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मानव तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार
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बिजनौर में पकड़े मानव तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य।
- फोटो : BIJNOR
मानव तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार
बिजनौर। पुलिस ने बृहस्पतिवार को अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर मानव तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से झारखंड से लाए गए 12 किशोरों सहित 24 लोगों को मुक्त कराया हैं। चार साल पहले जिले में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) खोली गई थी, जिसे दो साल पहले थाने का दर्जा दिया गया। थाने बनने के बाद जिले में मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी की धाराओं में यह पहला केस दर्ज हुआ है।
थाना एएचटीयू और बाल संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की और मानव तस्करी में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार व महिंद्रा पिक-अप गाड़ी, आरोपियों के पास से 49 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में तीन झारखंड के जिला चतरा के थाना लावलौंग के गांव लमटा निवासी दयाराम साहू उर्फ जयकुमार और हरेंद्र कुमार, इसी जिले के गांव लोटवा थाना कुंडा निवासी अजय कुमार यादव शामिल हैं। इनके साथ बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुबैना निवासी सतेंद्र कुमार त्यागी, अतुल त्यागी व शोभित त्यागी, मोहल्ला सईद नगर नूरपुर निवासी कपिल त्यागी को भी गिरफ्तार किया गया है। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि झारखंड से 12 किशोर और 12 व्यस्क लोगों को तस्करी कर बिजनौर लाया जा रहा था। जिनकी खरीद फरोख्त कर बाल श्रम कराया जाता। सभी को बंधनमुक्त करा लिया है।
गरीब परिवारों के बच्चों को नौकरी का झांसा देकर लाते
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे सभी आपस में पहले से ही परिचित हैं। झारखंड के रहने वाले तीनों आरोपी बिजनौर आते-जाते रहते थे और झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को पैसों का लालच व नौकरी दिलाने का झांसा देकर बिजनौर लेकर आते थे। गिरोह के सदस्य बिजनौर में इन्हें ईंट-भट्टा मालिकों, किसानों और साहूकारों को सौंप देते थे।
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बिजनौर। पुलिस ने बृहस्पतिवार को अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर मानव तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से झारखंड से लाए गए 12 किशोरों सहित 24 लोगों को मुक्त कराया हैं। चार साल पहले जिले में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) खोली गई थी, जिसे दो साल पहले थाने का दर्जा दिया गया। थाने बनने के बाद जिले में मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी की धाराओं में यह पहला केस दर्ज हुआ है।
थाना एएचटीयू और बाल संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की और मानव तस्करी में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार व महिंद्रा पिक-अप गाड़ी, आरोपियों के पास से 49 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में तीन झारखंड के जिला चतरा के थाना लावलौंग के गांव लमटा निवासी दयाराम साहू उर्फ जयकुमार और हरेंद्र कुमार, इसी जिले के गांव लोटवा थाना कुंडा निवासी अजय कुमार यादव शामिल हैं। इनके साथ बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुबैना निवासी सतेंद्र कुमार त्यागी, अतुल त्यागी व शोभित त्यागी, मोहल्ला सईद नगर नूरपुर निवासी कपिल त्यागी को भी गिरफ्तार किया गया है। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि झारखंड से 12 किशोर और 12 व्यस्क लोगों को तस्करी कर बिजनौर लाया जा रहा था। जिनकी खरीद फरोख्त कर बाल श्रम कराया जाता। सभी को बंधनमुक्त करा लिया है।
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गरीब परिवारों के बच्चों को नौकरी का झांसा देकर लाते
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे सभी आपस में पहले से ही परिचित हैं। झारखंड के रहने वाले तीनों आरोपी बिजनौर आते-जाते रहते थे और झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को पैसों का लालच व नौकरी दिलाने का झांसा देकर बिजनौर लेकर आते थे। गिरोह के सदस्य बिजनौर में इन्हें ईंट-भट्टा मालिकों, किसानों और साहूकारों को सौंप देते थे।
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