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Bijnor News: कांशीराम काॅलोनी में 75 आवासों में मिला अवैध कब्जा
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बिजनौर। गरीबों के लिए बने आवासों में लोग अवैध रूप से रह रहे हैं जबकि, मूल आवंटी अपने निजी आवास में रहते हैं। इसका खुलासा मंगलवार को डूडा विभाग, प्रशासन और नगरपालिका की संयुक्त जांच में हुआ। सदर तहसील के पास स्थित कांशीराम कॉलोनी के 20 ब्लॉकों में 240 आवासों की जांच की गई। इनमें से 75 आवास में अवैध रूप से लोग रहते हुए मिले। अब प्रशासन इन आवासों को खाली कराने की तैयारी में लगा है।
कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कांशीराम कॉलोनी में आवास आवंटित किए गए थे। आवास आवंटन की लगातार शिकायत हो रही थी। इसके बाद मंगलवार को डूडा विभाग, नगर पालिका, और तहसील विभाग की संयुक्त टीम ने कॉलोनी में आवंटन की जांच की। जांच में सामने आया कि आवंटित तमाम आवास में अवैध रूप से लोग रह रहे हैं। कुछ में किराएदार रह रहे हैं तो कुछ लोग दूसरों से आवास खरीद करके अवैध रूप से रह रहे हैं। वहीं, जांच के दौरान कुछ आवास कई साल से बंद पड़े नजर आए। जो आवास बंद थे, उन आवासों को कुछ लोगों ने जबरन अपने कब्जे में ले रखा है।
जांच में डूडा मैनेजर पीके सैनी, राजस्व निरीक्षक सुभाष कुमार, लेखपाल महेंद्र पाल, मुकेश पाल, जगदीश सैनी, गोपाल कुमार, नगर पालिका जेई गौरव शर्मा, सफाई इंस्पेक्टर गोविंद चौधरी, लाइट इंचार्ज निपेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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-- इससे ज्यादा अवैध रूप से रहने वाले लोगों की संख्या
कांशीराम कॉलोनी के आवंटी अपने-अपने पुराने पैतृक मकानों में निवास कर रहे हैं। जबकि उन्होंने किराए पर कांशीराम कॉलोनी का आवास दे दिया। जांच में ये भी सामने आया कि अवैध रूप से रहने वाले लोगों की संख्या 75 से भी अधिक है। साथ ही कुछ लोगों ने अपने-अपने पैतृक और निजी खरीदे गए प्लाॅट पर प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ लिया है। जबकि शहरी योजना में दोबारा लाभ नहीं मिल सकता है।
-- वर्जन :
कांशीराम कॉलोनी में आवंटियों के स्थान पर अवैध रूप से लोगों के रहने की कई शिकायत प्राप्त हुई। इसी को लेकर टीम ने जांच की। जांच में 75 से ज्यादा लोग अवैध रूप रहते मिले हैं। अभी जांच चल रही है, अवैध रूप से रहने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। - पीके सैनी, मैनेजर डूडा, बिजनौर
-- कांशीराम कॉलोनी में अवैध रूप से रहने वालों की शिकायत मिल रही थी। इसकी जांच कराई गई है। अभी रिपोर्ट मेरे पास नहीं आई। रिपोर्ट आने के बाद इन आवासों से कब्जे हटवाकर पात्र लोगों को आवंटित किए जाएंगे। -जसजीत कौर, डीएम बिजनौर
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कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कांशीराम कॉलोनी में आवास आवंटित किए गए थे। आवास आवंटन की लगातार शिकायत हो रही थी। इसके बाद मंगलवार को डूडा विभाग, नगर पालिका, और तहसील विभाग की संयुक्त टीम ने कॉलोनी में आवंटन की जांच की। जांच में सामने आया कि आवंटित तमाम आवास में अवैध रूप से लोग रह रहे हैं। कुछ में किराएदार रह रहे हैं तो कुछ लोग दूसरों से आवास खरीद करके अवैध रूप से रह रहे हैं। वहीं, जांच के दौरान कुछ आवास कई साल से बंद पड़े नजर आए। जो आवास बंद थे, उन आवासों को कुछ लोगों ने जबरन अपने कब्जे में ले रखा है।
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जांच में डूडा मैनेजर पीके सैनी, राजस्व निरीक्षक सुभाष कुमार, लेखपाल महेंद्र पाल, मुकेश पाल, जगदीश सैनी, गोपाल कुमार, नगर पालिका जेई गौरव शर्मा, सफाई इंस्पेक्टर गोविंद चौधरी, लाइट इंचार्ज निपेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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कांशीराम कॉलोनी के आवंटी अपने-अपने पुराने पैतृक मकानों में निवास कर रहे हैं। जबकि उन्होंने किराए पर कांशीराम कॉलोनी का आवास दे दिया। जांच में ये भी सामने आया कि अवैध रूप से रहने वाले लोगों की संख्या 75 से भी अधिक है। साथ ही कुछ लोगों ने अपने-अपने पैतृक और निजी खरीदे गए प्लाॅट पर प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ लिया है। जबकि शहरी योजना में दोबारा लाभ नहीं मिल सकता है।
कांशीराम कॉलोनी में आवंटियों के स्थान पर अवैध रूप से लोगों के रहने की कई शिकायत प्राप्त हुई। इसी को लेकर टीम ने जांच की। जांच में 75 से ज्यादा लोग अवैध रूप रहते मिले हैं। अभी जांच चल रही है, अवैध रूप से रहने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। - पीके सैनी, मैनेजर डूडा, बिजनौर