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अवैध होर्डिंग्स:::वाहन चालकों की भटक रही नजर, हादसों का बना है खतरा
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बिजनौर। हादसों पर लगाम लगाने के लिए अक्सर यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। मगर हादसों के लिए हमेशा वाहन चालकों की लापरवाही ही कारण नहीं बनती है, इसमें कहीं ना कहीं अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल भी नजर भटकाते हैं। शहर से लेकर जिले की तमाम सड़कों पर प्रचार की खातिर यातायात के नियमों की अनदेखी की जा रही है।
बिजनौर-हरिद्वार रोड पर शहर से निकलते ही मंडावर रोड पर चक्कर चौराहा आता है। इस चौराहे पर होर्डिंग्स का आलम ये है कि चारों सड़कों पर सटाकर होर्डिंग्स और यूनिपोल लगा गए हैं। हालांकि नियम है कि किसी भी चौराहे से पचास मीटर दूर तक कोई भी प्रचार का होर्डिंग्स या यूनिपोल नहीं लगाया जा सकता है। पचास मीटर का नियम भी इसलिए रखा गया है ताकि अन्य सड़कों से चौराहे की तरफ बढ़ रहे वाहन नजर आ सके। अब चौराहों पर होर्डिंग्स बिलकुल सटाकर लगा दिए गए हैं। ऐसे में वाहन चालकों की नजर दूसरी ओर से आने वाले वाहन पर नहीं पड़ पाएगी। साथ ही होर्डिंग्स पर लगी प्रचार सामग्री को देखने में नजर भी भटक सकती है। ऐसे में हादसा होने का खतरा ज्यादा रहेगा।
फल-फूल रहा अवैध होर्डिंग्स का व्यापार, जिम्मेदार मौन
शहर में कोई चौक या चौराहा ऐसा नहीं है, जहां होर्डिंग्स ना लगे हों। कई बार होर्डिंग व यूनिपोल हादसों का सबब भी बन जाते हैं। शहरों में होर्डिंग का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, शैक्षिक संस्थाओं, निजी नर्सिंग होम, राजनीतिक दलों का प्रचार इन्हीं होर्डिंग के जरिए किया जाता है। उधर जिम्मेदार अफसर मौन हैं और सड़कों के किनारे होर्डिंग्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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शहर में होर्डिंग्स को लेकर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। नियमानुसार लगे होर्डिंग्स ही लगे रहेंगे, बाकी को उतरवाया जाएगा। पालिका की सीमा से बाहर लगे होर्डिंग्स को लेकर लोनिवि और एनएच से पत्राचार किया जा रहा है। ...विकास कुमार, ईओ पालिका बिजनौर
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बिजनौर-हरिद्वार रोड पर शहर से निकलते ही मंडावर रोड पर चक्कर चौराहा आता है। इस चौराहे पर होर्डिंग्स का आलम ये है कि चारों सड़कों पर सटाकर होर्डिंग्स और यूनिपोल लगा गए हैं। हालांकि नियम है कि किसी भी चौराहे से पचास मीटर दूर तक कोई भी प्रचार का होर्डिंग्स या यूनिपोल नहीं लगाया जा सकता है। पचास मीटर का नियम भी इसलिए रखा गया है ताकि अन्य सड़कों से चौराहे की तरफ बढ़ रहे वाहन नजर आ सके। अब चौराहों पर होर्डिंग्स बिलकुल सटाकर लगा दिए गए हैं। ऐसे में वाहन चालकों की नजर दूसरी ओर से आने वाले वाहन पर नहीं पड़ पाएगी। साथ ही होर्डिंग्स पर लगी प्रचार सामग्री को देखने में नजर भी भटक सकती है। ऐसे में हादसा होने का खतरा ज्यादा रहेगा।
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फल-फूल रहा अवैध होर्डिंग्स का व्यापार, जिम्मेदार मौन
शहर में कोई चौक या चौराहा ऐसा नहीं है, जहां होर्डिंग्स ना लगे हों। कई बार होर्डिंग व यूनिपोल हादसों का सबब भी बन जाते हैं। शहरों में होर्डिंग का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, शैक्षिक संस्थाओं, निजी नर्सिंग होम, राजनीतिक दलों का प्रचार इन्हीं होर्डिंग के जरिए किया जाता है। उधर जिम्मेदार अफसर मौन हैं और सड़कों के किनारे होर्डिंग्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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शहर में होर्डिंग्स को लेकर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। नियमानुसार लगे होर्डिंग्स ही लगे रहेंगे, बाकी को उतरवाया जाएगा। पालिका की सीमा से बाहर लगे होर्डिंग्स को लेकर लोनिवि और एनएच से पत्राचार किया जा रहा है। ...विकास कुमार, ईओ पालिका बिजनौर