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आर्थिक तंगी में शिक्षामित्र ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Sat, 10 Sep 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 12:30 AM IST
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In financial crisis, Shikshamitra committed suicide by jumping in front of a train.
चांदपुर में ट्रेन की चपेट में आकर मरने वाले शिक्षामित्र कौशल सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : BIJNOR
आर्थिक तंगी में शिक्षामित्र ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
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चांदपुर (बिजनौर)। गांव मिर्जापुर बेला निवासी शिक्षामित्र कौशल सिंह (45) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने सरकार की नीतियों से नाराजगी जताते हुए जान देने की बात लिखी है। पुलिस सुसाइड नोट मिलने से इनकार कर रही है।
यह सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। कौशल सिह करीब 15 साल से गांव मिर्जापुर बेला के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्य कर रहे थे और शुक्रवार की सुबह घर से स्कूल के लिए निकले थे। बाद में उनका शव हरपुर रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। उनके बड़े भाई थम्मन सिंह ने बताया कि कौशल के पास से एक पेपर मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मोदी-योगी की दोहरी नीति के कारण 10 हजार रुपये के मानदेय से गुजर बसर नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि वह इससे परेशान थे और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सुसाइड नोट में भी यही बातें लिखी हुई हैं। एसपी देहात रामअर्ज का कहना है कि रेलवे से मीमो आया था। उसके बाद चांदपुर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस से पहले जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंची थी। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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वेतन घटने के बाद से ही तनाव में रहता था शिक्षामित्र
चांदपुर। कौशल सिंह के तीन छोटे बच्चों में बड़ा लड़का करीब दस वर्ष, बेटी आठ वर्ष और छोटा बेटा करीब पांच वर्ष का है। कौशल को मानदेय के रूप में दस हजार रुपये महीना मिलते थे, जिसमें परिवार का खर्च नहीं चलता था। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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कौशल के रिश्तेदार पंकज कुमार ने बताया कि कौशल शुक्रवार की सुबह रोज की तरह घर से स्कूल के लिए निकले थे। शासन ने शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में मान्यता दे दी थी और उसके बाद उन्हें करीब 40-45 हजार रुपये मासिक वेतन मिलने लगा था। लेकिन पुन: शिक्षामित्र बना दिए जाने पर मानदेय के रूप में मात्र दस हजार रुपये मासिक मिलने लगा था। जिससे परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा था। वेतन बहुत अधिक घट जाने के बाद से ही वह तनाव में रहने लगे थे। संवाद
मृतक शिक्षामित्र की पत्नी को नौकरी और मुआवजा देने की मांग
शिक्षामित्र शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षामित्र कलक्ट्रेट पहुंचे, वहां मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने कौशल सिंह की पत्नी को उनके स्थान पर नौकरी देने और 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की।
वक्ताओं ने शिक्षामित्रों की आर्थिक एवं मानसिक स्थिति को देखते हुए स्थायी समाधान करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संजीव चौधरी, दीपक राजपूत, अजयपाल सिंह, अनुज राणा, बृजपाल सिंह अरशद आदि उपस्थित रहे।

शिक्षामित्र की मौत की सूचना पर अनेक शिक्षामित्र बीआरसी पर एकत्र हुए। बाद में अनेक शिक्षामित्रों ने घर पहुंचकर दु:ख प्रकट किया और उनके परिवार को सांत्वना दी। इस मौके पर शिक्षामित्र संगठन के प्रांतीय प्रभारी सौरभ चौधरी, प्रांतीय उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र देशवाल, सुधीर चौहान, सत्यपाल सिंह, नवीनकुमार, नफीस अहमद, शफीक अहमद, गिरीश कुमार, महेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। संवाद
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