{"_id":"5f5fba538ebc3e57c6499920","slug":"india-is-the-biggest-defender-of-democracy-in-the-world-bijnor-news-mrt501352045","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय लोकतंत्र विविधता मे एकता दर्शाने वाला लोकतंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय लोकतंत्र विविधता मे एकता दर्शाने वाला लोकतंत्र
विज्ञापन
ा.अमित कुमार।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘भारत विश्व मे लोकतंत्र का सबसे बड़ा रक्षक’
बिजनौर। भारतीय लोकतंत्र ‘विविधता में एकता’ दर्शाने वाला लोकतंत्र है। भारत लोकतांत्रिक परंपराओं को कायम रखकर विश्व में विकास के नया मॉडल बनकर उभरा है। राजनीति शास्त्र के शिक्षाविदों का मानना है कि देश के राजनीतिज्ञों के चाल चरित्र में सुधार आने पर भारतीय लोकतंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। भारत वैचारिक भिन्नता के बावजूद राष्ट्रीय सद्भाव व एकता की मिसाल है। राजनीति शास्त्र के जानकारों की भारतीय लोकतंत्र की खूबियों को लेकर अपनी अपनी राय दी है।
आरएसएम स्नातकोत्तर कालेज धामपुर में एसोसिएट प्रोफेसर डा. अमित कुमार सिंह का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र ने सामाजिक लोकतंत्र लाने में बड़ा काम किया है। विचारों की स्वतंत्रतापूर्वक व मौलिक अभिव्यक्ति का अधिकार भारत के अलावा किसी देश में नहीं है।
साहु जैन कालेज नजीबाबाद में राजनीति विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर डा. कुसुम कुशवाहा ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों का लोकतंत्र 200-250 साल पुराना है। भारतीय लोकतंत्र 70 साल में परिपक्वता में उनके समकक्ष पहुंच गया है। भारतीय लोकतंत्र विश्व का सफल लोकतंत्र है।
विज्ञापन
वर्धमान कालेज बिजनौर में राजनीति विज्ञान के अध्यक्ष डा.जे के विश्वकर्मा का कहना है कि भारत के लोकतंत्र में आत्मनिर्णय का अधिकार है।
गुलाब सिंह हिंदू डिग्री कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा.दिनेश कुमार का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र में जनता की स्वतंत्र सहभागिता है।
विज्ञापन
बिजनौर। भारतीय लोकतंत्र ‘विविधता में एकता’ दर्शाने वाला लोकतंत्र है। भारत लोकतांत्रिक परंपराओं को कायम रखकर विश्व में विकास के नया मॉडल बनकर उभरा है। राजनीति शास्त्र के शिक्षाविदों का मानना है कि देश के राजनीतिज्ञों के चाल चरित्र में सुधार आने पर भारतीय लोकतंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। भारत वैचारिक भिन्नता के बावजूद राष्ट्रीय सद्भाव व एकता की मिसाल है। राजनीति शास्त्र के जानकारों की भारतीय लोकतंत्र की खूबियों को लेकर अपनी अपनी राय दी है।
आरएसएम स्नातकोत्तर कालेज धामपुर में एसोसिएट प्रोफेसर डा. अमित कुमार सिंह का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र ने सामाजिक लोकतंत्र लाने में बड़ा काम किया है। विचारों की स्वतंत्रतापूर्वक व मौलिक अभिव्यक्ति का अधिकार भारत के अलावा किसी देश में नहीं है।
विज्ञापन
साहु जैन कालेज नजीबाबाद में राजनीति विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर डा. कुसुम कुशवाहा ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों का लोकतंत्र 200-250 साल पुराना है। भारतीय लोकतंत्र 70 साल में परिपक्वता में उनके समकक्ष पहुंच गया है। भारतीय लोकतंत्र विश्व का सफल लोकतंत्र है।
विज्ञापन
वर्धमान कालेज बिजनौर में राजनीति विज्ञान के अध्यक्ष डा.जे के विश्वकर्मा का कहना है कि भारत के लोकतंत्र में आत्मनिर्णय का अधिकार है।
गुलाब सिंह हिंदू डिग्री कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा.दिनेश कुमार का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र में जनता की स्वतंत्र सहभागिता है।

डा.कुसुम कुशवाहा।- फोटो : BIJNOR

डा.जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा।- फोटो : BIJNOR

डा.दिनेश कुमार।- फोटो : BIJNOR