्वी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि वर्धमान कॉलेज में 27 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली गई थी।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाए की इस भर्ती में मैनेजमेंट और सिलेक्शन कमेटी ने अपने रिश्तेदारों का चयन कर लिया। मैनेजमेंट से जुड़े कुछ लोगों के रिश्तेदारों के नाम भी शिकायती पत्र में दिए गए। शिकायत के बाद शासन ने इस मामले की जांच प्रशासन को सौंप दी थी।
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आज इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाया गया। जांच में कॉलेज की ओर से कुछ दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसलिए उन्हें समय दिया गया। अब 10 सितंबर को दोबारा इस मामले को सुना जाएगा।
....विनय कुमार, एडीएम प्रशासन
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-27 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में गड़बड़ी की हुई थी शिकायत
-कई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाया कॉलेज, अब 10 सितंबर को सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वर्धमान कॉलेज में 27 असिस्टेंट की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत हुई थी। इसकी जांच अब तेज हो गई है। मंगलवार को एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में गठित समिति ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत के आधार पर कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। कई दस्तावेज भी मांगे। कुछ दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने पर अब 10 सितंबर को दोबारा समिति दोनों पक्षों को सुनेगी।
वर्धमान कॉलेज में अस्सिटेंट प्रोफेसर भर्ती में गड़बड़ी की जांच को एडीएम प्रशासन विनय कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया गया था। इसमें क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली, सेवायोजन अधिकारी बिजनौर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिजनौर को सदस्य बनाया गया है। मंगलवार को समिति ने शिकायतकर्ता और कॉलेज प्रशासन को बुलाया था।
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शिकायतकर्ता तो समिति के समक्ष नहीं पहुंचे, लेकिन कॉलेज प्रशासन और विभाग की ओर से कई सदस्य पहुंचे। समिति ने कॉलेज की ओर से पहुंचे सदस्यों से कई सवाल किए। साथ ही शिकायत के संबंध में कई दस्तावेज मांगे। इस दौरान कॉलेज की ओर से कुछ दस्तावेज दिए गए, जबकि कुछ दस्तावेज बाद में उपलब्ध कराने की बात कही।
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इस पर समिति ने दोबारा 10 सितंबर इस मामले में सुनवाई के लिए तय कर दी। उधर इस मामले में प्रशासन को इसी संबंध में कई और शिकायत भी मिलनी शुरू हो गई है। इसमें शहर निवासी रजनीश कौशिक ने भी ऐसे ही आरोप लगाते हुए प्रशासन को पत्र भेजा है।
ये था पूरा मामला
दिल्ली निवासी मोहम्मद सरवी अल्वी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि वर्धमान कॉलेज में 27 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली गई थी।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाए की इस भर्ती में मैनेजमेंट और सिलेक्शन कमेटी ने अपने रिश्तेदारों का चयन कर लिया। मैनेजमेंट से जुड़े कुछ लोगों के रिश्तेदारों के नाम भी शिकायती पत्र में दिए गए। शिकायत के बाद शासन ने इस मामले की जांच प्रशासन को सौंप दी थी।
आज इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाया गया। जांच में कॉलेज की ओर से कुछ दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसलिए उन्हें समय दिया गया। अब 10 सितंबर को दोबारा इस मामले को सुना जाएगा।
....विनय कुमार, एडीएम प्रशासन